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सिगरेट के कश में स्वाहा होती औरतें
बीबीसी हिंदी
Updated Fri, 25 Jan 2013 12:15 PM IST
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एक नए शोध के मुताबिक 60 के दशक के मुकाबले आज की तारीख में धूम्रपान करने वाली महिलाओं की मौत के आसार बढ़ गए हैं।
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आजकल महिलाएं कम उम्र में सिगरेट पीना शुरु कर देती हैं और कई महिलाएं ज्यादा सिगरेट पीती हैं। इन बदलती हुई आदतों के कारण फेफड़ों के कैंसर का रिस्क बढ़ गया है।
ये बातें न्यू इंग्लैंड जर्नल ऑफ मेडिसन में छपी हैं। इनसे पता चला है कि धूम्रपान के कारण अब पुरुषों की ही तरह महिलाएं भी बड़ी संख्या में मर रही हैं।
ऑक्सफर्ड यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर रिचर्ड पेटो कहते हैं कि अगर महिलाएं पुरुषों की तरह सिगरेट पीने लगेंगी तो पुरुषों की ही तरह मरेंगी भी। शोध में अमेरिका की 20 लाख से ज्यादा महिलाओं से इकट्ठा किए डाटा पर नजर डाली गई।
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माइल्ड सिगरेट से खतरा कम नहीं
50 और 60 के दशक में महिलाओं के धूम्रपान करने का चलन तेजी से शुरु हुआ। शुरुआती वर्षों में सिगरेट पीने वाली महिलाओं में लंग कैंसर से मौत की आशंका सामान्य लोगों के मुकाबले तीन गुना अधकि होती थी।
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लेकिन वर्ष 2000 से 2010 के बीच धूम्रपान करने वाली महिलाओं में लंग कैंसर से मौत की आशंका सामान्य लोगों के मुकाबले 25 गुना हो गई है। पुरुषों में भी ऐसा ही रुझान पाया गया है।
मुख्य शोधकर्ता डॉक्टर माइकल थुन कहते हैं कि पिछले कई दशकों से धूम्रपान करने वाली महिलाओं के लिए खतरा बढ़ रहा है। ये तब जब महिलाएं आमतौर ऐसी ब्रैंड की सिगरेट पीती हैं जिन पर लिखा रहता था कि इनमें कम निकोटिन है।
इसका मतलब है कि ‘लाइट’ और ‘माइल्ड’ सिगरेट ब्रैंड महिलाओं में खतरे को कम नहीं करते। पिछले साल छपे शोध में पाया गया था कि जो महिलाएं ताउम्र सिगरेट पीती हैं वो कभी धूम्रपान न करने वाली महिलाओं से एक दशक पहले मर जाती हैं।