Kash Patel: ईरानी हैकर्स का दावा- FBI प्रमुख के ईमेल में लगाई सेंध; काश पटेल के कई निजी दस्तावेज किए साझा
ईरान से जुड़े हैकर्स की ओर से एफबीआई निदेशक के निजी ईमेल में सेंध लगाने का दावा अमेरिका के लिए गंभीर चिंता की वजह है। इस घटना से साइबर हमलों के बढ़ते खतरे और महत्वपूर्ण सरकारी अधिकारियों की व्यक्तिगत जानकारी की सुरक्षा को लेकर किए जा रहे दावों पर सवालिया निशान लगता है। न्याय विभाग की ओर से सामग्री की प्रामाणिकता की पुष्टि ने इस मामले की गंभीरता को और बढ़ा दिया है।
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हंडला हैक टीम ने कहा है कि काश पटेल अब सफलतापूर्वक हैक किए गए पीड़ितों की सूची में अपना नाम पाएंगे। न्याय विभाग के एक अधिकारी ने पटेल के ईमेल में सेंध लगने की पुष्टि की है। अधिकारी ने कहा कि ऑनलाइन प्रकाशित सामग्री प्रामाणिक नजर आती है। हालांकि, एफबीआई ने तत्काल टिप्पणी के लिए अनुरोध का जवाब नहीं दिया और हैकर्स ने भी संदेशों का जवाब नहीं दिया।
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न्याय विभाग ने काश पटेल की ईमेल हैक होने पर लगाई मुहर
यहां चौंकाने वाली बात यह है कि हंडला जिस निजी जीमेल पते तक पहुंचने का दावा कर रहा है, वह डार्क वेब इंटेलिजेंस फर्म डिस्ट्रिक्ट 4 लैब्स द्वारा संरक्षित पिछले डेटा उल्लंघनों में काश पटेल से जुड़े पते से मेल खाता है। रॉयटर्स की ओर से समीक्षा जाने के बाद पता चला है कि सामग्री के एक नमूने में 2010 से 2019 तक की व्यक्तिगत और कार्य संबंधी पत्राचार का मिश्रण दिखाई देता है।
Handala hacker group claims FBI chief Kash Patel was HACKED
— RT (@RT_com) March 27, 2026
Posts alleged 'top secret security clearance — awkward close-ups and unflattering shots of the FBI Director
'The so-called impenetrable systems of the FBI were brought to their knees within hours by our team' pic.twitter.com/t6of1BcWAq
कौन है हंडला हैक टीम?
हंडला खुद को फलस्तीन समर्थक सतर्क हैकर समूह बताता है। इस समूह को पश्चिमी शोधकर्ताओं द्वारा ईरानी सरकारी साइबरइंटेलिजेंस इकाइयों द्वारा उपयोग किए जाने वाले कई छद्म नामों में से एक माना जाता है। हाल ही में इस समूह ने 11 मार्च को मिशिगन स्थित चिकित्सा उपकरणों और सेवाओं प्रदाता स्ट्राइकर को हैक करने की जिम्मेदारी ली थी। समूह ने दावा किया था कि उसने कंपनी के डेटा का एक बड़ा भंडार हटा दिया था।
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