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Hiroshima Day 2022: दुनिया कभी नहीं भूल सकेगी वो मौत की बारिश, 4000 डिग्री की गर्मी, पल भर में मरे थे 80 हजार
Sat, 06 Aug 2022 11:14 AM IST
सुरेंद्र जोशी
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: सुरेंद्र जोशी
Updated Sat, 06 Aug 2022 11:14 AM IST
सार
छह अगस्त को दुनिया 'हिरोशिमा दिवस' के रूप में जानती है। दूसरे विश्व युद्ध के दौरान 6 अगस्त 1945 को अमेरिका ने जापान के इस शहर पर परमाणु बम गिराया था। जापान उस वक्त भी ताकतवर था।
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परमाणु बम धमाके के बाद यह हाल हुआ हिरोशिमा शहर का
- फोटो : amar ujala
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विस्तार
आज से 77 साल पहले दुनिया ने आसमान से मौत की बारिश देखी थी। तब जापान के हिरोशिमा शहर पर अमेरिका ने विश्व का पहला परमाणु हमला किया था। परमाणु बम से हिरोशिमा में 4000 डिग्री की गर्मी पैदा हुई थी, जिसने पूरे शहर को पलभर में तबाह कर दिया था। उसके बाद से परमाणु हथियार संपन्न देशों के बीच जंग की आशंका पैदा होती है तो शांतिप्रेमियों की रूह कांप जाती है। यूक्रेन जंग जारी है और ताइवान को लेकर चीन व अमेरिका फिर आमने-सामने हैं। ऐसे में आज हिरोशिमा दिवस को याद करना कई दृष्टि से समीचीन है।
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छह अगस्त को दुनिया 'हिरोशिमा दिवस' के रूप में जानती है। दूसरे विश्व युद्ध के दौरान 6 अगस्त 1945 को अमेरिका ने जापान के इस शहर पर परमाणु बम गिराया था। जापान उस वक्त भी ताकतवर था। 1939 में शुरू हुए इस विश्व युद्ध को छह साल हो चुके थे, लेकिन जंग थमने का नाम नहीं ले रही थी। जापान लगातार हमले कर रहा था। इस पर अमेरिका ने जापान के हिरोशिमा पर परमाणु बम गिराकर असह्य दर्द दे दिया।
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29 किलोमीटर तक काली बारिश
अमेरिका ने 6 अगस्त 1945 की सुबह करीब 8 बजे हिरोशिमा पर परमाणु बम गिराया था। धमाका होते ही 80 हजार से ज्यादा लोगों की एक झटके में मौत हो गई थी। बम से निकली 4000 डिग्री की गर्मी ने पूरे शहर का नामो निशान मिटा दिया था। इससे सब कुछ जलकर नष्ट हो गया था। दो मिनट में शहर का 80 फीसदी इलाका आग में खाक हो गया। 29 किलोमीटर के इलाके में आसमान से काली बारिश हुई। हजारों लोग परमाणु विकिरण की चपेट में आकर तिल-तिल कर मर गए।
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तीसरे दिन नागासाकी पर गिराया था दूसरा परमाणु बम
हिरोशिमा पर हमले के तीसरे दिन जापान के नागासाकी पर दूसरा परमाणु बम गिराया था। अमेरिका ने 9 अगस्त 1945 को सुबह 11 बजे जब नागासाकी पर बम गिराया तो वहां पलभर में 40 हजार लोग मौत की नींद सो गए थे। परमाणु हमले के कई सालों बाद तक जापान के इन शहरों के आसपास के शहरों में परमाणु विकिरण के कारण अपंग बच्चे पैदा होते रहे। आखिरकार भारी तबाही देख जापान झुका और उसने अमेरिका के सामने सरेंडर किया और दूसरा विश्व युद्ध खत्म हुआ।
इसलिए किया था अमेरिका ने यह हमला
दरअसल, दूसरे विश्व युद्ध के वक्त जापानी सेना ने अमेरिका के नौसैनिक अड्डे पर्ल हार्बर पर हमला किया था। इसके जवाब में अमेरिका ने हिरोशिमा व नागासाकी पर हमले किए थे। परमाणु हमले के बाद हिरोशिमा व नागासाकी में 4,000 डिग्री सेल्सियस की गर्मी पैदा हुई थी।
जापान ने लिया संकल्प पर दुनिया में परमाणु होड़ जारी
परमाणु विभीषिका झेलने के बाद जापान ने परमाणु शक्ति के शांतिपूर्ण इस्तेमाल और कभी परमाणु बम नहीं बनाने का संकल्प लिया, लेकिन दुनियाभर में परमाणु होड़ अब भी जारी है। हर साल परमाणु हथियारों की संख्या बढ़ रही है। 2020 में दुनियाभर में 3,720 परमाणु बम में तैनात थे। 2021 में ये बढ़कर 3,825 हो गए। अमेरिका, रूस, ब्रिटेन, फ्रांस, चीन, भारत, पाकिस्तान, इस्राइल और उत्तर कोरिया परमाणु रेस में शामिल माने जाते हैं।