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ईरान: हजारों की फांसी की सजा कम हो सकती है
बीबीसी हिंदी
Updated Thu, 11 Jan 2018 05:13 PM IST
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ईरान में ड्रग्स से जुड़े कानून में बदलाव के बाद मौत की सजा पाए हजारों लोगों को राहत मिल सकती है। ड्रग्स से जुड़े कुछ अपराधों में मौत की सजा को खत्म कर दिया गया है और देश की न्यायपालिका के प्रमुख का कहना है कि जिन्हें मौत की सजा सुनाई जा चुकी है उनके मामलों को फिर से देखा जाएगा।
कानून में आए इस बदलाव के असर में मौत की सजा पाने वाले करीब पांच हजार कैदियों को राहत मिल सकती है। ईरान में हर साल सैकड़ों लोगों को मौत की सजा दी जाती है, इनमें से अधिकतर ड्रग से जुड़े मामलों के अपराधी ही होते हैं। अगस्त में ईरान की संसद ने मौत की सजा वाले अपराध के लिए ड्रग्स की मात्रा को बढ़ा दिया था। पुराने कानून के मुताबिक तीस ग्राम कोकीन रखने पर भी मौत की सजा हो सकती थी लेकिन इसे बढ़ाकर अब दो किलोग्राम कर दिया गया है।
अफ़ीम और गांजा की मात्रा को बढ़ाकर पचास किलोग्राम कर दिया गया है। न्यायपालिका के प्रमुख अयातुल्लाह सादेग़ लारीजानी ने स्थानीय मीडिया से कहा है कि मौत के अधिकतर सजाओं को जेल की सजा में बदल दिया जाएगा।
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ईरान में मानवाधिकारों के लिए काम करने वाली नार्वे स्थित संस्था ईरान ह्यूमन राइट्स से जुड़े महमूद अमीरी ने भी इस बदलाव का स्वागत किया है। अमीरी ने बीबीसी से कहा, "यदि इस बदालव को सही से लागू कर दिया गया तो इससे दुनियाभर में फांसी दिए जाने के मामलों में उल्लेखनीय कमी आ जाएगी।"
हालांकि उन्होंने चिंता भी जाहिर की है कि जो पहले से फांसी की सजा पाए हुए हैं उन्हें शायद फ़ायदा न मिल पाए। उन्होंने कहा, "ड्रग अपराधों के लिए फांसी की सजा पाने वाले अधिकतर लोग ईरान के पिछड़े समुदायों से हैं। ऐसे में जरूरी नहीं है कि उन्हें कानून में बदलाव की जानकारी हो पाए या वो अपील दायर करने के लिए जरूरी कार्रवाई करवा पाएं।"
अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार समूह एमनेस्टी इंटरनेशनल ने इस बदलाव का स्वागत करते हुए कहा है कि अभी और कदम उठाए जाने की जरूरत है। संस्था की एक प्रवक्ता ने कहा, "ईरान सरकार को ड्रग्स से जुड़े सभी मामलों में फांसी की सजा को खत्म करना चाहिए और सभी मामले में इसे खत्म करने की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए।"
"इस समय ईरान में करीब पांच हजार लोगों को ऐसे अपराधों के लिए मौत की सजा सुनाई गई है इनमें से अधिकतर बीस से तीस साल की उम्र के बीच हैं जिन्होंने पहली बार अपराध किया है।" संस्था के मुताबिक 1988 के बाद से ईरान में दस हजार से अधिक लोगों को ड्रग्स से जुड़े अपराधों के लिए फांसी की सजा दी चुकी है।
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कानून में आए इस बदलाव के असर में मौत की सजा पाने वाले करीब पांच हजार कैदियों को राहत मिल सकती है। ईरान में हर साल सैकड़ों लोगों को मौत की सजा दी जाती है, इनमें से अधिकतर ड्रग से जुड़े मामलों के अपराधी ही होते हैं। अगस्त में ईरान की संसद ने मौत की सजा वाले अपराध के लिए ड्रग्स की मात्रा को बढ़ा दिया था। पुराने कानून के मुताबिक तीस ग्राम कोकीन रखने पर भी मौत की सजा हो सकती थी लेकिन इसे बढ़ाकर अब दो किलोग्राम कर दिया गया है।
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अफ़ीम और गांजा की मात्रा को बढ़ाकर पचास किलोग्राम कर दिया गया है। न्यायपालिका के प्रमुख अयातुल्लाह सादेग़ लारीजानी ने स्थानीय मीडिया से कहा है कि मौत के अधिकतर सजाओं को जेल की सजा में बदल दिया जाएगा।
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ईरान में मानवाधिकारों के लिए काम करने वाली नार्वे स्थित संस्था ईरान ह्यूमन राइट्स से जुड़े महमूद अमीरी ने भी इस बदलाव का स्वागत किया है। अमीरी ने बीबीसी से कहा, "यदि इस बदालव को सही से लागू कर दिया गया तो इससे दुनियाभर में फांसी दिए जाने के मामलों में उल्लेखनीय कमी आ जाएगी।"
हालांकि उन्होंने चिंता भी जाहिर की है कि जो पहले से फांसी की सजा पाए हुए हैं उन्हें शायद फ़ायदा न मिल पाए। उन्होंने कहा, "ड्रग अपराधों के लिए फांसी की सजा पाने वाले अधिकतर लोग ईरान के पिछड़े समुदायों से हैं। ऐसे में जरूरी नहीं है कि उन्हें कानून में बदलाव की जानकारी हो पाए या वो अपील दायर करने के लिए जरूरी कार्रवाई करवा पाएं।"
अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार समूह एमनेस्टी इंटरनेशनल ने इस बदलाव का स्वागत करते हुए कहा है कि अभी और कदम उठाए जाने की जरूरत है। संस्था की एक प्रवक्ता ने कहा, "ईरान सरकार को ड्रग्स से जुड़े सभी मामलों में फांसी की सजा को खत्म करना चाहिए और सभी मामले में इसे खत्म करने की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए।"
"इस समय ईरान में करीब पांच हजार लोगों को ऐसे अपराधों के लिए मौत की सजा सुनाई गई है इनमें से अधिकतर बीस से तीस साल की उम्र के बीच हैं जिन्होंने पहली बार अपराध किया है।" संस्था के मुताबिक 1988 के बाद से ईरान में दस हजार से अधिक लोगों को ड्रग्स से जुड़े अपराधों के लिए फांसी की सजा दी चुकी है।