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यमन में आत्मघाती हमला, 42 की मौत

Sat, 11 Aug 2012 04:35 PM IST
Updated Sat, 11 Aug 2012 04:35 PM IST
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Suicide attack in Yemen 42 dead
यमन के दक्षिणी प्रांत अबयान के जार इलाके में हुए आत्मघाती हमले में कम से कम 42 लोगों की मौत हो गई और 37 लोग घायल हो गए। सभी घायलों का देश के विभिन्न अस्पतालों में इलाज चल रहा है। स्थानीय प्रशासन ने इस हमले के लिए अल कायदा को जिम्मेदार ठहराया है।
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सेना ने जून में इस इलाके को जिहादियों से मुक्त कराया था। इस शहर पर एक साल से अधिक समय तक अल कायदा के वफादारों का कब्जा था। हादसे में अल कायदा के खिलाफ जंग में शामिल एक स्थानीय संगठन के नेता समेत दस से ज्यादा लोग घायल भी हुए हैं।
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मिली जानकारी के मुताबिक यह हमला शनिवार को हुआ। एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि विस्फोट इतना जबरदस्त था कि शवों के चिथडे़ हवा में उड़ते देखे गए। प्रांतीय गवर्नर जमाल अल क्वाल ने बताया कि अल कायदा के एक आत्मघाती हमलावर ने ‘पॉपुलर रेजिस्टेंस कमेटीज’ द्वारा आयोजित एक शोक सभा में खुद को विस्फोट से उड़ा दिया।
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पॉपुलर रेजिस्टेंस कमेटीज एक स्थानीय मिलिशिया है, जिसने आतंकियों के खिलाफ महीने भर तक चली लंबी लड़ाई में सेना का साथ दिया था। जार में राजी अस्पताल के एक अधिकारी ने बताया कि अस्पताल को 24 लोगों के शव मिले हैं। वहीं चिकित्सकों ने बताया कि अदन के मुख्य दक्षिणी शहर में तीन अस्पतालों में 12 लोगों की मौत हो गई।

स्थानीय अधिकारी मोहसिन बिन जमीला ने बताया कि छह लोगों के रिश्तेदार उनके शवों को दफनाने के लिए सीधे घटनास्थल से लेकर चले गए। वहीं दूसरी ओर, एक स्थानीय अधिकारी ने बताया कि देश के पूर्वी हिस्से में किए गए ड्रोन हमले में अल कायदा के पांच संदिग्ध आतंकवादी भी मारे गए।

अमेरिका सऊदी के लिए खतरा
इस हमले ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि यमन में इसलामिस्ट आतंकवादियों की पैठ कायम है। यमन में अल कायदा के सक्रिय होने के बारे में समय-समय पर आगाह करते रहे अमेरिका और सऊदी अरब के लिए भी यह एक खतरे की घंटी है।


उल्लेखनीय है कि इसलामी कानून के पक्षधर अंसार अल शरिया ने गत वर्ष अबयान प्रांत के कई शहरों पर उस दौरान कब्जा कर लिया था जब यमन के तत्कालीन राष्ट्रपति अली अब्दुल्ला सालेह अपने शासन के खिलाफ आंदोलन से जूझ रहे थे। अंतत: सालेह को पद से इस्तीफा देना पड़ा था।
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