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खाड़ी में तनाव, यूरेनियम हथियार से ईरान बस एक कदम दूर
Tue, 18 Jun 2019 06:21 AM IST
Avdhesh Kumar
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
Published by: Avdhesh Kumar
Updated Tue, 18 Jun 2019 06:21 AM IST
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अमेरिका के साथ एटमी करार पर बढ़ते तनाव के बीच ईरान अब यूरेनियम हथियार बनाने से अब महज एक कदम दूर है। ईरान परमाणु ऊर्जा संगठन के मुताबिक ईरान ने यूरेनियम संवर्द्धन की रफ्तार को चार गुणा बढ़ा दिया है। संगठन के प्रवक्ता बेहरूज कमालवंडी ने सोमवार को बताया कि ईरान निमभन गुणवत्ता वाले 300 किलो यूरेनियम की सीमा को अगले 10 दिनों में 27 जून तक पार कर जाएगा।
कमालवंडी ने बताया कि इसके बाद संभवत: देश की जरूरत के आधार पर यूरेनियम संवर्द्धन की गति और बढ़ाई जाएगी। उन्होंने कहा कि यूरेनियम हथियार बनाने की राह पर ईरान अब बस एक कदम दूर है। इसके लिए उसे महज 20 फीसदी संवर्द्धन की जरूरत है। गौरतलब है कि ईरान ने पिछले माह ही एटमी करार का पालन करने से इनकार कर दिया था।
ईरान की यह घोषणा इस बात का संकेत है कि ईरान 2015 के करार के अनुसार अपने उस संकल्प को तोड़ेगा जो पिछले साल ट्रंप द्वारा अमेरिका को करार से बाहर निकालने और ईरान पर सख्त आर्थिक प्रतिबंधों को लागू करने के बाद से लगातार अप्रभावित है।
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दुनिया में परमाणु हथियारों की संख्या पिछले एक साल में कम जरूर हुए हैं लेकिन कुछ कम और नए एटमी हथियार बढ़े हैं। स्टॉकहोम अंतरराष्ट्रीय शांति शोध संस्थान (सीपरी) की सोमवार को जारी एक रिपोर्ट में यह दावा किया गया है। रिपोर्ट में कहा गया कि हालात पर नियंत्रण हैं लेकिन महाशक्तियां अपने शस्त्र भंडार को समृद्ध कर रहे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिका, रूस, ब्रिटेन, चीन, भारत, पाकिस्तान, इजरायल और उत्तर कोरिया के पास करीब 13,865 परमाणु हथियार है। 2018 की तुलना में यह 600 हथियार कम है। इसमें कुल हथियारों का 90 फीसदी अकेले रूस और अमेरिका के पास है।
ओमान सागर में तेल के दो टैंकरों पर हुए हमले के बाद खाड़ी क्षेत्र मेुं बढ़े तनाव के बीच कच्चे तेल के दाम बढ़ गए हैं। सोमवार को कच्चे तेल की कीमतों में 0.4 फीसदी की वृद्धि हुई। फिलहाल तेल की कीमत 62.27 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर है। इस बीच अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पियो ने कहा कि अमेरिका तेल की सुरक्षित आवाजाही के लिए जरूरी कदम उठाएगा।
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कमालवंडी ने बताया कि इसके बाद संभवत: देश की जरूरत के आधार पर यूरेनियम संवर्द्धन की गति और बढ़ाई जाएगी। उन्होंने कहा कि यूरेनियम हथियार बनाने की राह पर ईरान अब बस एक कदम दूर है। इसके लिए उसे महज 20 फीसदी संवर्द्धन की जरूरत है। गौरतलब है कि ईरान ने पिछले माह ही एटमी करार का पालन करने से इनकार कर दिया था।
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2015 के संकल्प तोड़ेगा ईरान
ईरान की यह घोषणा इस बात का संकेत है कि ईरान 2015 के करार के अनुसार अपने उस संकल्प को तोड़ेगा जो पिछले साल ट्रंप द्वारा अमेरिका को करार से बाहर निकालने और ईरान पर सख्त आर्थिक प्रतिबंधों को लागू करने के बाद से लगातार अप्रभावित है।
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कम लेकिन नए एटमी हथियार बढ़े: रिपोर्ट
दुनिया में परमाणु हथियारों की संख्या पिछले एक साल में कम जरूर हुए हैं लेकिन कुछ कम और नए एटमी हथियार बढ़े हैं। स्टॉकहोम अंतरराष्ट्रीय शांति शोध संस्थान (सीपरी) की सोमवार को जारी एक रिपोर्ट में यह दावा किया गया है। रिपोर्ट में कहा गया कि हालात पर नियंत्रण हैं लेकिन महाशक्तियां अपने शस्त्र भंडार को समृद्ध कर रहे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिका, रूस, ब्रिटेन, चीन, भारत, पाकिस्तान, इजरायल और उत्तर कोरिया के पास करीब 13,865 परमाणु हथियार है। 2018 की तुलना में यह 600 हथियार कम है। इसमें कुल हथियारों का 90 फीसदी अकेले रूस और अमेरिका के पास है।
खाड़ी क्षेत्र में तनाव के बीच कच्चे तेल के दाम बढ़े
ओमान सागर में तेल के दो टैंकरों पर हुए हमले के बाद खाड़ी क्षेत्र मेुं बढ़े तनाव के बीच कच्चे तेल के दाम बढ़ गए हैं। सोमवार को कच्चे तेल की कीमतों में 0.4 फीसदी की वृद्धि हुई। फिलहाल तेल की कीमत 62.27 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर है। इस बीच अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पियो ने कहा कि अमेरिका तेल की सुरक्षित आवाजाही के लिए जरूरी कदम उठाएगा।