फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   India criticises further delay over UNSC reforms; says process could go on for another 75 years

'75 साल और चल सकती है प्रक्रिया': भारत ने की UNSC सुधार पर वार्ता आगे बढ़ाने की आलोचना, कहा- एक और अवसर बर्बाद

Fri, 30 Jun 2023 12:47 PM IST
काव्या मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, संयुक्त राष्ट्र
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, संयुक्त राष्ट्र Published by: काव्या मिश्रा Updated Fri, 30 Jun 2023 12:47 PM IST
सार

कंबोज ने कहा कि भारत संयुक्त राष्ट्र का एक जिम्मेदार सदस्य है। इसलिए वह महासभा के 77वें सत्र के अध्यक्ष सीसाबा कोरोसी के व्यक्तिगत प्रयासों को स्वीकार करने के लिए प्रस्तुत मसौदे को अपनाने में आम सहमति में शामिल हुआ।

विज्ञापन
India criticises further delay over UNSC reforms; says process could go on for another 75 years
UNSC - फोटो : social media

विस्तार

भारत ने संयुक्त राष्ट्र महासभा के सुरक्षा परिषद सुधार पर अंतर-सरकारी वार्ता को अगले सत्र में आगे बढ़ाने के निर्णय की आलोचना की है। भारत ने इसे एक और बर्बाद अवसर बताया। साथ ही जोर देकर कहा कि सुरक्षा परिषद सुधार पर बातचीत बिना किसी प्रगति के अगले 75 साल तक जारी रह सकती है। 

विज्ञापन

महासभा ने 78वें सत्र के लिए अंतर-सरकारी वार्ता (आईजीएन) प्रक्रिया को आगे बढ़ाते हुए, संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) में सुधार पर एक मौखिक मसौदा पारित किया था। 78वां सत्र इस साल सितंबर में शुरू होगा। यूएन में भारत की स्थायी प्रतिनिधि राजदूत रुचिरा कंबोज ने कहा कि भारत अपने रुख पर कायम है कि आईजीएन को आगे बढ़ाने का फैसला सिर्फ तकनीकी कवायद तक सिमट कर नहीं रह सकता है। उन्होंने कहा कि वह आईजीएन को आगे बढ़ाने की इस तकनीकी कवायद को एक और अवसर गंवाने की तरह देखती हैं, जिसमें पिछले चार दशक में कोई प्रगति नहीं हुई है।

विज्ञापन

कंबोज ने कहा कि भारत संयुक्त राष्ट्र का एक जिम्मेदार सदस्य है। इसलिए वह महासभा के 77वें सत्र के अध्यक्ष सीसाबा कोरोसी के व्यक्तिगत प्रयासों को स्वीकार करने के लिए प्रस्तुत मसौदे को अपनाने में आम सहमति में शामिल हुआ।

विज्ञापन
विज्ञापन

उन्होंने कहा कि अब यह स्पष्ट है कि अपने वर्तमान स्वरूप और तौर-तरीकों में कार्यवाही के अधिकृत रिकॉर्ड के बिना आईजीएन वास्तविक सुधार की दिशा में कई वर्षों तक जारी रह सकता है। लेकिन ‘जीए रूल्स ऑफ प्रोसीजर’ को लागू करना ही पड़ेगा। उन्होंने जोर दिया कि सुधार प्रक्रिया के बिना सुरक्षा परिषद में सभी देशों का सही तरीके से प्रतिनिधित्व नहीं हो पा रहा है।

भारत ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र का एक जिम्मेदार सदस्य होने के नाते, हम सुधारों का समर्थन करने वाले हमारे साझेदारों के साथ इस प्रक्रिया में शामिल होते रहेंगे और भाषणों की बजाय इसे लिखित वार्ता में तब्दील करने के प्रयासों पर जोर देते रहेंगे। जो सदस्य वास्तव में हमारे नेताओं की सुरक्षा परिषद सुधारों की शीघ्र एवं व्यापक प्रतिबद्धता को पूरा करना चाहते हैं, उनके लिए आईजीएन से परे देखना ही अब एकमात्र व्यवहार्य रास्ता हो सकता है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed