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यूएनएचआरसी में भारत का पाक को करारा जवाब, कश्मीर हमारा अभिन्न हिस्सा था, है और रहेगा
Wed, 26 Feb 2020 05:44 PM IST
योगेश साहू
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, जिनेवा
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, जिनेवा
Published by: योगेश साहू
Updated Wed, 26 Feb 2020 05:44 PM IST
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जिनेवा में संयुक्त राष्ट्र मानव अधिकार परिषद के 43वें सत्र के दौरान भारत की ओर से बोलते विदेश मंत्रालय के सचिव (पश्चिम) विकास स्वरूप।
- फोटो : ANI
भारत ने कश्मीर मुद्दे पर पाकिस्तान को एक बार फिर करारा जवाब दिया है। जिनेवा में संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद की बुधवार को हुई बैठक में एक शीर्ष भारतीय राजनयिक ने कहा कि जम्मू कश्मीर भारत का अभिन्न हिस्सा था, है और हमेशा रहेगा।
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बता दें कि एक दिन पहले मंगलवार को पाकिस्तान ने कश्मीर मुद्दे पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय से हस्तक्षेप करने की मांग की थी। स्विट्जरलैंड के जिनेवा में 24 फरवरी से 20 मार्च तक आयोजित संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद के 43वें सत्र में बुधवार को विदेश मंत्रालय में सचिव (पश्चिम) विकास स्वरूप ने पाकिस्तान को वैश्विक आतंकवाद का केंद्र बताया।
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Vikas Swarup, Secretary (West), Ministry of External Affairs at UNHRC in Geneva: Despite Pakistan's best efforts,over decades to destabilize the state through externally-instigated terror and a campaign of canards and untruth, the situation on the ground is quite normal. https://t.co/OygUVpeHwq
— ANI (@ANI) February 26, 2020
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सत्र में उन्होंने पाकिस्तान का जिक्र करते हुए उन देशों के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई करने की अपील की जो आतंकवादियों को निर्देश देते हैं, उन्हें नियंत्रित करते हैं, उनका वित्त पोषण करते हैं और उन्हें पनाह देते हैं। स्वरूप ने कहा कि पाकिस्तान पर उसके पड़ोसी आतंकवादी समूहों को पनाह देने का आरोप लगाते हैं।
संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद में स्वरूप की यह टिप्पणी पाकिस्तान द्वारा एक दिन पहले की गई टिप्पणी के जवाब में आई है। मंगलवार को पाकिस्तान की मानवाधिकार मंत्री शिरीन मजारी ने आरोप लगाया था कि भारत कश्मीरी लोगों के मानवाधिकारों का उल्लंघन कर रहा है। इसके साथ ही उन्होंने भारत की ओर से पिछले साल पांच अगस्त को उठाए सभी कदमों को तत्काल वापस लेने की मांग की थी।
गौरतलब है कि भारत ने बीते साल पांच अगस्त को अनुच्छेद 370 के तहत जम्मू कश्मीर को मिला विशेष दर्जा खत्म कर दिया था और उसे दो केंद्र शासित प्रदेशों में विभाजित कर दिया था।
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संयुक्त राष्ट्र के बाहर लगाए थे पाक सेना विरोधी पोस्टर
Indian diaspora protest against Pakistan in London
- फोटो : ANI
- इससे पहले संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद के 43वें सत्र के दौरान जिनेवा में ऐसे पोस्टर लगाए गए थे, जिनमें पाकिस्तानी सेना के आतंकवाद को समर्थन बंद करने के स्लोगन लिखे गए थे। लाल रंग के पोस्टरों में सफेद रंग से सेना के विरोध में लिखा गया था, ‘पाकिस्तान आर्मी स्टॉप सपोर्टिंग टेरेरिज्म’।
- दरअसल, यूएनएचआरसी मुख्यालय के बाहर कई प्रदर्शनकारी एकत्रित हुए थे और उन्होंने पाकिस्तान के हालातों के प्रति नाराजगी जताई थी। प्रदर्शनकारियों ने पाक सेना के अत्याचारों को प्रतीकात्मक रूप में चित्रित करते हुए महिलाओं को एक पिंजरे के भीतर दिखाया था। इसमें सेना के हाथों महिलाओं और बच्चों के प्रति अत्याचारों का प्रदर्शन किया गया था।