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इमरान को झटका: अविश्वास प्रस्ताव से पूर्व तीन सहयोगियों ने छोड़ा साथ, विपक्षी गठबंधन में शामिल हो सकते हैं एमक्यूएम-पी, पीएमएल-क्यू और बीएपी
Wed, 23 Mar 2022 10:14 PM IST
अभिषेक दीक्षित
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद
Published by: अभिषेक दीक्षित
Updated Wed, 23 Mar 2022 10:14 PM IST
सार
पीएमएलएन के अध्यक्ष शहबाज शरीफ ने दावा किया है कि पाक सेना प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा ने कहा है कि नवाज शरीफ हमेशा उनका सम्मान करते हैं। शहबाज का मानना है कि पाक पीएम इमरान खान ने जानबूझकर पाक सेना प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा के कार्यकाल में विस्तार में देरी करने की कोशिश की थी और उन्होंने दावा किया है कि उनकी पार्टी हमेशा सेना का सम्मान करती है।
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इमरान खान
- फोटो : Agency (File Photo)
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विस्तार
पाकिस्तान में इमरान खान सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव को लेकर प्रधानमंत्री को एक और बड़ा झटका लगा है। अब तक इमरान सरकार का साथ निभा रहे और सत्तारूढ़ गठबंधन में शामिल तीन प्रमुख सहयोगियों ने खुले तौर पर विपक्षी गठबंधन में शामिल होने का एलान कर दिया है। तीनों सहयोगी दल 25 मार्च तक इमरान को सत्ता से बेदखल करने के अभियान में शामिल होने का एलान करेंगे।
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जियो न्यूज ने सूत्रों के हवाले से बताया कि सत्तारूढ़ सरकार के जिन तीन प्रमुख गठबंधन सहयोगियों ने विपक्ष के साथ जाने का फैसला किया है उनमें मुत्ताहिदा कौमी मूवमेंट पाकिस्तान (एमक्यूएम-पी), पाकिस्तान मुस्लिम लीग-कायद (पीएमएल-क्यू) और बलूचिस्तान अवामी पार्टी (बीएपी) शामिल हैं। इस तरह अविश्वास प्रस्ताव पर मतदान से पहले इमरान खान की पार्टी को आंतरिक विद्रोह का सामना करना पड़ रहा है। इसमें नेशनल असेंबली (एमएनए) के कई सदस्य (सांसद) खान की पार्टी पीटीआई छोड़कर विपक्षी रैंक में शामिल हो गए हैं।
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इससे पहले करीब 24 सांसदों ने अविश्वास प्रस्ताव के पक्ष में मतदान करने की घोषणा की और इमरान खान के नेतृत्व वाली पीटीआई सरकार से खुद को अलग कर लिया। नेशनल असेंबली में स्पीकर ने 25 मार्च के निचले सदन का सत्र बुलाया है और 28 मार्च को मतदान हो सकता है।
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इमरान खान पर 50 हजार रुपए का जुर्माना
पाकिस्तान के शीर्ष चुनाव निकाय ने खैबर-पख्तूनख्वा में स्थानीय सरकार के चुनाव से पहले, स्वात में एक रैली को संबोधित करके चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन करने के लिए प्रधानमंत्री इमरान खान पर 50,000 रुपये का जुर्माना लगाया है। पाकिस्तान निर्वाचन आयोग (ईसीपी) ने 15 मार्च को उन्हें (खान को) स्वात में एक सार्वजनिक रैली को संबोधित करने से रोक दिया था, लेकिन प्रधानमंत्री ने निर्देशों की अनदेखी की और एक दिन बाद एक रैली को संबोधित किया। नई आचार संहिता के अनुसार, सार्वजनिक पद पर आसीन कोई भी व्यक्ति उन जिलों का दौरा नहीं कर सकता है जहां चुनाव हो रहे हैं।
जानबूझकर बाजवा का कार्यकाल बढ़ाने में देरी की : शरीफ
पीएमएलएन के अध्यक्ष शहबाज शरीफ ने दावा किया है कि पाक सेना प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा ने कहा है कि नवाज शरीफ हमेशा उनका सम्मान करते हैं। शहबाज का मानना है कि पाक पीएम इमरान खान ने जानबूझकर पाक सेना प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा के कार्यकाल में विस्तार में देरी करने की कोशिश की थी और उन्होंने दावा किया है कि उनकी पार्टी हमेशा सेना का सम्मान करती है।
सेना के विरोध की कीमत चुकाएंगे इमरान खान
इमरान सरकार गई तो फिर साबित हो जाएगा कि सेना के समर्थन के बिना पाकिस्तान पर हुकूमत नहीं की जा सकती। इमरान सत्ता कायम रखने के लिए आईएसआई का सहारा लेते रहे हैं। आर्मी चीफ कमर जावेद बाजवा आईएसआई के डीजी जनरल फैज हामिद को पेशावर में सेना की 11वीं कॉर्प्स का कमांडर बनाना चाहते थे।
उनकी योजना लेफ्टिनेंट जनरल नदीम अंजुम को आईएसआई डीजी बनाने की थी। इमरान ने इसके लिए औपचारिक अधिसूचना जारी करने से इनकार कर दिया। आखिर उन्हें अपमानित होकर अक्तूबर 2021 में बाजवा के भेजे तीन नामों में से उनके पसंदीदा नदीम को आईएसआई डीजी बनाना पड़ा। तभी उन्हें बाजवा को हटाने के किसी भी प्रयास के खिलाफ चेतावनी दे दी गई थी।