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नेपाल में फिर रोकी गईं भारतीय फल-सब्जियां लदी गाड़ियां
Fri, 12 Jul 2019 05:15 PM IST
Avdhesh Kumar
अमर उजाला ब्यूरो, महराजगंज/धनगढ़ी (नेपाल)
अमर उजाला ब्यूरो, महराजगंज/धनगढ़ी (नेपाल)
Published by: Avdhesh Kumar
Updated Fri, 12 Jul 2019 05:15 PM IST
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भारत से नेपाल जाने वाली सब्जी व फल की रोक पर एक रिट की सुनवाई करते हुए नेपाल की सर्वोच्च अदालत ने बृहस्पतिवार को बगैर लैब परीक्षण के इनके आयात नहीं करने के आदेश दिए हैं। इसके बाद नेपाल सरकार के फरमान पर नेपाल कस्टम ने भारतीय फल-सब्जियों की गाड़ियों को फिर रोक दिया है। अब भारत से वही फल और सब्जियां नेपाल भेजी जा सकेंगी जिसे लैब टेस्ट में हरी झंडी मिलेगी।
नेपाल सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश डॉ. आनन्द मोहन ने ज्योति बनिया की शिकायत पर बहस के दौरान नेपाल सरकार के मंत्रिमंडल के फैसले को गलत ठहराया। साथ ही भारत से आने वाले फल और सब्जियों का परीक्षण कराने के निर्देश दिए हैं। न्यायालय के आदेश के बाद सरकार ने सभी भंसार कार्यालय को नजदीक की प्रयोगशाला में लैब टेस्ट कराने के निर्देश दिए हैं।
इसी क्रम में बृहस्पतिवार को भैरहवा भंसार कार्यालय पहुंची भारतीय फल-सब्जियों की गाड़ियों को रोककर बुटवल की प्रयोगशाला में जांच के लिए फल और सब्जियों के नमूने भेजे गए। कस्टम चीफ कमल भटराई ने बताया कि सरकार के निर्देश पर भारतीय फल-सब्जियों की जांच सरहद से 20 किमी दूर नई प्रयोगशाला विषादी अवशेष दूत विश्लेषण इकाई बुटवल में होगी। रिपोर्ट मिलने के बाद जो फल और सब्जी खाने योग्य होगी, उन्हीं को पास किया जाएगा।
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भारतीय व्यापारियों की मुश्किलें बढ़ीं
भारत-नेपाल की सोनौली सीमा से प्रतिदिन छोटे-बड़े सैकड़ों मालवाहकों से फल और सब्जियां भेजी जाती हैं। ये भारत में कर्नाटक, मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, कानपुर, बस्ती, बनारस, गोरखपुर, कुशीनगर, देवरिया, महराजगंज आदि जिलों से आती हैं। व्यापारियों का कहना है कि दूर के सफर में 20 प्रतिशत माल तो रास्ते में ही खराब हो जाते हैं। अब नेपाल सरकार के इस फैसले से छोटे व्यापारियों के सामने रोजी-रोटी का सवाल है।
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नेपाल सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश डॉ. आनन्द मोहन ने ज्योति बनिया की शिकायत पर बहस के दौरान नेपाल सरकार के मंत्रिमंडल के फैसले को गलत ठहराया। साथ ही भारत से आने वाले फल और सब्जियों का परीक्षण कराने के निर्देश दिए हैं। न्यायालय के आदेश के बाद सरकार ने सभी भंसार कार्यालय को नजदीक की प्रयोगशाला में लैब टेस्ट कराने के निर्देश दिए हैं।
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इसी क्रम में बृहस्पतिवार को भैरहवा भंसार कार्यालय पहुंची भारतीय फल-सब्जियों की गाड़ियों को रोककर बुटवल की प्रयोगशाला में जांच के लिए फल और सब्जियों के नमूने भेजे गए। कस्टम चीफ कमल भटराई ने बताया कि सरकार के निर्देश पर भारतीय फल-सब्जियों की जांच सरहद से 20 किमी दूर नई प्रयोगशाला विषादी अवशेष दूत विश्लेषण इकाई बुटवल में होगी। रिपोर्ट मिलने के बाद जो फल और सब्जी खाने योग्य होगी, उन्हीं को पास किया जाएगा।
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भारतीय व्यापारियों की मुश्किलें बढ़ीं
भारत-नेपाल की सोनौली सीमा से प्रतिदिन छोटे-बड़े सैकड़ों मालवाहकों से फल और सब्जियां भेजी जाती हैं। ये भारत में कर्नाटक, मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, कानपुर, बस्ती, बनारस, गोरखपुर, कुशीनगर, देवरिया, महराजगंज आदि जिलों से आती हैं। व्यापारियों का कहना है कि दूर के सफर में 20 प्रतिशत माल तो रास्ते में ही खराब हो जाते हैं। अब नेपाल सरकार के इस फैसले से छोटे व्यापारियों के सामने रोजी-रोटी का सवाल है।
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