किसान आंदोलन : यूएन मानवाधिकार परिषद की उच्चायुक्त बैचलेट के बयान पर भारत की सख्त आपत्ति
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संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद की उच्चायुक्त एम. बैचलेट के बयान पर भारत ने सख्त आपत्ति जताई है। परिषद के 46 वें सत्र के दौरान भारत के स्थायी प्रतिनिधि व राजदूत आईएम पांडे ने सामान्य बहस के दौरान कहा कि भारत सरकार ने किसान आंदोलन के दौरान किसानों के प्रति पूरा सम्मान दर्शाया है। किसानों की चिंताओं को दूर करने के लिए सरकार लगातार बातचीत करती रही।
पांडे ने आगे कहा कि किसी भी मानवाधिकार आकलन में वस्तुनिष्ठता व निष्पक्षता प्रामाणिकता की कसौटी होती है, लेकिन हमें खेद है कि बैचलेट के कथन में इसका अभाव नजर आया। भारतीय प्रतिनिधि ने सत्र के दौरान बैचलेट के बयान पर साधारण बहस में यह बातें कहीं।
गणतंत्र दिवस पर अकारण हिंसा की अनदेखी की
जिनेवा में भारत के स्थायी प्रतिनिधि पांडे ने कहा कि किसानों के अधिकार के नाम पर गणतंत्र दिवस पर अकारण हिंसा की बैचलेट ने अनदेखी की। उन्होंने तंज किया कि आतंकवाद को लेकर बैचलेट का अलग नजरिया, निश्चित रूप से नया नहीं है।
GoI has shown utmost respect for protests by farmers & has remained engaged in dialogue with them to address their concerns: Ambassador IM Pandey, Permanent Rep of India, Geneva during General Debate on Oral Update of High Commissioner at 46th Session of Human Rights Council pic.twitter.com/aNRohsH5LK
— ANI (@ANI) February 26, 2021
छह फरवरी को दिया था बयान
उल्लेखनीय है कि भारत के किसान आंदोलन को लेकर छह फरवरी को संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद की प्रमुख बैचलेट ने बयान दिया था। उन्होंने प्रशासन और प्रदर्शनकारियों दोनों से संयम बरतने की अपील की थी। इसके साथ ही प्रशासन को नसीहत देते हुए कहा था कि शांतिपूर्ण तरीके से इकट्ठा होने और अभिव्यक्ति के अधिकारों की ऑफलाइन और ऑनलाइन मंच पर सुरक्षा होनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा था कि यह जरूरी है कि सभी के मानवाधिकारों का सम्मान करते हुए न्यायसंगत समाधान निकाला जाए।