Israel War: यमन से हूती हुआ सक्रिय, इस्राइल को निशाना बनाकर दागी गईं मिसाइलें! अमेरिकी सेना ने नाकाम की साजिश
अमेरिका की नौसेना के एक युद्धपोत ने यमन से संभावित इस्राइल को निशाना बनाने के लिए छोड़ी गईं तीन क्रूज मिसाइलों और कई ड्रोनों को नष्ट कर दिया। कयास लगाए जा रहे हैं कि यह हरकत ईरान-गठबंधन हूती आतंकवादियों की है।
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आतंकी संगठन हमास के इस्राइल पर सात अक्तूबर को सुबह अचानक किए गए हमले के बाद दोनों के बीच संघर्ष जारी है। इन हमलों में अभी तक पांच हजार से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। इस्राइल-हमास के बीच का युद्ध विनाशकारी हो चुका है। जंग के बीच यमन में ईरान समर्थित हूती सक्रिय हो गया है। हूती ने इस्राइल को निशाना बनाते हुए कुछ मिसाइलें दागी थी, जिनको अमेरिका ने गुरुवार को लाल सागर में मार गिराया।
तीन क्रूज मिसाइलों को नष्ट
इस बीच, पेंटागन ने बताया कि अमेरिका की नौसेना के एक युद्धपोत ने यमन से संभावित इस्राइल को निशाना बनाने के लिए छोड़ी गईं तीन क्रूज मिसाइलों और कई ड्रोनों को नष्ट कर दिया। कयास लगाए जा रहे हैं कि यह हरकत ईरान-गठबंधन हूती आतंकवादियों की है।
अभी स्पष्ट नहीं
पेंटागन के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल पैट्रिक राइडर ने कहा कि वह निश्चित रूप से नहीं कह सकते कि ये मिसाइलें और ड्रोन किसको निशाना बना रहे थे, लेकिन इन्हें यमन से लाल सागर के साथ उत्तर की ओर संभावित रूप से इस्राइल में लक्ष्यों की ओर लॉन्च किया गया था।
बता दें कि राष्ट्रपति बाइडन के आदेश पर अमेरिकी सैन्य जहाज यूएसएस कार्नी उपस्थिति के हिस्से के रूप में लाल सागर में गश्त कर रहा था। यह जहाज युद्ध की स्थिति पर नजर बनाए हुए है। राइडर ने कहा कि मिसाइलें यमन से दागी गईं थीं, जहां ईरान समर्थित हूती विद्रोही सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन द्वारा समर्थित सरकार के साथ युद्ध कर रहे हैं।
पानी में गिरी मिसाइलें
उन्होंने कहा, ‘कोई अमेरिकी हताहत नहीं हुआ और रोकी गई मिसाइलें जमीन पर नहीं, बल्कि खुले पानी में गिरीं। हम निश्चित रूप से नहीं कह सकते कि ये मिसाइलें किस लक्ष्य को निशाना बना रही थीं, लेकिन इन्हें यमन से लाल सागर के उत्तर की ओर जाते हुए लॉन्च किया गया था।’
पेंटागन ने मंगलवार को संभावित तैनाती के लिए 2,000 कर्मियों को स्टैंडबाय पर रखने का भी आदेश दिया है। वहीं अमेरिकी रक्षा मंत्री लॉयड ऑस्टिन ने कहा कि तैनाती संकट के ऊपर निर्भर करेगी, जबकि व्हाइट हाउस ने जोर देकर कहा कि उसका अमेरिकी लड़ाकू बलों को जमीन पर उतारने का इरादा नहीं है।