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Singapore: कैदी से रिश्वत मांगने के आरोप में भारतीय मूल का जेल वॉर्डन दोषी करार, जानें पूरा मामला

Tue, 21 Nov 2023 09:37 AM IST
काव्या मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सिंगापुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सिंगापुर Published by: काव्या मिश्रा Updated Tue, 21 Nov 2023 09:37 AM IST
सार

कोबी ने सितंबर 2015 से मार्च 2016 के बीच चोंग से रिश्वत मांगी थी। चोंग ने अदालत को बताया कि कोबी ने उनसे नकदी लेने के बदले उसे ए 1 से किसी अन्य जेल में भेजने का वादा किया था।

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Indian-origin prison warden convicted for seeking bribe from Singapore prison inmate
Court order - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

सिंगापुर में एक भारतीय मूल के जेल वॉर्डन को कैदी से रिश्वत मांगने के मामले में दोषी करार दिया है। उस पर आरोप था कि उसने एक कैदी को जेल से बाहर स्थानांतरित करने के बदले आठ लाख से अधिक रुपये यानी 1,33,000 डॉलर की रिश्वत की मांग की थी। अब इसी मामले में उसे दोषी ठहराया गया है। 

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जनवरी में सुनाई जाएगी सजा
एक रिपोर्ट के अनुसार, 56 वर्षीय कोबी कृष्ण अयावू को अपने साथ काम करने वाले कर्मचारियों को कैदी की जानकारी देखने के लिए जेल प्रणाली का इस्तेमाल करने के लिए उकसाने का भी दोषी पाया गया है। अदालत जनवरी में सजा सुनाएगी। 
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कई आरोपों में दोषी करार
कोबी ने अपने ऊपर लगे 10 आरोपों का विरोध किया था, जिनमें से ज्यादातर चोंग केंग ची नाम के कैदी से रिश्वत मांगने के थे, लेकिन उन सभी में उसे दोषी ठहराया गया। अभियोजन पक्ष ने दलील दी थी कि कोबी ने सितंबर 2015 से मार्च 2016 के बीच चोंग से रिश्वत मांगी थी। इनमें कार लोन की किस्तों का भुगतान, घर का नवीनीकरण, जन्मदिन समारोह और क्रेडिट कार्ड बिल शामिल थे।
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20 साल की हिरासत की सजा
दरअसल, चोंग ने अपनी प्रेमिका के सात साल के बेटे के साथ तबतक दुर्व्यवहार किया था, जबतक उसकी मौत नहीं हो गई। इसी मामले में साल 2005 में उसे 20 साल की हिरासत की सजा सुनाई गई थी। उसे चांगी जेल के ए 1 क्लस्टर में रखा गया था, जो अपराधियों के लिए अधिकतम सुरक्षा वाली जेल है, जिन्हें लंबी सजा दी जाती है। 

यह है मामला
चोंग ने अदालत को बताया कि कोबी ने उनसे नकदी लेने के बदले उसे ए 1 से किसी अन्य जेल में भेजने का वादा किया था। उसने आगे कहा, 'मुझे पता था कि कोबी के पास इतना अधिकार नहीं है कि वह मुझे कहीं और भेज सके, लेकिन उसने झांसा दिया था कि उसका एक दोस्त खुफिया अधिकारी है, जो मदद कर सकता है। एक इंसान देखने भी आया था, जिसे कोबी ने अपना दोस्त बताया।'

जेल में बंद चोंग ने अदालत को बताया कि इन सबके बावजूद साल 2016 की शुरुआत में एक चिकित्सा समीक्षा के बाद भी उन्हें स्थानांतरित नहीं किया गया। इस पर चोंग ने जेल अधिकारी को कोबी के बारे में शिकायत दी। अपने बचाव में कोबी ने आठ मौकों में से किसी पर भी चोंग से पैसे मांगने की बात से इनकार कर दिया। 

कोबी ने आरोप लगाया कि चोंग ने ए 1 से बाहर स्थानांतरित होने के लिए झूठ बोला था क्योंकि जब किसी जेल अधिकारी के खिलाफ आरोप लगाया जाता है, तो अधिकारी या कैदी को स्थानांतरित कर दिया जाता है। 


वहीं, एक साथी कैदी ने भी गवाही दी कि कैसे चोंग ने उसे मदद के बदले जेल के एक कर्मचारी को पैसे देने के बारे में बताया था। कोबी पर चोंग से रिश्वत मांगने का आरोप लगने के बाद, सिंगापुर जेल सेवा के साथ उनकी नौकरी निलंबित कर दी गई थी।

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