हज हादसे में मरने वाले भारतीयों की संख्या 29 हुई
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सऊदी अरब में हजयात्रा के दौरान मची भगदड़ में मरने वाले भारतीय नागरिकों की संख्या 29 तक पहुंच गई है। इसके साथ ही हादसे में मरने वालों की कुल संख्या बढ़कर 776 तक पहुंच चुकी हैं। शनिवार को कुछ और शवों की पहचान की गई है। उन्होंने बताया कि मृतकों की पहचाने के लिए लापता हजयात्रियों के संबंधियों और टूर ऑपरेटरों से मदद ली जा रही है।
इससे पहले विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विकास स्वरूप ने बताया कि भारतीय अधिकारी मक्का में जमीनी स्तर पर लगातार काम कर रहे हैं। साथ ही लापता हजयात्रियों के परिजनों से संपर्क किया जा रहा है। विकास ने बताया कि सऊदी अधिकारियों और हजयात्रियों के परिजनों के साथ मिलकर भारतीय मिशन मृतकों की पहचान कर रहा है।
साथ ही शवों के लिए तेजी से औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं। इसके अलावा हादसे में घायल 934 लोगों में से कम से कम 13 भारतीय नागरिक भी शामिल हैं। पिछले 25 सालों में सऊदी अरब में हुए सबसे बड़े हादसे में जान गंवाने वाले 18 भारतीयों में से 11 गुजरात, तीन तमिलनाडु, एक तेलंगाना, एक केरल, एक झारखंड और एक उत्तर प्रदेश के रहने वाले थे।
विरोध का हो रहा है सामना
सऊदी अरब के किंग सलमान ने सुरक्षा की समीक्षा और हज ऑर्गेनाइजेशन के
पुनरीक्षण करने का आदेश दिया है। इसके साथ ही मुस्लिम हजयात्रियों ने गमगीन
माहौल में हज की आखिरी रस्म अदा की।
हादसे को लेकर आलोचना झेल रहे सऊदी
अरब को ईरान के कड़े विरोध का सामना करना पड़ रहा है। हादसे में अपने कम
से कम 131 नागरिकों को खोने वाले ईरान ने हजयात्रा के प्रबंधन को लेकर सऊदी
अरब की क्षमता पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
वहीं, सऊदी स्वास्थ्य मंत्री
खालिद अल-फलीह ने एक बयान में हादसे के लिए हजयात्रियों को जिम्मेदार
ठहराया है। इस हजयात्रा में 180 से ज्यादा देशों के नागरिक शामिल हुए।
अपराध की श्रेणी
हज हादसे पर दुनिया भर में हो रही आलोचना के बीच सऊदी के शीर्ष मौलवी
ने कहा है कि मीना में इस हादसे को रोकना इंसान के वश की बात नहीं थी। शेख
अब्दुल अजीज अल शेख ने क्राउन प्रिंस और गृह मंत्री मोहम्मद बिन नायेफ को
बताया कि इस हादसे में किसी का भी कसूर नहीं है।
उन्होंने कहा कि ऐसी चीजों
पर इंसान का वश नहीं होता, क्योंकि भाग्य और नियति पर किसी का जोर नहीं
चलता।हज हादसे में अपने सबसे ज्यादा नागरिकों को खोने वाले ईरान ने सऊदी के
खिलाफ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कानूनी कदम उठाने की बात कही है।
ईरान का
कहना है कि यह दुर्घटना अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत अपराध की श्रेणी में
आती है। लिहाजा मामले में सऊदी अरब को निश्चित रूप से जिम्मेदार ठहराया
जाना चाहिए।