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Floods in Pakistan: पाकिस्तान में बाढ़-बारिश से भारी तबाही, खैबर-पख्तूनख्वा के चार जिलों में आपातकाल
Wed, 24 Aug 2022 01:39 AM IST
देव कश्यप
एजेंसी, इस्लामाबाद//पेशावर।
एजेंसी, इस्लामाबाद//पेशावर।
Published by: देव कश्यप
Updated Wed, 24 Aug 2022 01:39 AM IST
सार
पाकिस्तान में कई क्षेत्रों में तबाही मची हुई है और कई नदियों के उफान पर होने के चलते अनेक पुल बाढ़ में बह चुके हैं। बाढ़ में कई लोगों की मौत भी हुई है। खैबर-पख्तूनख्वा सरकार ने डेरा इस्माइल खान, ऊपरी व निचले चित्राल और ऊपरी कोहिस्तान जिलों में आपातकाल लगा दिया है।
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पाकिस्तान में बाढ़ से तबाही।
- फोटो : Twitter
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विस्तार
पाकिस्तान में भारी मानसूनी बारिश और बाढ़ से देशभर में व्यापक तबाही हो रही है। खैबर-पख्तूनख्वा सरकार ने चार जिलों में आपातकाल लगा दिया है। पंजाब के डेरा गाजी खान और राजनपुर जिलों में राहत सामग्री गिराई गई है। यहां दर्जनों परिवार पीड़ित हैं। पंजाब-बलोचिस्तान के बीच राष्ट्रीय राजमार्ग लिंक को बहाल करने की कोशिशें अब भी जारी हैं।
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देश में कई क्षेत्रों में तबाही मची हुई है और कई नदियों के उफान पर होने के चलते अनेक पुल बाढ़ में बह चुके हैं। बाढ़ में कई लोगों की मौत भी हुई है। खैबर-पख्तूनख्वा सरकार ने डेरा इस्माइल खान, ऊपरी व निचले चित्राल और ऊपरी कोहिस्तान जिलों में आपातकाल लगा दिया है। गिलगित-बाल्टिस्तान में ग्लेशियर पिघलने से होपर घाटी और नगर खास पर काफी कहर बरपा है। यहां बाढ़ के चलते शमन और तोकरकोट जैसे छोटे गांव पूरे बह गए हैं और कई परिवार बेघर हो चुके हैं। बाढ़ की खराब हालत को देखते हुए प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने प्रांतीय सरकारों के अधिकारियों के साथ एक बैठक की है।
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सिंधु नदी खतरे के निशान से ऊपर
बाढ़ और भारी बारिश की वजह से सिंधु नदी का जलस्तर खतरे के निशान से काफी ऊपर है। नदी में बाढ़-बारिश की वजह से पांच लाख क्यूसिक से अधिक पानी है। उधर, बलोचिस्तान में क्वेटा, शोहबातपुर, मुसाखेल, डूकी, डेरा बुग्ती, खुजदार, जाफराबाद, झाल गुग्सी जिले सर्वाधिक प्रभावित हैं।
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आधे यूरोप पर भीषण सूखे का संकट
भीषण गर्मी और हीटवेव की मार झेल रहे यूरोप का लगभग आधा हिस्सा सूखे की चपेट में आने की आशंका जताई गई है। यूरोपीय आयोग की विज्ञान और ज्ञान सेवा (जेआरसी) की एक रिपोर्ट के अनुसार, करीब आधे यूरोप के उपर सूखे का संकट गहरा रहा है। जर्मनी, फ्रांस व ब्रिटेन में हालात सबसे गंभीर होने का खतरा है। शोधकर्ताओं ने कहा कि सूखे के चलते ग्रीष्मकालीन फसल की पैदावार में काफी कमी आई है। जेआरसी की रिपोर्ट में एक दर्जन से अधिक यूरोपीय देशों को सूचीबद्ध किया है जहां बारिश न होने से मिट्टी की नमी और वनस्पति तनाव दोनों गंभीर रूप से प्रभावित हुए हैं।
चीन में उच्च तापमान, रेड अलर्ट का नवीनीकरण
चीन की राष्ट्रीय वेधशाला ने मंगलवार को उच्च तापमान (हीटवेव) के लिए रेड अलर्ट जारी किया। यह इसकी चार स्तरीय चेतावनी प्रणाली में सबसे गंभीर चेतावनी है, क्योंकि देश के कई हिस्सों में हीटवेव जारी है। मौसम केंद्र के मुताबिक, गांसु, शानक्सी, अनहुई, जिआंगसु, शंघाई, हुबेई, हुनान, जियांग्शी, झेजियांग, फ़ुजियान, सिचुआन, चोंगकिंग, गुइझोउ, ग्वांगडोंग और गुआंग्शी के कुछ हिस्सों में तापमान 35 से 40 डिग्री सेल्सियस के बीच रहेगा। यहां इस साल हीटवेव 1961 के बाद सबसे मजबूत और लंबी है। लोगों को सावधानी बरतने के लिए हिदायतें जारी की गई हैं।