जर्मनी ने बढ़ाया यूरोप का गैस संकट: रूस को सबक सिखाने के लिए उठाया ये कदम
जर्मनी में उठाए गए एक कदम की कीमत पूरे यूरोप को चुकानी पड़ रही है। यूरोप में पिछले महीने से गैस संकट जारी है। पिछले महीने यूरोपीय देशों ने आरोप लगाया था कि रूस सरकार जानबूझ कर कम गैस की सप्लाई कर रही है, ताकि वह नॉर्ड स्ट्रीम-2 को जल्द मंजूरी दिलाने के लिए दबाव डाल सके। लेकिन रूस ने इस आरोप का खंडन किया था।
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रूस को सबक सिखाने के लिए जर्मनी में उठाए गए एक कदम की कीमत पूरे यूरोप को चुकानी पड़ रही है। जर्मनी की विनियामक संस्था ने नॉर्ड स्ट्रीम-2 पाइपलाइन को सर्टिफिकेट देने की प्रक्रिया रोक दी है। ये खबर आने के बाद यूरोप में गैस के मूल्य तेजी से चढ़ गए हैं। नॉर्ड स्ट्रीम-2 पाइपलाइन रूस से जर्मनी तक बनी है। बताया जाता है कि यूक्रेन की मांग और अभी बेलारुस और पोलैंड की सीमा पर चल रहे शरणार्थी संकट की वजह से जर्मनी ने अपना रुख सख्त कर लिया है। पोलैंड ने आरोप लगाया है कि शरणार्थी संकट बढ़ाने में रूस के राष्ट्रपति व्लादीमीर पुतिन बेलारुस के राष्ट्रपति अलेक्सांद्र लुकाशेंकों की मदद कर रहे हैं। वैसे औपचारिक रूप से जर्मन संस्था ने प्रमाणपत्र जारी करने की प्रक्रिया तकनीकी कारण बताते हुए रोकी है। उसने कहा है कि नॉर्ड स्ट्रीम-2 की संचालक कंपनी का मुख्यालय स्विट्जरलैंड में है। इसलिए जर्मन संस्था उसे सर्टिफिकेट जारी नहीं कर सकती।
यूरोप में गैस की कीमत 10 फीसदी बढ़ गई
ये खबर आते ही यूरोप में गैस के वायदा कारोबार में कीमत 10 फीसदी चढ़ गई। यूरोप में पहले से ही प्राकृतिक गैस महंगी बिक रही है। इसके बीच दाम में और बढ़ोतरी से कारोबारी और घरेलू उपभोक्ताओं की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। गैस सप्लाई करने वाली कई प्रमुख कंपनियों ने चेतावनी दी है कि आगे चल कर यूरोप को ब्लैकआउट का सामना करना पड सकता है। यूरोप में चिंता इस बात से भी कायम है कि मौसम विभाग ने इस साल सामान्य से ज्यादा ठंड पड़ने का अनुमान लगाया है। उस हाल में बिजली और गैस की मांग में काफी बढ़ोतरी होगी।
40 प्रतिशत हिस्सा रूस देता है
पर्यवेक्षकों के मुताबिक, यूरोपियन यूनियन (ईयू) को अपने कुल गैस उपभोग का 40 प्रतिशत हिस्सा रूस से प्राप्त होता है। नॉर्ड स्ट्रीम-2 पाइपलाइन यूक्रेन की सीमा में बिना गए रूस से सीधे जर्मनी तक पहुंचती है। इस मुद्दे को लेकर यूक्रेन और रूस में तनाव रहा है। ईयू की सहानुभूति यूक्रेन के साथ है। इसके बावजूद जर्मनी ने नॉर्ड स्ट्रीम-2 को मंजूरी दी थी। पाइपलाइन का काम पूरा हो गया है। लेकिन सर्टिफिकेशन संबंधी ताजा दिक्कत के कारण इसके जरिए गैस सप्लाई की संभावना फिलहाल थम गई है।
यूरोप में पिछले महीने से गैस संकट जारी
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने सोमवार को कहा था कि ईयू के सामने यह चयन करने की चुनौती है कि वह यूक्रेन का साथ देती है या नॉर्ड स्ट्रीम-2 को मंजूरी देती है। उन्होंने ईयू से अपील की थी वह यूक्रेन का साथ देकर शांति और स्थिरता का पक्ष ले। यूरोप में पिछले महीने से गैस संकट जारी है। पिछले महीने यूरोपीय देशों ने आरोप लगाया था कि रूस सरकार जानबूझ कर कम गैस की सप्लाई कर रही है, ताकि वह नॉर्ड स्ट्रीम-2 को जल्द मंजूरी दिलाने के लिए दबाव डाल सके। लेकिन रूस ने इस आरोप का खंडन किया था। रूस के उप प्रधानमंत्री अलेक्सांद्र नोवाक ने यह जरूर कहा था कि नॉर्ड स्ट्रीम-2 पाइपलाइन का जल्द सर्टिफिकेशन होने से मौजूदा संकट को हल करने में मदद मिलेगी। लेकिन अब जर्मनी ने सर्टिफिकेशन की प्रक्रिया रोक दी है। इसका यूक्रेन ने स्वागत किया है। पर्यवेक्षकों का कहना है कि यह फैसला ईयू के भू-राजनीतिक लक्ष्यों के अनुरूप है। लेकिन इससे यूरोप के गैस संकट के और गंभीर रूप लेने के संकेत मिलने लगे हैँ।