फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   France announces holding of event focused on relation between Indo-Pacific and European Union India welcomes invitation news and updates

चीन की घेराबंदी: 22 फरवरी को होगा यूरोप और हिंद-प्रशांत के बीच रिश्तों पर केंद्रित समारोह, भारत ने किया न्योते का स्वागत

Thu, 27 Jan 2022 04:18 PM IST
कीर्तिवर्धन मिश्र वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, पेरिस
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, पेरिस Published by: कीर्तिवर्धन मिश्र Updated Thu, 27 Jan 2022 04:18 PM IST
सार

भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने 'द फ्रेंच प्रेसिडेंसी: ईयू-इंडिया पार्टनरशिप' ऑनलाइन समिट में फ्रांस के इस कदम की तारीफ की। 

विज्ञापन
France announces holding of event focused on relation between Indo-Pacific and European Union India welcomes invitation news and updates
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों - फोटो : Twitter@

विस्तार

हिंद-प्रशांत क्षेत्र में चीन के बढ़ते खतरे को देखते हुए अब यूरोप ने भी भारत के साथ आने का फैसला किया है। फ्रांस के विदेश मंत्री ज्यां-वेस द्रायन ने एक ऑनलाइन समिट के दौरान कहा कि उनका देश यूरोपियन यूनियन और हिंद प्रशांत के बीच रिश्तों को लेकर 22 फरवरी को पेरिस में एक समारोह आयोजित करेगा। इस कार्यक्रम को पेरिस फोरम का नाम दिया गया है। द्रायन ने कहा कि इस कार्यक्रम का एजेंडा हिंद-प्रशांत क्षेत्र की सुरक्षा, कनेक्टिविटी और वैश्विक चुनौतियों का सामना करने से जुड़ा होगा। 
विज्ञापन


फ्रांस के इस फैसले का भारत ने भी स्वागत किया है। भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने 'द फ्रेंच प्रेसिडेंसी: ईयू-इंडिया पार्टनरशिप' ऑनलाइन समिट में फ्रांस के इस कदम की तारीफ की। उन्होंने कहा, "हमने कल अपने गणतंत्र दिवस परेड में फ्रांस के विमानों को उड़ान भरते देखा। मैं इसका उदाहरण दे रहा हूं, क्योंकि यह भारत और फ्रांस के बीच बढ़ती कूटनीतिक साझेदारी का उदाहरण है।" 
विज्ञापन


उन्होंने आगे कहा, "फ्रांस भी हिंद-प्रशांत क्षेत्र में अहम मौजूदगी रखता है। ऐसे में भारत और फ्रांस की साझेदारी बढ़ना, वह भी हिंद-प्रशांत को ध्यान में रखते हुए एक सामयिक फैसला है। मैं पेरिस में आयोजित होने वाले समारोह के लिए न्योते को भी स्वीकार करता हूं। इसमें हिस्सा लेना मेरे लिए सम्मान की बात होगी।"
विज्ञापन
विज्ञापन


क्वाड के बाकी देशों के साथ काम करने पर अब तक नहीं हुई चर्चा
जयशंकर ने कहा कि अब तक हमने क्वाड के दूसरे देशों के साथ जुड़ने पर चर्चा नहीं की है। इमानदारी से कहूं तो मुझे नहीं पता कि क्वाड के बाकी तीन सदस्यों का इस पर क्या विचार है। क्वाड अभी काफी नया संगठन है। हमें अपना एजेंडा तय करने में अभी काफी समय लगेगा। हिंद-प्रशांत के अलावा अफ्रीका को लेकर भारत के प्रयासों पर जयशंकर ने कहा, "मोदी सरकार ने अफ्रीका में 18 नए दूतावास खोले हैं। हमने अफ्रीका में अपने विकास के वादों को निभाना जारी रखा है। वहां अभी भी काफी काम किए जाने की जरूरत है।"
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed