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ऑस्ट्रेलिया में एफएटीएफ की बैठक, टेरर फंडिंग पर पाक की कार्रवाई की होगी समीक्षा
Sun, 06 Jan 2019 08:54 AM IST
Shilpa Thakur
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
Published by: Shilpa Thakur
Updated Sun, 06 Jan 2019 08:54 AM IST
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सार
- ऑस्ट्रेलिया में चल रही है एफएटीएफ की बैठक।
- पाकिस्तान पर आ सकती है बड़ी मुसीबत।
- पिछली बार डाला गया था ग्रे लिस्ट में।
- टेरर फंडिंग पर होगी समीक्षा।
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विस्तार
पाकिस्तान एक बार फिर अपनी आतंकी गतिविधियों के कारण मुसीबत में फंस सकता है। ऑस्ट्रेलिया में फाइनेंशल एक्शन टास्ट फोर्स (एफएटीएफ) की तीन दिवसीय बैठक शुरू हो गई है। जिसमें हिस्सा लेने के लिए पाकिस्तान का उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल पहुंचा है।
इस बैठक में ये समीक्षा की जाएगी कि मनी लॉन्ड्रिंग और आतंकवादी गतिविधियों के लिए धन उपलब्ध कराने से रोकने में पाकिस्तान ने कितनी प्रगति की है। इससे पहले एफएटीएफ ने बीते साल जून में पैरिस में हुई बैठक में पाकिस्तान को ग्रे लिस्ट में डाल दिया था। पाकिस्तान पर आरोप लगाया गया था कि वह आतंकवादियों की आर्थिक मदद को रोक पाने में असफल रहा है।
एक्शन प्लान के बारे में बताएगा पाक
पाकिस्तान से बैठक में शामिल होने के लिए 12 सदस्यीय दल शनिवार से शुरु हुई बैठक के लिए रवाना हुआ था। ये दल वित्त सचिव आरिफ अहमद खान की अगुवाई में गया है। अब ये दल बैठक में एक्शन प्लान के बारे में बताएगा। पाकिस्तान इस एक्शन प्लान में अंतरराष्ट्रीय दायित्वों के अनुरूप पालन करने की सरकार की मंशा के बारे में बताएगा। इस दौरान पाक का उद्देश्य ग्रे लिस्ट से बाहर आना भी होगा।
क्या है एफएटीएफ?
एफएटीएफ एक अंतर्राज्यीय निकाय है जो धन शोधन तथा आतंकवादी वित्तीयन का सामना करने के लिए मानक निर्धरित करता है। इसकी स्थापना 1989 में हुई थी।
इसलिए डाला था निगरानी सूची में
एफएटीएफ ने पाकिस्तान को निगरानी सूची में इसलिए डाला था ताकि उसे आतंकवादी संगठनों की मदद करने से रोका जा सके। वहीं पाकिस्तान ने शुक्रवार को एफएटीएफ को टेरर फाइनैंसिंग रिस्क असेसमेंट रिपोर्ट भी सौंपी है।