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जर्मनी : उदारवादियों के गढ़ में दक्षिणपंथ को बड़ी कामयाबी, एएफडी बनी दूसरी सबसे बड़ी पार्टी
Tue, 03 Sep 2019 04:23 AM IST
Nilesh Kumar
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
Published by: Nilesh Kumar
Updated Tue, 03 Sep 2019 04:23 AM IST
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जर्मनी के म्यूनिख में गोलीबारी
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जर्मनी में दूसरे विश्व युद्ध के बाद पिछले कुछ वर्षों में दक्षिणपंथी ताकतों का प्रभाव काफी बढ़ चुका है। देश के दो पूर्वी राज्यों (सेक्सनी और ब्रांडेनबर्ग) में हुए विधानसभा चुनावों में पहली बार धुर दक्षिणपंथी पार्टी एएफडी दूसरी सबसे बड़ी पार्टी बनने जा रही है। ये चुनाव परिणाम बताते हैं कि पूर्वी जर्मनी में अब उदारवादी ताकतों की पकड़ जनता के बीच उभर रहे कट्टरपंथी मुद्दों के बीच ढीली पड़ रही है।
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अब तक आए नतीजे बताते हैं कि ब्रांडेनबर्ग में मध्य वामपंथी एसपीडी और सेक्सनी में मध्य दक्षिणपंथी सीडीयू सत्ता में बनी रहेंगी, लेकिन उन्हें काफी नुकसान उठाना पड़ा है। दोनों ही राज्यों में धुर दक्षिणपंथी एएफडी ने बड़ी संख्या में लोगों का समर्थन पाया है। जर्मन चांसलर एंगेला मैर्केल की सीडीयू को सेक्सनी में 32 प्रतिशत वोट मिले और वह सबसे बड़ी पार्टी बनी है, लेकिन ब्रांडेनबुर्ग में पार्टी सिर्फ 15 प्रतिशत वोट ही हासिल कर पाई।
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ब्रांडेनबर्ग में सबसे ज्यादा 26.2 प्रतिशत वोट एसपीडी को मिले हैं. सेक्सनी में एसपीडी 7.7 प्रतिशत के आंकड़े से आगे नहीं बढ़ पाई। दोनों ही राज्यों में सरकार बनाने के लिए सीडीयू और एसपीडी को गठबंधन सहयोगियों की जरूरत होगी। जबकि दोनों ही राज्यों में एएफडी को बड़ा फायदा हुआ है। एएफडी की नेता एलिस वाइडेल ने ट्वीट कर चुनाव नतीजों पर खुशी जताई है।
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प्रवासियों को लेकर असंतोष का फायदा
एडोल्फ हिटलर ने दूसरे विश्व युद्ध के समय यहां पर रह रहे यहूदियों के खिलाफ अभियान चलाकर देशवासियों को एकजुट किया था। जबकि अब यहां एएफडी पार्टी ने दोनों राज्यों में प्रवासियों को लेकर असंतोष का फायदा उठाया है। दक्षिणपंथी पार्टी के पूर्वी जर्मनी में भी अपना आधार विकसित करने को बेहद अहम माना जा रहा है क्योंकि जर्मनी विघटन के वक्त पूर्वी जर्मनी में वामपंथियों की पकड़ रह चुकी है।