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सीरिया सरकार ने कुख्यात जेल में दी 13 हजार लोगों को फांसी
न्यूयॉर्क टाइम्स न्यूज सर्विस/ बैरूत
Updated Wed, 08 Feb 2017 12:48 AM IST
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- फोटो : social media
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सीरिया सरकार ने वर्ष 2011 से अब तक करीब 13 हजार लोगों को जेल में सामूहिक रूप से फांसी पर लटकाकर मार डाला है। मानवाधिकार संस्था एमनेस्टी इंटरनेशनल ने मंगलवार को कहा कि संभवतया दमास्कस के उत्तर में सेदनाया नामक जेल में इससे भी अधिक लोगों को फांसी पर लटकाया गया हो। संस्था ने यह भी बताया कि सीरिया की सरकार द्वारा यहां व्यवस्थित तरीके से कैदियों का उत्पीड़न हो रहा है।
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एमनेस्टी की इस नई रिपोर्ट में 2011 से 2015 के बीच फांसी पर लटकाए जाने वाले आंकड़े जारी किए गए हैं। संस्था ने बताया कि सेदनाया जेल में प्रति सप्ताह 20-50 लोगों को फांसी की सजा दी गई है। इस सजा के लिए राष्ट्रपति बशर असद के सहायकों समेत सीरिया के वरिष्ठ अधिकारी अधिकृत होते थे, जिन्हें सेना द्वारा यहां लाया जाता था। ऐसे संकेत हैं कि यह सिलसिला अब भी जारी है। संस्था ने इसे युद्ध अपराध बताते हुए संयुक्त राष्ट्र से मामले की जांच करने को कहा है।
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सीरिया में कई साल से गृहयुद्ध चल रहा है जिसमें लाखों लोग मारे जा चुके हैं। जबकि सीरिया की सरकार और राष्ट्रपति बशर अल असद व्यवस्थित तरीके से लोगों के उत्पीड़न और उन्हें फांसी देने की रिपोर्ट को अब से पहले खारिज करते रहे हैं।
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फांसी पर चढ़ाए गए बहुत बड़ी संख्या में आम लोग
रिपोर्ट में लिखा गया है कि - ‘फांसी पर चढ़ाए गए लोगों में बहुत बड़ी संख्या आम लोगों की है, जो सरकारी विरोधी समझे जाते थे।’ रिपोर्ट के मुताबिक - ‘सेदनाया सैन्य जेल में बहुत से अन्य कैदियों का उत्पीड़न किया गया, उन्हें खाना, पानी, दवाई और स्वास्थ्य सेवाएं नहीं दी गईं और आखिरकार उनकी मौत हो गई।’
एमनेस्टी का कहना है कि इस जेल में रखे गए लोगों में सेना के वे जवान भी शामिल हैं जिन्होंने बागियों का साथ दिया या उन्हें वफादार नहीं समझा गया। एमनेस्टी का कहना है कि ऐसे मामलों में कई बार जबरदस्ती जुर्म कबूल कराया जाता है।
एमनेस्टी का कहना है कि इस जेल में रखे गए लोगों में सेना के वे जवान भी शामिल हैं जिन्होंने बागियों का साथ दिया या उन्हें वफादार नहीं समझा गया। एमनेस्टी का कहना है कि ऐसे मामलों में कई बार जबरदस्ती जुर्म कबूल कराया जाता है।
गुपचुप ढंग से फांसी पर लटकाकर सामूहिक कब्रों में कर देते हैं दफन
एमनेस्टी की रिपोर्ट के मुताबिक लोगों को फांसी देने का काम गुपचुप तरीके से होता है और मारे गए लोगों को दमिश्क के बाहर सामूहिक कब्रों में दफन कर दिया जाता है। यहां तक कि मृतकों के परिजनों को इस बारे में कोई जानकारी तक नहीं दी जाती है।
संस्था की यह रिपोर्ट 84 चश्मदीदों के साथ हुई बातचीत पर आधारित है, जिनमें जेल के पूर्व गार्ड, अधिकारी, कैदी, जज और वकीलों के साथ साथ सीरिया में लोगों को हिरासत से जुड़े मामलों पर विशेषज्ञ भी शामिल हैं।
संस्था की यह रिपोर्ट 84 चश्मदीदों के साथ हुई बातचीत पर आधारित है, जिनमें जेल के पूर्व गार्ड, अधिकारी, कैदी, जज और वकीलों के साथ साथ सीरिया में लोगों को हिरासत से जुड़े मामलों पर विशेषज्ञ भी शामिल हैं।