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Iran: अमेरिका के विदेशी सहायता में कटौती करने से ईरान खुश, उदारवादियों को सता रहा इस बात का डर
Wed, 05 Feb 2025 11:59 AM IST
नितिन गौतम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, तेहरान
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, तेहरान
Published by: नितिन गौतम
Updated Wed, 05 Feb 2025 11:59 AM IST
सार
ईरान की सरकार ने संकेत दिए हैं कि वे ट्रंप से बातचीत के लिए तैयार हैं। पिछले हफ्ते जिनेवा में संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद की बैठक के दौरान अमेरिका ने इस्लामिक गणराज्य की सीधी आलोचना करने से परहेज किया, इससे भी ईरान की सरकार उत्साहित है।
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डोनाल्ड ट्रंप
- फोटो : पीटीआई
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विस्तार
अमेरिका में ट्रंप प्रशासन ने USAID एजेंसी के जरिए दुनियाभर में दी जाने वाली आर्थिक मदद रोक दी है। ट्रंप सरकार के इस फैसले का पूरी दुनिया में असर पड़ा है। वहीं ईरान की सरकार ने इस पर खुशी जताई है। ईरानी मीडिया के अनुसार, अमेरिका के विदेशी फंडिंग रोकने के फैसले से ईरान में रूढिवादी सरकार के विरोधियों और उदारवादियों को मिलने वाली फंडिंग भी प्रभावित होगी। गौरतलब है कि अमेरिका की सरकार दुनियाभर में लोकतंत्र को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न माध्यमों से आर्थिक मदद करती है। वहीं ट्रंप के विदेशी मदद रोकने के फैसले पर ईरान के उदारवादियों ने चिंता जताई है। तेहरान की एक उदारवादी महिला ने ट्रंप के फैसले पर चिंता जताते हुए कहा कि इससे ईरान में कट्टरपंथियों को बढ़ावा मिलेगा और ईरान में आजादी चाहने वाले लोगों को अमेरिका की कम मदद मिलेगी।
ईरान में नागरिक समाज और लोकतंत्र समर्थकों को मिलता है अमेरिकी फंडिंग का फायदा
ईरान के मीडिया का भी मानना है कि अमेरिका द्वारा विदेशी फंडिंग रोकने से पूरी दुनिया में सत्ता विरोधियों को मिलने वाली मदद प्रभावित होगी। ईरान में अमेरिका का विदेश विभाग नागरिक समाज को मदद करता है, जिसे नियर ईस्ट रीजनल डेमोक्रेसी फंड (नर्ड) के जरिए आर्थिक मदद दी जाती है। ईरान में अमेरिका द्वारा मीडिया, सामाजिक कार्यकर्ताओं को भी फंडिंग दिए जाने का दावा किया जाता है ताकि ईरान में मानवाधिकार उल्लंघन की खबरें दुनिया के सामने आती रहें। ट्रंप के राष्ट्रपति चुने जाने के बाद ईरान के कई उदारवादियों को खुशी हुई होगी, लेकिन अब उनके ताजा फैसले से उन्हें मायूसी होना तय है। उल्लेखनीय है कि ट्रंप का ईरान के प्रति रुख सख्त रहा है और उनके पिछले कार्यकाल के दौरान ही अमेरिका में ड्रोन हमला कर ईरान के शीर्ष सैन्य अधिकारी को ढेर कर दिया था। साथ ही ट्रंप ने ही ईरान के साथ परमाणु समझौते को रद्द कर दिया था।
ट्रंप से बातचीत के लिए तैयार ईरान
ईरान की सरकार ने संकेत दिए हैं कि वे ट्रंप से बातचीत के लिए तैयार हैं। पिछले हफ्ते जिनेवा में संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद की बैठक के दौरान अमेरिका ने इस्लामिक गणराज्य की सीधी आलोचना करने से परहेज किया, इससे भी ईरान की सरकार उत्साहित है। ईरान में बैठे लोगों को लग रहा है कि इसका मतलब ये हो सकता है कि ट्रंप बातचीत के लिए तैयार हैं। पिछले साल ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई ने भी अमेरिका के साथ बातचीत का रास्ता खुला होने की बात कही थी। हालांकि अभी तक अमेरिका और ईरान के बीच बैठक को लेकर कोई बात नहीं हुई है। मंगलवार को ट्रंप ने भी कहा कि वे ईरान के साथ बातचीत के लिए तैयार हैं।
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ईरान में नागरिक समाज और लोकतंत्र समर्थकों को मिलता है अमेरिकी फंडिंग का फायदा
ईरान के मीडिया का भी मानना है कि अमेरिका द्वारा विदेशी फंडिंग रोकने से पूरी दुनिया में सत्ता विरोधियों को मिलने वाली मदद प्रभावित होगी। ईरान में अमेरिका का विदेश विभाग नागरिक समाज को मदद करता है, जिसे नियर ईस्ट रीजनल डेमोक्रेसी फंड (नर्ड) के जरिए आर्थिक मदद दी जाती है। ईरान में अमेरिका द्वारा मीडिया, सामाजिक कार्यकर्ताओं को भी फंडिंग दिए जाने का दावा किया जाता है ताकि ईरान में मानवाधिकार उल्लंघन की खबरें दुनिया के सामने आती रहें। ट्रंप के राष्ट्रपति चुने जाने के बाद ईरान के कई उदारवादियों को खुशी हुई होगी, लेकिन अब उनके ताजा फैसले से उन्हें मायूसी होना तय है। उल्लेखनीय है कि ट्रंप का ईरान के प्रति रुख सख्त रहा है और उनके पिछले कार्यकाल के दौरान ही अमेरिका में ड्रोन हमला कर ईरान के शीर्ष सैन्य अधिकारी को ढेर कर दिया था। साथ ही ट्रंप ने ही ईरान के साथ परमाणु समझौते को रद्द कर दिया था।
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ट्रंप से बातचीत के लिए तैयार ईरान
ईरान की सरकार ने संकेत दिए हैं कि वे ट्रंप से बातचीत के लिए तैयार हैं। पिछले हफ्ते जिनेवा में संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद की बैठक के दौरान अमेरिका ने इस्लामिक गणराज्य की सीधी आलोचना करने से परहेज किया, इससे भी ईरान की सरकार उत्साहित है। ईरान में बैठे लोगों को लग रहा है कि इसका मतलब ये हो सकता है कि ट्रंप बातचीत के लिए तैयार हैं। पिछले साल ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई ने भी अमेरिका के साथ बातचीत का रास्ता खुला होने की बात कही थी। हालांकि अभी तक अमेरिका और ईरान के बीच बैठक को लेकर कोई बात नहीं हुई है। मंगलवार को ट्रंप ने भी कहा कि वे ईरान के साथ बातचीत के लिए तैयार हैं।
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