Sri Lanka: श्रीलंकाई नौसैना की बढ़ेगी ताकत, भारत ने सौंपा डोर्नियर समुद्री टोही विमान
भारत द्वारा श्रीलंका को डोर्नियर विमान ऐसे समय में सौंपा गया, जब एक दिन पहले चीनी जहाज ‘युआन वांग 5’ एक सप्ताह के लिए दक्षिणी बंदरगाह हंबनटोटा में रुका है। इस जहाज को 11 अगस्त को ही बंदरगाह पर पहुंचना था, लेकिन श्रीलंकाई प्राधिकारियों से मंजूरी न मिलने के कारण इसके आने में देरी हुई।
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भारत ने आज एक समारोह में श्रीलंकाई नौसेना को एक डोर्नियर समुद्री निगरानी विमान सौंप दिया है। जिस कार्यक्रम में यह विमान श्रीलंका को सौंपा गया, उसमें राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे ने भी हिस्सा लिया। विक्रमसिंघे ने विमान के लिए भारत का शुक्रिया अदा किया। भारतीय नौसेना के उप प्रमुख वाइस एडमिरल एस एन घोरमडे ने कोलंबो में भारतीय उच्चायुक्त गोपाल बागले के साथ श्रीलंकाई नौसेना को समुद्री निगरानी विमान सौंपा। दरअसल, एडमिरल घोरमडे श्रीलंका की दो दिवसीय यात्रा पर हैं।
#WATCH | India gifted a Dornier Maritime Reconnaissance aircraft towards strengthening the maritime security of Sri Lanka at a special event held in Sri Lanka Air Force Base, Katunayake pic.twitter.com/ozEvaz5C8V
— ANI (@ANI) August 15, 2022
इससे पहले श्रीलंकाई वायु सेना के प्रवक्ता कैप्टन दुशन विजयसिंघे ने कार्यक्रम में राष्ट्रपति विक्रमसिंघे की मौजूदगी की पुष्टि की थी। यह समारोह कोलंबो अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे से सटे कातुनायके में श्रीलंका वायु सेना के अड्डे पर आयोजित किया गया।
श्रीलंकाई अधिकारियों ने बताया कि भारत और श्रीलंका के बीच नयी दिल्ली में 2018 में हुए रक्षा संवाद के दौरान श्रीलंका ने अपनी समुद्री निगरानी क्षमताएं बढ़ाने के लिए भारत से दो डोर्नियर टोही विमान हासिल करने की संभावनाओं पर बातचीत की थी। इस विमान को श्रीलंकाई वायु सेना के 15 सदस्य ही उड़ा पाएंगे, जिन्हें चार महीनों तक भारत में खासतौर से प्रशिक्षण दिया गया है। इस दल में पायलट, पर्यवेक्षक, इंजीनियरिंग अधिकारी और टेक्नीशियन शामिल हैं। श्रीलंकाई वायु सेना से जुड़ा भारत सरकार का तकनीकी दल इसकी निगरानी करेगा।
भारत द्वारा श्रीलंका को डोर्नियर विमान ऐसे समय में सौंपा गया, जब एक दिन पहले चीनी जहाज ‘युआन वांग 5’ एक सप्ताह के लिए दक्षिणी बंदरगाह हंबनटोटा में रुका है। इस जहाज को 11 अगस्त को ही बंदरगाह पर पहुंचना था लेकिन श्रीलंकाई प्राधिकारियों से मंजूरी न मिलने के कारण इसके आने में देरी हुई। श्रीलंका ने भारत की चिंताओं को देखते हुए चीन से इस जहाज को फिलहाल रोकने को कहा था। बहरहाल, शनिवार को कोलंबो ने जहाज को 16 अगस्त से 22 अगस्त तक बंदरगाह पर रुकने की मंजूरी दे दी।