पीओके में पाक सरकार के खिलाफ प्रदर्शन, गिलगित बाल्टिस्तान को प्रांत बनाने से हैं नाराज
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गिलगित बाल्टिस्तान के लोगों ने पाकिस्तान सरकार द्वारा इसे प्रांत बनाकर गिलगित बाल्टिस्तान की स्थिति को बदलने की कोशिश के खिलाफ पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) के मुजफ्फराबाद में कराची और हुंजा में प्रदर्शन किया। इसके अलावा उन्होंने बाबा जान जैसे मानवाधिकार कार्यकर्ताओं के खिलाफ कार्रवाई का भी विरोध किया।
People from Gilgit Baltistan carried out demonstrations in Muzaffarabad (PoK), Karachi & Hunza against Pak govt’s attempt to alter the status of Gilgit Baltistan by making it a province.
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They also protested against the crackdown on rights activists like Baba Jan.
(11.10.2020) pic.twitter.com/lKYItypPXM — ANI (@ANI) October 13, 2020
बता दें कि पाकिस्तान गिलगित-बाल्टिस्तान को पांचवा प्रांत बनाना चाहता है। यह घोषणा पहली बार देश के कश्मीर और गिलगित-बाल्टिस्तान मामलों के संघीय मंत्री द्वारा की गई थी। मंत्री ने कहा था कि प्रधानमंत्री इमरान खान जल्द ही इस क्षेत्र का दौरा करेंगे और इस संबंध में औपचारिक घोषणा करेंगे।
मंत्री ने गिलगित-बाल्टिस्तान के पत्रकारों के एक प्रतिनिधिमंडल से बात करते हुए कहा था, 'सभी हितधारकों के साथ परामर्श के बाद, संघीय सरकार ने गिलगित-बाल्टिस्तान को संवैधानिक अधिकार देने के लिए सैद्धांतिक रूप से निर्णय लिया है। हमारी सरकार ने वहां के लोगों से किए वादे को पूरा करने का फैसला किया है।'
पहले क्षेत्र में खनन और परिवहन बुनियादी ढांचे में निवेश करने तक चीन की भागीदारी सीमित थी, लेकिन अब वह यहां विस्तार करना चाहता है। चीन पाकिस्तान आर्थिक गलियारा, जो विशेषज्ञों का मानना है कि पाकिस्तान के लिए एक ऋण-जाल है, इसका एख बड़ा हिस्सा गिलगित बाल्टिस्तान से गुजरता है। इसलिए कुछ लोगों का मानना है कि चीन शायद इस क्षेत्र को प्रांत बनाने के लिए लिए पाकिस्तान में लॉबिंग कर रहा है ताकि उसके निवेश की रक्षा हो सके।