जी-7 अमेजन जंगल में लगी आग के लिए आर्थिक मदद देने को राजी, ब्राजील के राष्ट्रपति की आलोचना
- जी-7 अमेजन के जंगलों में लगी आग पर 30 लाख यूरो (22 लाख अमेरिकी डॉलर) खर्च करने को राजी।
- अमेजन में आग : विश्व स्तर पर ब्राजील के राष्ट्रपति बोल्सोनारो की आलोचना
- विकास कार्यों के लिए पर्यावरण नियमों में ढील के आरोप, कई जगह हुए प्रदर्शन
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जी-7 अमेजन के जंगलों में लगी आग पर 30 लाख यूरो (22 लाख अमेरिकी डॉलर, करीब 158 करोड़ भारतीय रुपया) खर्च करने को राजी हो गया है। यह रकम मुख्य रूप से वहां के जंगलों में लगी भीषण आग बुझाने के लिए अग्निशमन हेलीकॉप्टरों पर खर्च की जाएगी। फ्रांस और चिली के राष्ट्रपति ने सोमवार को इसकी घोषणा बिआरित्ज के रिसॉर्ट में की, जहां पर्यावरण मुद्दे विशेषकर अमेजन में आग के दुष्परिणामों पर चर्चा हुई।
जी-7 से जुड़े देश ब्रिटेन, कनाडा, फ्रांस, जर्मनी, इटली, जापान और अमेरिका मध्यम अवधि के लिए वन क्षेत्र बढ़ाने की योजना के लिए भी तैयार हो गए हैं। इसकी जानकारी फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुअल मैक्रान और चिली के सेबेस्टियन पिनेरा ने दक्षिण -पश्चिम फ्रांस में जी-7 शिखर सम्मेलन में दी। ब्राजील भी स्थानीय समुदाय के साथ पौधे लगाने के लिए राजी हो गया है। मैक्रान ने अमेजन में आग के मुद्दे को सेमिनार में प्रमुखता से उठाया था। गौरतलब है कि ब्राजील में इस साल ही वन क्षेत्र में आग लगने की करीब 80 हजार घटनाएं सामने आ चुकी हैं। अंतरराष्ट्रीय समुदाय के दबाव में अंतत: दो सी-130 हरक्यूलिस विमानों को आग बुझाने के लिए तैनात किया गया है।
सोमवार को फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुअल मैक्रान ने ब्राजील के राष्ट्रपति पर पश्चिमी देशों और अपने देश के मामलों में दखल देने और फ्रांसीसी नेता की 66 वर्षीय पत्नी का फेसबुक पर मजाक उड़ाने का आरोप लगाते हुए कहा कि यह दुखद है, यह उनके लिए और ब्राजील के लोगों के लिए दुखद है।
ब्राजील के राष्ट्रपति जाइर बोल्सोनारो पहले भी विपक्षियों और सहयोगियों का मजाक उड़ाने से लेकर महिलाओं, अश्वेतों और समलैंगिकों के खिलाफ अपमानजनक टिपप्णी करते रहे हैं। वे 1964-1985 के बीच देश में तानाशाही सत्ता की तारीफ भी कर चुके हैं, लेकिन विश्व बिरादरी में पहली बार वे तीखी आलोचना का शिकार बने हैं। अमेजन के जंगलों में लगी आग इसका बड़ा कारण है।
ब्राजील में आपातकाल, 9 देशों में धुएं का असर
हजारों लोगों ने ब्राजील और विदेशों में ब्राजील दूतावास पर प्रदर्शन किए। पोप फ्रांसिस ने भी ब्राजील में लगी आग को लेकर चिंता जाहिर करते हुए लोगों से आग पर जल्द काबू पाने के लिए प्रार्थना करने की अपील की। बोल्सोनारो पर आरोप लग रहे हैं कि उन्होंने विकास कार्यों के लिए पर्यावरण नियमों में ढील दी। धुर दक्षिणपंथी नेता बोल्सोनारो शुरुआत में तो सैकड़ों आग की घटनाओं को ही खारिज करते रहे और उन्होंने इसका आरोप उनकी छवि धूमिल करने के लिए मानवाधिकार कार्यकर्ता समूहों पर जड़ दिया। इसके बाद यूरोपीय नेताओं के ब्राजील व दक्षिण अमेरिकी देशों के बीच ट्रेड डील खत्म करने की चेतावनी के बाद बोल्सोनारो ने आग बुझाने के लिए सेना भेजी। जर्मनी की चांसलर एंजेला मर्केल ने कहा, आग पर काबू पाने के बाद उनका देश अमेजन में फिर से वन लगाने पर बात करेगा।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अमेजन की आग को लेकर चिंता जताने के बीच ब्राजील के उत्तरी हिस्से के प्रांत रोरैमा, एक्रे, रोंडोनिया, पारा, माटो ग्रोसो और अमेजोनास इससे बुरी तरह से प्रभावित हैं। रोरैमा में 141 फीसदी, एक्रे में 138 फीसदी, रोंडोनिया में 115 फीसदी और अमेजोनास में 81 फीसदी आग बढ़ी है, जबकि दक्षिण में मोटो ग्रोसो डो सूल में ये घटनाएं 114 फीसदी तेजी से बढ़ी हैं। ब्राजील में आपातकाल की घोषणा की गई है। इस आग से निकलने वाले धुएं का असर दक्षिणी अमेरिका के 9 देशों में देखने को मिल रहा है।
अटलांटिक तटों तक फैल रहा धुआं : नासा
नासा की मानें तो ये धुआं अटलांटिक तटों तक फैल रहा है। यानी यह फैलकर 2800 वर्ग किमी क्षेत्रफल को घेर रहा है। आग से बड़ी मात्रा में कार्बन डाईऑक्साइड पैदा हो रही है। इस साल 228 मेगाटन कार्बन डाईऑक्साइड पैदा हुई है। यह 2010 के बाद सबसे ज्यादा है। यहां जहरीली गैस कार्बन मोनो ऑक्साइड भी पैदा हो रही है। यह दक्षिणी अमेरिका के तटीय इलाकों तक पहुंच चुकी है।