{"_id":"60d36d2eea85a30ac943f3ca","slug":"imrans-insistence-pm-johnson-refused-to-provide-trade-facilities-like-india-then-pak-pm-postponed-his-visit-to-britain","type":"story","status":"publish","title_hn":"इमरान की जिद: जॉनसन ने किया भारत जैसी व्यापार सुविधाएं देने से इनकार तो टाल दी ब्रिटेन की यात्रा","category":{"title":"World","title_hn":"दुनिया","slug":"world"}}
इमरान की जिद: जॉनसन ने किया भारत जैसी व्यापार सुविधाएं देने से इनकार तो टाल दी ब्रिटेन की यात्रा
Wed, 23 Jun 2021 10:49 PM IST
सुरेंद्र जोशी
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद
Published by: सुरेंद्र जोशी
Updated Wed, 23 Jun 2021 10:49 PM IST
सार
ब्रिटेन के पीएम बोरिस जॉनसन के रवैये से पाक पीएम इमरान खान खफा हो गए। इसके बाद उन्होंने ब्रिटेन यात्रा भी टाल दी।
विज्ञापन
Imran Khan
- फोटो : पीटीआई
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
ब्रिटिश पीएम बोरिस जॉनसन के रवैये से पाक पीएम इमरान खान नाराज हो गए। दरअसल उन्होंने ब्रिटेन से भारत को दी गई सुविधाओं, जैसी ही पाकिस्तान के लिए भी चाही थी। इससे जॉनसन ने इनकार कर दिया। इसके बाद इमरान ने जुलाई में होने वाले अपने ब्रिटेन दौरे को टाल दिया।
विज्ञापन
इमरान खान चाह रहे थे कि भारत के साथ ब्रिटेन ने जैसा 10 साल का करार किया है, वैसा ब्रिटेन पाकिस्तान के साथ भी करे। हालांकि पाकिस्तान का कहना है कि देश में आंतरिक सुरक्षा के हालात को देखते हुए इमरान खान की यात्रा स्थगित की गई है। जॉनसन ने सात जून को इमरान खान से फोन पर बात की थी और उन्हें ब्रिटेन आने का न्योता दिया था।
विज्ञापन
ब्रिटेन ने भारत के साथ किया है यह करार
भारत और ब्रिटेन ने पिछले महीने भागीदारी के करार किए थे। इसमें 2030 तक दोनों देश के बीच व्यापार दोगुना किया जाएगा। इसमें रक्षा व्यापार भी शामिल है।
एफएटीएफ की ग्रे लिस्ट से बाहर आना मुश्किल
पाकिस्तान को अब उम्मीद जाग गई है कि वह आतंकवाद संबंधी फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स की ग्रे लिस्ट से बाहर आ सकता है। एफएटीएफ की बैठक 21 जून से जारी है। पाक को उम्मीद है कि यह पाकिस्तान इस सूची से बाहर आया तो वह दिवालिया हो रही अपनी अर्थव्यवस्था को उबार सकेगा। टास्कफोर्स में 37 देश और 2 क्षेत्रीय संगठन हैं। 25 जून तक दौरान वोटिंग होना है। ग्रे से व्हाइट लिस्ट में आना है तो उसे कम से कम 12 सदस्य देशों के वोट चाहिए होंगे। इसके लिए उसे कुछ शर्तें भी पूरी करना है। ऐसे में ग्रे लिस्ट से बाहर आना मुश्किल लग रहा है।
विज्ञापन