रूढ़िवादिता को पीछे छोड़ आगे बढ़ रहा है सऊदी अरब, महिलाओं को पहली बार दिया गया ड्राइविंग लाइसेंस
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सऊदी अरब ने रूढ़िवादी सोच को दरकिनार करते हुए महिलाओं की स्वतंत्रता की ओर कदम बढ़ाना शुरू कर दिया है। यहां कभी महिलाओं को ड्राइविंग करने की इजाजत नहीं थी लेकिन अब 4 जून से उनके लिए ड्राइविंग लाइसेंस जारी करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है।
सऊदी की आधिकारिक प्रेस एजेंसी (एसपीए) के मुताबिक 4 जून को महलाओं के पहले समूह को लाइसेंस दिए गए। इसके अलावा यातायात महानिदेशालय ने मान्यता प्राप्त अंतरराष्ट्रीय ड्राइविंग लाइसेंसों को सऊदी लाइसेंसों से बदलने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है।
बता दें ये कदम प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने देश को रूढ़िवादी से आधुनिक बनाने के लिए उदारीकरण अभियन के तहत उठाए हैं। सूचना मंत्रालय के मुताबिक अगले हफ्ते तक 2,000 महलाओं को लाइंसेंस मिलने का अनुमान है।
कुछ नियम भी रखे गए हैं
सऊदी अरब दुनिया का पहला ऐसा देश में जहां महिलाओं पर सबसे अधिक प्रतिबंध लगाए गए हैं। वहीं यातायात विभाग के महानिदेशक मोहम्मद अल बसमी का कहना है कि देश में महिलाओं के गाड़ी चलाना शुरू करने के लिए सभी प्रक्रियाएं पूरी हो चुकी हैं। इससे पहले साल 2017 में भी शाही आदेश में महिलाओं के गाड़ी चलाने पर लगी सदियों पुरानी रोक को खत्म करने का ऐलान किया गया था।
इसमें कुछ नियम भी रखे गए हैं जैसे 18 साल या उससे अधिक उम्र की महिलाओं को ड्राइविंग लाइसेंस दिए जाएंगे। इसके साथ ही देश के करीब 5 शहरों में ड्राइविंग स्कूल भी स्थापित किए जा चुके हैं। अब महिलाएं यहां से गाड़ी चलाने का प्रशिक्षण प्राप्त कर पाएंगी। जिन महिलाओं ने विदेशों से लाइसेंस प्राप्त किया है वह यहां टेस्ट देकर प्रथक रूप से लाइसेंस ले सकती हैं।
गौरतलब है कि सऊदी में जब भी किसी तरह का कोई बदलाव होता है तो उस पर कुछ रूढ़िवादी लोग भी आपत्ति जताने से पीछे नहीं हटते। अभी बीते हफ्ते की ही बात है जब देश में मशहूर मैग्जीन वोग के कवर पेज पर छपी सऊदी अरब की राजकुमारी की तस्वीर ने बवाल मचा दिया था।
तस्वीर पर मचा था बवाल
तस्वीर में राजकुमारी को ड्राइविंग सीट पर बैठा हुआ दिखाया गया था। महिलाओं के गाड़ी चलाने की स्वतंत्रता का विरोध करने वाले सऊदी के कुछ लोगों को ये तस्वीर ठीक नहीं लगी और उन्होंने तस्वीर पर अपनी प्रतिक्रिया देने के लिए सोशल मीडिया का सहारा लिया।
यहां की कुछ महिलाओं ने सोशल मीडिया पर मैग्जीन के कवर पर छपी राजकुमारी हायफा-अब्दुल्लाह अल-सौद की फोटो के चेहरे पर गिरफ्तार एक्टिविस्ट की तस्वीर लगाकर देशद्रोही का नाम दिया। इसके अलावा कई दूसरे लोग भी राजकुमारी की तस्वीर के साथ गिरफ्तार एक्टिविस्ट की तस्वीर फोटोशॉप करके शेयर करने लगे।
वोग मैग्जीन के इस एडिशन में प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान के सुधारवादी विचारधारा के तहत महिलाओं पर लगे प्रतिबंध को हटाने और धार्मिक कट्टरपंथ को खत्म करने के मुद्दे को प्राथमिकता दी गई थी।
मैग्जीन में छपी तस्वीर से साफ तौर पर पता चल रहा था कि सऊदी अब अपनी रूढ़िवादी परंपरा को तोड़ महिलाओं की ड्राइविंग के लिए तैयार है। राजकुमारी हायफा ने मैग्जीन को दिए अपने इंटरव्यू में कहा है कि सऊदी में कुछ रूढ़िवादी लोग हैं जो नए बदलाव से डरते हैं। राजकुमारी का कहना है कि वह इन बदलावों का पूर्ण रूप से समर्थन करती हैं।