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फ़ौजी को सरेआम चाकू से गोदकर मारा
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क
Updated Thu, 23 May 2013 02:37 PM IST
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ब्रिटेन की राजधानी लंदन के दक्षिण पूर्वी इलाक़े वुलिच में छुरे से जिस व्यक्ति की हत्या हुई है वो एक सैनिक था।
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उनकी हत्या के दोनों संदिग्ध पुलिस से हुई मुठभेड़ में घायल हो गए हैं और दोनों का लंदन के दो अलग-अलग अस्पतालों में इलाज चल रहा है।
उन दोनों संदिग्धों ने वहाँ से भागने की कोई कोशिश नहीं की बल्कि वे वहाँ खड़े होकर अपनी और उस मारे गए सैनिक की तस्वीरें खिंचवाते रहे।घटनास्थल के पास से गुज़र रहे एक व्यक्ति ने उनका एक वीडियो बनाया है। उसमें उस संदिग्ध के हाथ ख़ून से सने दिख रहे हैं और वह कह रहे हैं कि 'ब्रितानी सैनिक हर दिन मुसलमानों को मारते हैं इसलिए उन्होंने ये हमला किया है।'
वीडियो में एक व्यक्ति अपने हाथ में खून से सना हुआ बड़ा छुरा लिए राजनीतिक बयान दे रहा है। इस घटना से संबंधित एक तस्वीर में एक संदिग्ध एक महिला से बात करता दिख रहा है।
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इस वीडियो का फ़ुटेज स्थानीय टीवी चैनल आईटीवी की वेबसाइट पर दिखाया गया है। फुटेज में हत्या का संदिग्ध कैमरे की तरफ देखते हुए कह रहा है, ''वो हमसे लड़ रहे हैं इसलिए हमें भी उनसे लड़ना चाहिए। आँख के बदले आँख, कान के बदले कान।''
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महिला से बातचीत
वीडियो फुटेज में इस हत्या का संदिग्ध यह कहते हुए भी देखा गया है कि "मैं महिलाओं से माफी माँगता हूँ कि उन्हें आज इस घटना का साक्षी बनना पड़ रहा है लेकिन हमारे देश में हमारी महिलाओं को भी यही देखना पड़ रहा है। आप लोग कभी भी सुरक्षित नहीं हो सकते। आप अपनी सरकार बदल दीजिए। यह सरकार आपकी कोई परवाह नहीं करती।"
अख़बार दि डेली टेलीग्राफ के अनुसार यह महिला कब स्काउट लीडर इंग्रीड लोयावु केनेट थी। कैनेट ने टेलीग्राफ को बताया कि वह संदिग्ध को हथियार फेंक देने के लिए तैयार करने की कोशिश कर रही थी।
इस घटना के अन्य प्रत्यक्षदर्शी की पहचान जेम्स के रूप में हुई है। उन्होंने एलबीसी रेडियो को बताया कि दो लोगों ने एक आदमी पर हमला किया था। जिस व्यक्ति पर हमला हुआ उसकी उम्र लगभग बीस के आस-पास होगी।
जेम्स के अनुसार, ''ये दोनों आदमी पागल थे। वे बिल्कुल जानवर थे। उन्होंने मृतक की देह को फुटपाथ से खींच कर बीच सड़क पर छोड़ दिया।"
जेम्स ने बताया कि दोनों संदिग्ध हमले के बाद छुरा और बंदूक लहरा रहे थे और लोगों से उनकी तस्वीर लेने के लिए कह रहे थे। ऐसा लगा रहा था कि टीवी इत्यादि पर आना चाह रहे हों। उन्हें और किसी बात की परवाह नहीं थी। सड़क पर इधर—उधर करते हुए उन्हें सबसे ज्यादा चिंता अपनी तस्वीर खिंचवाने की थी''
एक अन्य प्रत्यक्षदर्शी ग्राहम वाइल्डर्स ने बीबीसी को बताया कि उन्होंने एक व्यक्ति को सड़क पर पड़ा हुआ देखा। "दो लोग उस व्यक्ति पर झुके हुए थे। मुझे लगा कि वो लोग उसे बचाने की कोशिश कर रहे हैं।''
वाइल्डर्स ने कहा कि ''मैं अपनी कार पार्क करने के लिए आगे बढ़ गया। जब मैं वापस आया तो एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि वो दोनों आदमी सड़क पर पड़े हुए आदमी को छुरे से मार रहे थे।''
बीबीसी के राजनीतिक संपादक निक रॉबिंसन ने बताया कि वरिष्ठ सरकारी सूत्रों के अनुसार घटनास्थल पर मौजूद लोगों ने संदिग्धों को ''अल्ला हो अकबर'' कहते हुए सुना।