क्या बदल गया है तालिबान: राष्ट्रपति बाइडन को नहीं नजर आया बदलाव, चीन बोला- पहले जैसा क्रूर नहीं रहा
तालिबान के कथित बदले रूप को लेकर तरह-तरह के दावे किए जा रहे हैं। लेकिन अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन को उसमें कोई बदलाव नजर नहीं आया। हां, चीन जरूर तालिबान का हिमायती नजर आ रहा है।
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अफगानिस्तान में इस्लामिक अमीरात की स्थापना कर चुके तालिबान को लेकर दावे किए जा रहे हैं कि इस बार उसका रूप बदला हुआ है। वह पिछली बार जितना हिंसक व आक्रामक नहीं है। लेकिन अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने साफ कहा है कि उन्हें कोई बदलाव नजर नहीं आ रहा है। उधर, चीन ने जरूर दावा किया है कि तालिबान पहले जैसा क्रूर नहीं रहा।
अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने एक न्यूज चैनल से चर्चा में कहा कि तालिबान अपने अस्तित्व के लिए जूझ रहा है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय में वह अपनी मान्यता चाहता है, पर मुझे नहीं लगता कि तालिबान में कोई बदलाव हुआ है। यह भविष्यवाणी नहीं की जा सकती कि तालिबान अमेरिकियों को अफगानिस्तान से बाहर जाने देगा। उस पर भरोसा नहीं किया जा सकता। इसलिए अमेरिकी सैनिक तब तक अफगानिस्तान में रहेंगे जब तब सभी अमेरिकी वहां से सुरक्षित नहीं निकल जाते। इसके लिए 31 अगस्त की तय समय-सीमा के बाद भी वहां अमेरिकी सैनिक रूक सकते हैं। बाइडन ने कहा कि अमेरिकी खुफिया एजेंसियों को अनुमान नहीं था कि अफगानिस्तान में सब कुछ इतनी जल्दी हो जाएगा। उनका इशारा अमेरिकी सेना के अफगानिस्तान छोड़ने के पहले तालिबान के तेजी से उभरने की ओर था। नतीजा यह हुआ कि अमेरिकी सेना को अपने लोगों के बचाव के लिए खास अभियान चलाना पड़ा।
सेना वापसी का बचाव कर रहे हैं बाइडन
राष्ट्रपति बाइडन अफगानिस्तान से अमेरिकी सेना की वापसी के अपने फैसले का लगातार बचाव कर रहे हैं। उन्हें उम्मीद है कि अमेरिकी लोग अफगानिस्तान में 20 साल पुराने युद्ध का अंत चाहते हैं। काबुल में गत सप्ताह अचानक बदले हालात को लेकर अमेरिकी लोग भी हैरान हैं। अमेरिकी सैन्य विमान से कुछ लोगों के लटकने और उससे गिरकर मरने की खबर से अमेरिकी लोगों समेत पूरी दुनिया के लोग आहत हुए हैं।
कोरोना वैक्सीन की तीसरी खुराक लेंगे बाइडन
तालिबान के खौफ के बीच कोरोना का खौफ भी कायम है। अमेरिका में जल्द तीसरा बूस्टर डोज लगाया जाएगा। राष्ट्रपति जो बाइडन भी वैक्सीन की तीसरी खुराक लेंगे। उनकी पत्नी और यूएस की प्रथम महिला जिल बाइडन भी कोरोना की तीसरी डोज लेंगी।
अफगानिस्तान में 5200 अमेरिकी सैनिक मौजूद, अब तक 7000 को निकाला
उधर, वाशिंगटन में प्रेस ब्रीफिंग में अमेरिकी सेना के मेजर जनरल विलियम हैंक टेलर ने बताया कि अफगानिस्तान में अमेरिका के 5200 जवान मौजूद हैं। काबुल एयरपोर्ट खुला हुआ है और वहां से उड़ानें संचालित हो रही हैं। 14 अगस्त के बाद से अब तक करीब 7000 लोगों को हमने निकाला है।
The US footprint in Kabul is now over 5,200 total troops on the ground. Kabul Airport remains secure and open for flight operations. Since the start of evacuation operations on Aug 14, we have evacuated approx 7,000 total evacuees: US Army Major General William “Hank” Taylor pic.twitter.com/G9mMDuM3sF
— ANI (@ANI) August 19, 2021
खुला नजरिया रखने लगा तालिबान : चीन
उधर, चीन ने गुरुवार को कहा कि तालिबान अब पहले की तरह क्रूर नहीं रहा। वह अब खुला नजरिया रखता है। वह काफी विवेकशील है। उम्मीद है कि तालिबान महिला सुरक्षा समेत अपने वादे जरूर पूरे करेेगा। चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता हुया चुनिइंग ने कहा कि अभी स्थिति पूरी तरह से साफ नहीं है, पर उम्मीद है कि तालिबान पिछला रवैया नहीं दोहराएगा।