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पाकिस्तान को भारत की खरी-खरी, कहा- पहले अपनी धरती से आतंकियों का खात्मा करो

Fri, 28 Feb 2020 05:54 PM IST
योगेश साहू वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, जिनेवा
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, जिनेवा Published by: योगेश साहू Updated Fri, 28 Feb 2020 05:54 PM IST
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India at UN asks Pakistan leadership to stop terror funding, dismantle militant camps
UNHRC

संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद के बैठक के दौरान भारत ने शुक्रवार को पाकिस्तान के शीर्ष नेतृत्व को सलाह दी है कि वह आतंकवादियों को धन मुहैया कराना बंद करे और अपनी धरती पर चल रहे सभी आतंकवादी शिविरों का खात्मा करे। भारत ने पाकिस्तान को यह करारा जवाब एक दिन पहले उसकी ओर से जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद आए सकारात्मक बदलावों की निंदा किए जाने के बाद आया है।

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भारत की ओर से यह वक्तव्य आतंकवाद के वैश्विक वित्तपोषण पर नजर रखने वाली संस्था वित्तीय कार्रवाई कार्यदल (एफएटीएफ) के बीते सप्ताह पाकिस्तान को ग्रे सूची से बाहर नहीं निकालने और चेतावनी दिए जाने के बाद आया है। एफएटीएफ ने पाकिस्तान को चेताया था कि यदि वह अपनी धरती से आतंकवाद पर लगाम कसने में नाकाम रहता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस लिहाज से भारत की ओर से दिया गया यह जवाब काफी अहम है। 
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पाकिस्तान की ओर से संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद के 43वें सत्र में जम्मू-कश्मीर में मानवाधिकार उल्लंघन का मुद्दा उठाए जाने पर भारत ने अपने उत्तर देने के अधिकार का इस्तेमाल करते हुए उसे खरी-खरी सुनाई। पाक को करारा जवाब देते हुए भारत के स्थायी मिशन के विमर्श आर्यन ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय को पाकिस्तान अपनी उन्मादपूर्ण प्रतिक्रियाओं से गुमराह और भारत को बदनाम करने के लिए इस मंच का इस्तेमाल नहीं कर सकता।
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आर्यन ने कहा कि पाकिस्तान के सक्रिय समर्थन के माध्यम से आतंकवादी समूहों और संबंधित संस्थाओं के जम्मू और कश्मीर में अशांति फैलाने के गंभीर प्रयासों के बावजूद वहां सकारात्मक बदलावों के साथ स्थिति सामान्य हो रही है।

पाकिस्तान को 10-सूत्री सलाह सूची देते हुए भारतीय राजनयिक ने इसके माध्यम से उसे अपने देश और प्रदेशों में चल रहे आतंकवादी शिविरों को रोकने और उनकी फंडिंग पर रोक लगाने को कहा।

उन्होंने यह भी कहा कि पाकिस्तान के शीर्ष नेतृत्व को जनता के सामने झूठ फैलाना और आतंकियों की मदद करना बंद करना चाहिए। उसे चाहिए कि वह पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में अवैध और जबरन कब्जे को छोड़ हाल में आए जनसांख्यिकीय बदलावों के मद्देनजर अपने लोकतंत्र का संरचनात्मक सुधार और विकास के लिए सदुपयोग करे।

अपने देशवासियों का भला सोचे पाकिस्तान : भारत

इससे पहले बृहस्पतिवार को भी भारत ने संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद में पाकिस्तान को ‘विफल राष्ट्र’ बताते हुए कड़े शब्दों में उसे आतंकियों का समर्थन बंद करने को कहा है। जेनेवा में हुए परिषद के 43वें सत्र में पाकिस्तान ने भारत के नागरिकता संशोधन अधिनियम और कश्मीर के मुद्दे को उठाया था।

इसका जवाब देते हुए भारत के प्रतिनिधि ने उसे उसके नागरिकों के कल्याण पर ध्यान देने और अत्याचार का शिकार हो रहे धार्मिक अल्पसंख्यकों को बचाने की सलाह दी। भारत ने कहा, एक विफल राष्ट्र में बर्बाद हो चुके शासन की वजह से पाकिस्तान के अल्पसंख्यक पीड़ा भोग रहे हैं।

भारत ने पाकिस्तानी मीडिया के हवाले से बताया कि हाल ही में वहां अल्पसंख्यक हिंदू और सिख समुदाय की लड़कियों को अगवा करने, जबरन धर्म परिवर्तन कर मुस्लिम समुदाय के पुरुषों से उनका निकाह करवाने की घटनाएं तेजी से बढ़ी हैं।

भारत के स्थायी मिशन के प्रथम सचिव विमर्श आर्यन ने कहा, पाकिस्तान में आजादी के बाद अल्पसंख्यकों की संख्या लगातार घटी। ईसाई, सिख, अहमदिया, हिंदू, शिया, पख्तून, सिंधी, बलूच आदि समुदायों को ईश-निंदा कानून के जरिए खत्म किया जा रहा है।

कश्मीर में सामान्य हो रहे हालात

भारत ने बृहस्पतिवार को  पाकिस्तान का नाम लिए बिना कहा, एक देश कश्मीर में लोगों को भड़काने और सामान्य होते हालात बिगाड़ने के काफी प्रयास कर रहा है। आतंकी और उनसे जुडे़ समूहों को खुला समर्थन दे रहा है। भारत के सुरक्षाबलों ने बेहद संयम रखा है। एक भी गोली नहीं चली, न किसी नागरिक की जान पुलिस कार्रवाई में गई। आर्यन ने कहा, भारत अपने नागरिकों को पाकिस्तान की कुटिल साजिश से बचाने के लिए अभी और सुधार करेगा। कश्मीर भारत का हिस्सा था, है और रहेगा, पाकिस्तान उसे देख ललचाना छोड़ दे।

पाकिस्तान सरकार आतंकियों के साथ काम करती है
भारत ने पाकिस्तान को ‘आतंक का खतरनाक पालना’ बताया और कहा कि हम सीमापार से भेजे गए आतंकियों के सबसे बड़े पीड़ित हैं। पाकिस्तान ऐसा देश है, जहां के पूर्व राष्ट्रपति और प्रधानमंत्रियों ने खुलकर माना कि उनकी सरकार और संयुक्त राष्ट्र द्वारा घोषित आतंकी संगठनों के संबंध रहे हैं।

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