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पर्यावरण संरक्षण की सराहनीय पहल, नए साल पर जर्मनी के लोग नहीं करेंगे आतिशबाजी

Sat, 28 Dec 2019 03:19 AM IST
गौरव पाण्डेय वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला Published by: गौरव पाण्डेय Updated Sat, 28 Dec 2019 03:19 AM IST
सार

  • जलवायु परिवर्तन और प्रदूषण को लेकर किया फैसला
  • 57 फीसदी लोगों ने पटाखे नहीं जलाने की बात कही
  • करीब 36 फीसदी लोग इस फैसले के खिलाफ भी हैं
  • सात फीसदी लोग अभी तक कुछ तय नहीं कर पाए हैं

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Germans will not do fireworks for the sake of environment on this new year
जर्मनी का ध्वज - फोटो : पेक्सेल्स

विस्तार

नए साल के स्वागत में जश्न के साथ आतिशबाजी की योजना बना रहे हैं तो जर्मनी के लोगों की इस पहल पर गौर करिएगा। जर्मनी के लोगों और पटाखा विक्रेताओं ने नए साल पर पर्यावरण की खातिर पटाखा न बेचने और न जलाने का फैसला कर दुनिया के सामने मिसाल पेश की है। लोगों का कहना है कि स्वच्छ वातावरण और शुद्ध हवा के लिए नए साल पर वे आतिशबाजी नहीं करेंगे और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करेंगे। 

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यूजीओवी के सर्वे के अनुसार दो हजार जर्मनी के लोगों ने कहा कि वे पर्यावरण की खातिर आतिशबाजी नहीं करेंगे। सर्वे में 57 फीसदी लोगों ने प्रदूषण से बचाव के लिए नए साल पर रोशनी और तेज आवाज वाले पटाखे न जलाने की बात कही है। वहीं सात फीसदी लोग ये तय नहीं कर पाए हैं कि वे पटाखे जलाएंगे या नहीं। वहीं 36 फीसदी लोग आतिशबाजी न करने के फैसले के खिलाफ हैं।

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एक रात में पांच हजार प्रदूषित कण

जर्मन फेडरल एनवॉयरमेंट एजेंसी के अनुसार नए साल के स्वागत के दिन आतिशबाजी से एक रात में पांच हजार टन प्रदूषित कण पर्यावरण में घुल जाता है। ये दो महीने में ट्रैफिक के चलते होने वाले प्रदूषण के बराबर है। जर्मनी के 30 शहरों और नगर निकाय क्षेत्रों जिनमें राजधानी बर्लिन समेत हैमबर्ग, म्यूनिख, और कोलोग्ने में आतिशबाजी पर आशिंक या पूर्ण रूप से प्रतिबंध है।

365 दिन स्वच्छ हवा चाहते हैं

जर्मनी में सुपर मार्केट का और आतिशबाजी दुकानों संचालन करने वाले उली बुडनिक का कहना है कि ‘हमने नए साल के आगमन से ऐन पहले अच्छा फैसला किया है। हम चाहते हैं कि हर इंसान और पशु स्वस्थ रहे। सभी को 365 दिन स्वच्छ हवा मिले इसी को देखते हुए इस बार हम पटाखों की बित्री नहीं करेंगे।’

महिलाएं बोलीं आतिशबाजी खतरनाक

नए साल पर होने वाली आतिशबाजी को 79 फीसदी लोगों ने खतरनाक माना। वहीं 84 फीसदी महिलाओं ने आतिशबाजी को घातक और स्वास्थ्य के लिए खतरनाक बताया। वहीं 10 में से सात लोगों ने माना कि आतिशबाजी काफी महंगी है और उसकी तेज आवाज 43 फीसदी लोगों की परेशानी का सबब है।

आज से शुरू होगी बिक्री

शनिवार से जर्मनी में रॉकेट और बड़े पटाखों की बिक्री शुरू होगी। छोटे पटाखों की बिक्री हर साल होती है लेकिन कुछ चुनिंदा दुकानों से ही खरीद सकते हैं। ये पटाखे दिसंबर के आखिरी तीन दिन ही जलाए जाएंगे।

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