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इंडोनेशिया : अचानक आई बाढ़ में 42 लोगों की मौत, 20 से ज्यादा घायल
Sun, 17 Mar 2019 09:21 AM IST
अमर शर्मा
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
Published by: अमर शर्मा
Updated Sun, 17 Mar 2019 09:21 AM IST
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इंडोनेशिया के पापुआ में शनिवार को आई बाढ़
- फोटो : The Jayapura Police/Ekatri
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इंडोनेशिया के पापुआ में शनिवार को आई बाढ़ से कम से कम 42 लोगों की मौत हो गई और 20 से ज्यादा घायल हो गए। समाचार एजेंसी एएफपी ने इंडोनेशिया के अधिकारियों के हवाले से यह जानकारी दी है।
प्रांतीय राजधानी जयापुर के पास स्थित सेंटाणी में शनिवार को मूसलाधार बारिश होने लगी। जिसकी वजह से बाढ़ आ गई। इसमें 21 लोग घायल हो गए।
राष्ट्रीय आपदा एजेंसी के प्रवक्ता सुतोपो पुरवो नुगरोहो ने बताया कि बाढ़ से दर्जनों मकान क्षतिग्रस्त हो गए।
उन्होंने कहा, "इस आपदा से हताहत और प्रभावित लोगों की संख्या बढ़ने की आशंका है क्योंकि खोज और बचाव दल अभी भी अन्य प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं।"
बाढ़ का पानी कम हुआ है लेकिन अधिकारी अभी भी लोगों को निकालने की कोशिश में जुटे हैं।
पिछले कुछ महीनों में इंडोनेशिया को एक बाद एक कई प्राकृतिक आपदाओं का सामना करना पड़ा है।
जनवरी में, सुलावेसी द्वीप पर बाढ़ और भूस्खलन से कम से कम 70 लोगों की मौत हो गई थी। जबकि इस महीने की शुरुआत में पश्चिम जावा प्रांत में सैकड़ों लोगों को बाढ़ से बचाव के लिए मजबूर होना पड़ा था। उस वक्त भी मूसलाधार बारिश के बाद बाढ़ आई थी।
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यह बाढ़ ऐसे समय में आई है जब एक महीने पहले कारांगटांग ज्वालामुखी से लावा और राख के विस्फोट के बाद इंडोनेशिया के अधिकारियों ने फरवरी में सियाउ द्वीप पर आपातकाल घोषित किया था।
ज्वालामुखी फूटने की वजह से 100 से ज्यादा लोगों को वहां से हटना पड़ा था और कई गांवों से संपर्क कट गया था। समाचार एजेंसी एएफपी के अनुसार लावा बहने की वजह से द्वीप के उत्तर पश्चिम में मौजूद बटुबुलान और बेबा की बस्तियों से जुड़ने वाली सड़कों का संपर्क कट गया।
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प्रांतीय राजधानी जयापुर के पास स्थित सेंटाणी में शनिवार को मूसलाधार बारिश होने लगी। जिसकी वजह से बाढ़ आ गई। इसमें 21 लोग घायल हो गए।
राष्ट्रीय आपदा एजेंसी के प्रवक्ता सुतोपो पुरवो नुगरोहो ने बताया कि बाढ़ से दर्जनों मकान क्षतिग्रस्त हो गए।
उन्होंने कहा, "इस आपदा से हताहत और प्रभावित लोगों की संख्या बढ़ने की आशंका है क्योंकि खोज और बचाव दल अभी भी अन्य प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं।"
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बाढ़ का पानी कम हुआ है लेकिन अधिकारी अभी भी लोगों को निकालने की कोशिश में जुटे हैं।
एक के बाद एक कई प्राकृतिक आपदाएं
इंडोनेशिया में बाढ़ आना कोई नई बात नहीं है। खासकर बारिश के मौसम के दौरान जो अक्टूबर से अप्रैल तक चलती है।पिछले कुछ महीनों में इंडोनेशिया को एक बाद एक कई प्राकृतिक आपदाओं का सामना करना पड़ा है।
जनवरी में, सुलावेसी द्वीप पर बाढ़ और भूस्खलन से कम से कम 70 लोगों की मौत हो गई थी। जबकि इस महीने की शुरुआत में पश्चिम जावा प्रांत में सैकड़ों लोगों को बाढ़ से बचाव के लिए मजबूर होना पड़ा था। उस वक्त भी मूसलाधार बारिश के बाद बाढ़ आई थी।
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यह बाढ़ ऐसे समय में आई है जब एक महीने पहले कारांगटांग ज्वालामुखी से लावा और राख के विस्फोट के बाद इंडोनेशिया के अधिकारियों ने फरवरी में सियाउ द्वीप पर आपातकाल घोषित किया था।
ज्वालामुखी फूटने की वजह से 100 से ज्यादा लोगों को वहां से हटना पड़ा था और कई गांवों से संपर्क कट गया था। समाचार एजेंसी एएफपी के अनुसार लावा बहने की वजह से द्वीप के उत्तर पश्चिम में मौजूद बटुबुलान और बेबा की बस्तियों से जुड़ने वाली सड़कों का संपर्क कट गया।