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Human Trafficking: भारतीय महिला को ट्रैवल एजेंट ने दिया धोखा, पाकिस्तान में हुई गिरफ्तार; अब हुई स्वदेश वापसी
Thu, 30 May 2024 07:59 PM IST
मिथिलेश नौटियाल
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद
Published by: मिथिलेश नौटियाल
Updated Thu, 30 May 2024 07:59 PM IST
सार
Human Trafficking: वाहिदा बेगम असम के नगांव जिले की रहने वालीं हैं। वर्ष 2023 में वाहिदा अवैध तरीके से अफगानिस्तान के रास्ते पाकिस्तान में घुसी थी।
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अटारी वाघा बॉर्डर
- फोटो : ANI
विस्तार
पाकिस्तान ने एक भारतीय महिला महिला और उसके नाबालिग बेटे को वाघा बॉर्डर पर भारतीय सुरक्षा बलों को सौंप दिया है। बताया गया है कि दोनों मानव तस्करी का शिकार हुए थे और वर्ष 2023 में अवैध रूप से पाकिस्तान में घुस गए थे। दोनों को क्वेटा की एक जेल में रखा गया था। महिला का नाम वाहिदा बेगम और उनके नाबालिग बेटे का नाम फैज खान बताया गया है। सजा पूरी होने के बाद दोनों को वाघा बॉर्डर पर भारतीय सुरक्षा बलों के हवाले किया गया।
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असम के नगांव जिले की निवासी है वाहिदा
पाकिस्तान के एक अधिकारी का कहना है कि वाहिदा असम के नगांव जिले की रहने वाली है। वर्ष 2023 में वाहिदा अवैध तरीके से अफगानिस्तान के रास्ते पाकिस्तान में घुसी थी। पीड़िता ने अधिकारियों को बताया कि भारत के ट्रेवल एजेंट की धोखाधड़ी की वजह से वह पाकिस्तान पहुंची। पुलिस को दिए गए बयान में वाहिदा ने कहा कि वर्ष 2022 में उनके पति की मौत हो गई थी और उसके बाद उन्होंने अपने बेटे को कनाडा ले जाने का फैसला किया। उन्होंंने अपनी जमीन जायदाद बेचकर ट्रेवल एजेंट को एक मोटी धनराशि दी। इसके बाद ट्रेवल एजेंट वाहिदा और उनके बेटे के साथ दुबई गया और उसके बाद उन्हें अफगानिस्तान ले जाया गया।
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ट्रैवल एजेंट ने दिया धोखा
वाहिदा ने आरोप लगाया कि अफगानिस्तान पहुंचते ही ट्रैवल एजेंट ने उनसे पासपोर्ट और सारे रुपये लूट लिए। भारत जाने के लिए उन्होंने पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच चमन बॉर्डर को पार किया और वहां उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। इसके बाद पाकिस्तान के वकीलों ने वाहिदा से परिवार से संपर्क किया। वाहिदा ने आगे बताया कि उनके परिवार ने दिल्ली स्थित पाकिस्तानी दूतावास और भारतीय उच्चायोग से संपर्क किया। भारतीय उच्चायोग ने जब इस मामले का संज्ञान लिया, तब वाहिदा की रिहाई सुनिश्चित हो पाई।
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