Dr Jaishankar: US चुनाव नतीजे पर ऑस्ट्रेलिया में दिखा विदेश मंत्री का मजाकिया अंदाज, जवाब पर लगे ठहाके, देखिए
बीते कुछ समय से विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर की हाजिरजवाबी और दो टूक अंदाज में कही गई बातें सोशल मीडिया वीडियो के माध्यम से वायरल हो रही हैं। ताजा घटनाक्रम ऑस्ट्रेलिया के सिडनी का है। उन्होंने अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव के नतीजों पर एक सवाल के जवाब में कुछ ऐसा कहा, जिससे लोग ठहाके लगाने पर मजबूर हो गए।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
अमेरिकी चुनाव के नतीजों पर विदेश मंत्री का जवाब- कुछ तो जरूर हुआ है
कार्यक्रम में ऑस्ट्रेलियाई लोगों की मौजूदगी में जयशंकर ने कहा, उन्हें ऐसा लगता है कि बतौर भारतीय विदेशमंत्री दुनिया में हो रही अहम घटनाओं पर ध्यान न देना या उनके बारे में न बोलना उनकी गलती होगी। विदेश मंत्री ने अमेरिकी चुनाव नतीजों पर कहा, 'मुझे भरोसा है कि कल कुछ तो जरूर हुआ है।' डॉ जयशंकर के इतना कहते ही प्रेस वार्ता में मौजूद लोग अपनी हंसी नहीं रोक सके और उनके मजाकिया अंदाज पर ठहाके लगाने को मजबूर हो गए। बिजनेस काउंसिल ऑफ ऑस्ट्रेलिया के मुख्य कार्यकारी पदाधिकारी ब्रैन ब्लैक भी जयशंकर के साथ मौजूद थे। उन्होंने भी सहमति जताई और कहा, 'बस एक छोटी सी बात हुई है।'
विज्ञापन विज्ञापन
ट्रंप के कार्यकाल में भारत-अमेरिका संबंध कैसे रहेंगे
मजाकिया अंदाज से इतर विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने कई अहम सवालों पर गंभीरता से जवाब भी दिए। डोनाल्ड ट्रंप के कार्यकाल में भारत और अमेरिका के रिश्ते कैसे रहेंगे? इस पर जयशंकर ने कहा, चार पांच बड़े असर होने की संभावना है, लेकिन वे दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंध और व्यापारिक रिश्तों की बात करेंगे। उन्होंने कहा कि बीते कुछ समय से वैश्विक स्तर पर सप्लाई चेन की रिऑर्डरिंग हो रही है और उन्हें लगता है कि आने वाले समय में इस प्रक्रिया में और भी तेजी आएगी। इनमें से कुछ चीजें अधिक असरदार या अशांत कर सकती हैं, लेकिन भारत इसे एक अवसर मानता है
भारत को अमेरिका पर इस बात को लेकर पूरा यकीन#WATCH | Sydney, Australia | On US election results, EAM Dr S Jaishankar says, "To my mind, there are 4-5 important consequences for the relationship and the business aspect of the relations. First, there was already re-ordering of the supply chains which was taking, it is very… pic.twitter.com/ee1OxYhEtK
— ANI (@ANI) November 7, 2024
ट्रंप के राष्ट्रपति बनने पर दूसरे संभावित असर को लेकर विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा, एक तरह से ज़्यादा भू-राजनीतिक बचाव व्यवस्था या आर्थिक नुकसान से बचाव के वादे देखे जा सकते हैं। तीसरा असर डिजिटल पक्ष से जुड़ा है। यह असर पहले भी हुआ है और आगे भी होता रहेगा। चौथा बड़ा बदलाव प्रतिभा और कौशल के क्षेत्र में होगा। विदेश मंत्री ने कहा, उन्हें इस बात का पूरा यकीन है कि डोनाल्ड ट्रंप के नेतृत्व में आव्रजन और प्रतिभा-कौशल के क्षेत्र में होने वाले बदलावों (mobility) के बीच के अंतर को अमेरिकी सरकार-प्रशासन बखूबी समझेगा।
'10 वर्षों में भारत के शैक्षणिक संस्थानों की क्षमता दोगुनी'
विदेश मंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल में भारत में हुए उल्लेखनीय बदलावों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा, पिछले 10 वर्षों में भारत के शैक्षणिक संस्थानों की क्षमता दोगुनी हो गई है...वे 2014 की तुलना में लगभग 2 से 2.5 गुना बढ़ गए हैं। अगर मैं कॉलेजों की बात करूं तो इसका मतलब है कि एक दिन में दो नए कॉलेज बन रहे हैं। आज हम एक दिन में लगभग 27-28 किलोमीटर राजमार्ग बना रहे हैं। रेलवे क्षेत्र में हम एक दिन में 12 से 14 किलोमीटर रेलवे ट्रैक बना रहे हैं।
10 वर्षों में 75 नए हवाई अड्डे जोड़े गए हैं- जयशंकर#WATCH | Sydney, Australia: EAM Dr S Jaishankar says "The educational institutions of India have doubled in capacity in the last 10 years...They are roughly 2 to 2.5 times from where they stood in 2014. In absolute numbers, if I were to take colleges, means creating two new… pic.twitter.com/2iVf7IXsPj
— ANI (@ANI) November 7, 2024
उन्होंने आगे कहा, अगर आप विमानन को देखें तो हम दुनिया के अन्य देशों की तुलना में वास्तव में अच्छा कर रहे हैं। हमारे सामने मौजूदा चुनौती यह है कि लगभग 1,000 नए विमानों का ऑर्डर दिया जा चुका है। लेकिन आपूर्ति उतनी तेजी से नहीं हो रही है जितनी हम चाहते हैं। बुनियादी ढांचे के मामले में, पिछले दशक में हमने हर साल में 7.5 नए हवाई अड्डे बनाए हैं। यही कारण है कि पिछले 10 वर्षों में 75 नए हवाई अड्डे तैयार हो चुके हैं। जैसा कि मैंने देश के डिजिटलीकरण के बारे में बात की, इसका सबसे आम उदाहरण लेन-देन है, यहां तक कि आज सड़क किनारे सामान बेचने वाले भी क्यूआर कोड और यूपीआई के माध्यम से अपना भुगतान करते हैं।