{"_id":"6a454a620ec397f614009fce","slug":"ins-sudarshini-lokayan-26-new-york-sail250-indian-navy-2026-07-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"Lokayan 26: 'लोकायन-26' के तहत न्यूयॉर्क रवाना हुआ आईएनएस सुदर्शिनी, भारत की विरासत का देगा संदेश","category":{"title":"World","title_hn":"दुनिया","slug":"world"}}
Lokayan 26: 'लोकायन-26' के तहत न्यूयॉर्क रवाना हुआ आईएनएस सुदर्शिनी, भारत की विरासत का देगा संदेश
Wed, 01 Jul 2026 10:42 PM IST
Devesh Tripathi
आईएएनएस, वॉशिंगटन
आईएएनएस, वॉशिंगटन
Published by: Devesh Tripathi
Updated Wed, 01 Jul 2026 10:42 PM IST
सार
भारतीय नौसेना का टॉल शिप आईएनएस सुदर्शिनी अपने विशेष अभियान 'लोकायन-26' के तहत न्यूयॉर्क के लिए रवाना हो गया है, जहां वह अंतरराष्ट्रीय समुद्री आयोजनों में भारत का प्रतिनिधित्व करेगा। इस अभियान का उद्देश्य भारत की समृद्ध समुद्री परंपरा को वैश्विक मंच पर प्रदर्शित करने के साथ-साथ मित्र देशों के साथ नौसैनिक सहयोग और सद्भाव को मजबूत करना है।
विज्ञापन
आईएनएस सुदर्शिनी
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स/IANS
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
भारतीय नौसेना का जहाज आईएनएस सुदर्शिनी बुधवार को न्यूयॉर्क के लिए रवाना हो गया। यह वहां सेल-फोर्थ टू-हंड्रेड-फिफ्टी न्यूयॉर्क और सेल बोस्टन कार्यक्रमों में हिस्सा लेगा। इस यात्रा के जरिए भारत समुद्री सहयोग के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को फिर से मजबूत कर रहा है और अपनी समृद्ध समुद्री विरासत को दुनिया के सामने पेश कर रहा है।
भारतीय नौसेना ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, "अगला पड़ाव न्यूयॉर्क। समुद्री यात्रा की पुरानी परंपरा और भारत की समृद्ध समुद्री विरासत को आगे बढ़ाते हुए आईएनएस सुदर्शिनी न्यूयॉर्क के लिए रवाना हो गया है। यह सेल-फोर्थ टू-हंड्रेड-फिफ्टी न्यूयॉर्क और सेल बोस्टन कार्यक्रमों में हिस्सा लेगा। यह यात्रा देशों के बीच दोस्ती, सहयोग, सद्भावना और आपसी भरोसे के लिए भारत की मजबूत प्रतिबद्धता को दिखाती है।"
बाल्टीमोर बंदरगाह में किन कार्यक्रमों में शामिल हुआ आईएनएस सुदर्शिनी?
इससे पहले आईएनएस सुदर्शिनी ने बाल्टीमोर बंदरगाह पर अपने ठहराव के दौरान कई अहम कार्यक्रमों में हिस्सा लिया। इस दौरान अमेरिका में भारत के राजदूत विनय मोहन क्वात्रा और मैरीलैंड की लेफ्टिनेंट गवर्नर अरुणा मिलर जहाज पर आए। जहाज के चालक दल ने बाल्टीमोर सिटी परेड में भी हिस्सा लिया।
विज्ञापन
भारतीय नौसेना ने 'एक्स' पर लिखा, "अटलांटिक के पार समुद्री रिश्तों को मजबूत करते हुए। बाल्टीमोर में अपने प्रवास के दौरान भारतीय नौसेना के टॉल शिप आईएनएस सुदर्शिनी ने कई महत्वपूर्ण कार्यक्रमों में भाग लिया। जहाज पर भारत के राजदूत विनय मोहन क्वात्रा और मैरीलैंड की लेफ्टिनेंट गवर्नर अरुणा मिलर का स्वागत किया गया। चालक दल ने सेल-टू-फिफ्टी मैरीलैंड के तहत आयोजित बाल्टीमोर सिटी परेड में भी हिस्सा लिया।"
क्या है लोकायन 26?
रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, आईएनएस सुदर्शिनी का बाल्टीमोर बंदरगाह पहुंचना भारत की समृद्ध समुद्री विरासत और भारत-अमेरिका नौसेनाओं के बीच लंबे समय से चले आ रहे दोस्ती और सहयोग के रिश्तों का प्रतीक है। अपने खास ट्रांसओशैनिक अभियान 'लोकायन 26' के तहत यह जहाज 26 जून को वर्जीनिया के नॉरफॉक से यात्रा करते हुए बाल्टीमोर पहुंचा। इस दौरान जहाज ऐतिहासिक चेसापीक एंड डेलावेयर (सी एंड डी) नहर से होकर गुजरा और मिड-अटलांटिक क्षेत्र के कई बड़े पुलों के नीचे से निकला।
आईएनएस सुदर्शिनी ने 19 से 23 जून तक नॉरफॉक में आयोजित 'सेल टू-फिफ्टी वर्जीनिया' समारोह में भी हिस्सा लिया। इस कार्यक्रम में दुनिया भर के कई टॉल शिप शामिल हुए थे। भारतीय जहाज ने परेड ऑफ सेल और सिटी क्रू परेड में भारत का प्रतिनिधित्व किया।
विज्ञापन
भारतीय नौसेना ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, "अगला पड़ाव न्यूयॉर्क। समुद्री यात्रा की पुरानी परंपरा और भारत की समृद्ध समुद्री विरासत को आगे बढ़ाते हुए आईएनएस सुदर्शिनी न्यूयॉर्क के लिए रवाना हो गया है। यह सेल-फोर्थ टू-हंड्रेड-फिफ्टी न्यूयॉर्क और सेल बोस्टन कार्यक्रमों में हिस्सा लेगा। यह यात्रा देशों के बीच दोस्ती, सहयोग, सद्भावना और आपसी भरोसे के लिए भारत की मजबूत प्रतिबद्धता को दिखाती है।"
विज्ञापन
बाल्टीमोर बंदरगाह में किन कार्यक्रमों में शामिल हुआ आईएनएस सुदर्शिनी?
इससे पहले आईएनएस सुदर्शिनी ने बाल्टीमोर बंदरगाह पर अपने ठहराव के दौरान कई अहम कार्यक्रमों में हिस्सा लिया। इस दौरान अमेरिका में भारत के राजदूत विनय मोहन क्वात्रा और मैरीलैंड की लेफ्टिनेंट गवर्नर अरुणा मिलर जहाज पर आए। जहाज के चालक दल ने बाल्टीमोर सिटी परेड में भी हिस्सा लिया।
विज्ञापन
भारतीय नौसेना ने 'एक्स' पर लिखा, "अटलांटिक के पार समुद्री रिश्तों को मजबूत करते हुए। बाल्टीमोर में अपने प्रवास के दौरान भारतीय नौसेना के टॉल शिप आईएनएस सुदर्शिनी ने कई महत्वपूर्ण कार्यक्रमों में भाग लिया। जहाज पर भारत के राजदूत विनय मोहन क्वात्रा और मैरीलैंड की लेफ्टिनेंट गवर्नर अरुणा मिलर का स्वागत किया गया। चालक दल ने सेल-टू-फिफ्टी मैरीलैंड के तहत आयोजित बाल्टीमोर सिटी परेड में भी हिस्सा लिया।"
क्या है लोकायन 26?
रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, आईएनएस सुदर्शिनी का बाल्टीमोर बंदरगाह पहुंचना भारत की समृद्ध समुद्री विरासत और भारत-अमेरिका नौसेनाओं के बीच लंबे समय से चले आ रहे दोस्ती और सहयोग के रिश्तों का प्रतीक है। अपने खास ट्रांसओशैनिक अभियान 'लोकायन 26' के तहत यह जहाज 26 जून को वर्जीनिया के नॉरफॉक से यात्रा करते हुए बाल्टीमोर पहुंचा। इस दौरान जहाज ऐतिहासिक चेसापीक एंड डेलावेयर (सी एंड डी) नहर से होकर गुजरा और मिड-अटलांटिक क्षेत्र के कई बड़े पुलों के नीचे से निकला।
आईएनएस सुदर्शिनी ने 19 से 23 जून तक नॉरफॉक में आयोजित 'सेल टू-फिफ्टी वर्जीनिया' समारोह में भी हिस्सा लिया। इस कार्यक्रम में दुनिया भर के कई टॉल शिप शामिल हुए थे। भारतीय जहाज ने परेड ऑफ सेल और सिटी क्रू परेड में भारत का प्रतिनिधित्व किया।