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Iran: जनवरी में हुए विरोध प्रदर्शन में शामिल तीन लोगों को दी गई फांसी, पुलिस अधिकारियों की हत्या का था आरोप
Thu, 19 Mar 2026 12:57 PM IST
Asmita Tripathi
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
Published by: Asmita Tripathi
Updated Thu, 19 Mar 2026 12:57 PM IST
सार
ईरान में जनवरी में विरोध प्रदर्शन हुआ था। अब इस में शामिल तीन लोगों को फांसी दी गई है। इन पर पुलिस अधिकारियों की हत्या का आरोप था।
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ईरान
- फोटो : Adobestock
विस्तार
ईरान की सरकार ने अंतरराष्ट्रीय दबाव और अपीलों को दरकिनार करते हुए 19 साल के नेशनल चैंपियन पहलवान सालेह मोहम्मदी को फांसी दे दी है। सालेह पर सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शनों में शामिल होने का आरोप था। ईरान के न्यायिक विभाग ने अमेरिका और दुनिया भर के दिग्गज पहलवानों की उन अपीलों को अनसुना कर दिया, जिनमें सालेह की जान बख्शने की मांग की गई थी।
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पुलिस की हत्या का आरोप
सालेह मोहम्मदी के साथ दो अन्य युवाओं, मेहदी कासमी और सईद दाऊदी को भी कोम (Qom) शहर की जेल में फांसी दी गई। ईरानी मीडिया के अनुसार, इन तीनों पर जनवरी में हुए प्रदर्शनों के दौरान दो पुलिस अधिकारियों की हत्या का आरोप था। प्रशासन ने दावा किया कि इन लोगों ने 'ईश्वर के खिलाफ युद्ध' छेड़ा और वे इस्राइल व अमेरिका के इशारे पर काम कर रहे थे। हालांकि, मानवाधिकार कार्यकर्ताओं ने इन आरोपों को पूरी तरह गलत बताया है।
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कार्यकर्ताओं का कहना है कि यह मुकदमा पूरी तरह एक दिखावा था। सालेह को अपना वकील चुनने का अधिकार नहीं मिला और बंद कमरे में सुनवाई हुई। रिपोर्ट्स के मुताबिक, सालेह को बुरी तरह प्रताड़ित किया गया और उनसे जबरन जुर्म कबूल करवाया गया। मानवाधिकार कार्यकर्ता निमा फार ने इसे राजनीतिक हत्या करार दिया है। उन्होंने कहा कि ईरान की सरकार खिलाड़ियों को निशाना बनाकर समाज में डर पैदा करना चाहती है।
अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने जताई चिंता
अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने भी इस मामले पर गहरी चिंता जताई थी। मंत्रालय ने कहा था कि ईरान की सरकार अपने ही युवाओं का कत्लेआम कर रही है और देश का भविष्य बर्बाद कर रही है। अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति (आईओसी) और यूनाइटेड वर्ल्ड रेसलिंग (यूडब्ल्यूडब्ल्यू) से भी इस मामले में कड़ा रुख अपनाने की मांग की गई थी और कहा गया कि इन संस्थाओं को ईरान पर तुरंत प्रतिबंध लगाना चाहिए था।
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सालेह मोहम्मदी कौन थे?
सालेह मोहम्मदी एक होनहार खिलाड़ी थे। उन्होंने सितंबर 2024 में रूस में हुई एक अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में ब्रोंज मेडल जीता था। उनकी फांसी के बाद सोशल मीडिया पर उनके कुश्ती के वीडियो साझा किए जा रहे हैं। मानवाधिकार संगठनों का कहना है कि जब तक ईरान प्रदर्शनकारियों और खिलाड़ियों को फांसी देना बंद नहीं करता, तब तक उसे अंतरराष्ट्रीय खेलों से बाहर कर देना चाहिए।
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