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Hindi News ›   World ›   India, Sri Lanka sign agreement for setting up hybrid power plants in northern Jaffna 

भारत-श्रीलंका: दोनों देशों के बीच हाइब्रिड बिजली परियोजनाओं पर अहम समझौते, पहले चीनी कंपनी को मिला था अनुबंध 

Tue, 29 Mar 2022 04:27 PM IST
Amit Mandal वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, कोलंबो
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, कोलंबो Published by: Amit Mandal Updated Tue, 29 Mar 2022 04:27 PM IST
सार

चीन ने पिछले साल एक तीसरे पक्ष से सुरक्षा चिंता का हवाला देते हुए हाइब्रिड ऊर्जा संयंत्र स्थापित करने की परियोजना को निलंबित कर दिया था।

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India, Sri Lanka sign agreement for setting up hybrid power plants in northern Jaffna 
भारत-श्रीलंका समझौते - फोटो : Twitter@SJaishankar

विस्तार

भारत और श्रीलंका ने उत्तरी जाफना से दूर तीन श्रीलंकाई द्वीपों पर हाइब्रिड बिजली परियोजनाओं को लागू करने के लिए एक समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। यह पिछले साल कैबिनेट द्वारा स्वीकृत चीनी परियोजना की जगह लेंगे। जनवरी 2021 में चीनी फर्म सिनोसार-एटेच्विन को जाफना के तट पर नैनातिवु, डेल्फ्ट या नेदुन्थीवु और एनालाइटिवू में एक हाइब्रिड नवीकरणीय ऊर्जा प्रणाली स्थापित करने का अनुबंध मिला था, लेकिन भारत द्वारा उठाई गई आपत्तियों के बाद इस पर पुनर्विचार किया गया। ये तीनों टापू तमिलनाडु के करीब स्थित हैं। भारतीय दूतावास ने कहा एक बयान में कहा कि कोलंबो में मौजूद विदेश मंत्री एस जयशंकर और उनके श्रीलंकाई समकक्ष जीएल पेइरिस ने सोमवार को जाफना से तीन द्वीपों में हाइब्रिड बिजली परियोजनाओं के कार्यान्वयन पर समझौते ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए। 

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भारत ने जताई थी आपत्ति 
चीन ने पिछले साल एक तीसरे पक्ष से सुरक्षा चिंता का हवाला देते हुए हाइब्रिड ऊर्जा संयंत्र स्थापित करने की परियोजना को निलंबित कर दिया था। भारत द्वारा इसकी जगह को लेकर चिंता जताने की रिपोर्ट के बीच चीन ने यह फैसला लिया था। बीजिंग के विवादास्पद बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव (बीआरआई) के तहत श्रीलंका में विभिन्न बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में चीन सबसे बड़े निवेशकों में से एक है। लेकिन इसकी स्थानीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आलोचना हुई है और इस बात को लेकर चिंता बढ़ रही है कि चीन ने श्रीलंका को कर्ज के जाल में फंसाया है। श्रीलंका ने 2017 में रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण हंबनटोटा बंदरगाह को एक राज्य-संचालित चीनी फर्म को 99 साल के पट्टे के लिए 1.2 अरब डॉलर की ऋण अदला-बदली के रूप में सौंप दिया।
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भारत ने सोमवार को जिन अन्य पांच समझौतों पर हस्ताक्षर किए, उनमें समुद्री बचाव समन्वय केंद्र प्रदान करना, श्रीलंका में मत्स्य पालन बंदरगाह का निर्माण, भारत की सहायता से श्रीलंका यूनिक डिजिटल आइडेंटिटी (एसएल-यूडीआई) कार्यक्रम का कार्यान्वयन शामिल है। दवा, ईंधन, दूध, बिजली की कमी और दैनिक बिजली कटौती के श्रीलंका के सबसे खराब आर्थिक संकट के बीच ये समझौते हुए हैं।
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जयशंकर ने नेपाली और भूटानी समकक्षों से की मुलाकात
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने मंगलवार को कोलंबो में बिम्सटेक मंत्रिस्तरीय बैठक से इतर अपने नेपाली और भूटानी समकक्षों से मुलाकात की और कनेक्टिविटी, ऊर्जा और जल विद्युत परियोजनाओं में सहयोग पर चर्चा की। जयशंकर ने ट्वीट किया, बिम्सटेक मंत्रिस्तरीय बैठक के दौरान नेपाल के विदेश मंत्री नारायण खड़का से मिलकर अच्छा लगा। कनेक्टिविटी, ऊर्जा, उर्वरक, स्वास्थ्य और बिजली में हमारे सहयोग पर चर्चा की। रामायण सर्किट को आगे बढ़ाने पर ध्यान देने पर भी सहमत हुए।

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