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इबोला मामले में डब्लूएचओ पर सवाल
Updated Sat, 18 Oct 2014 10:34 AM IST
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विश्व स्वास्थ्य संगठन की एक आंतरिक रिपोर्ट में कहा गया है कि संगठन ने इबोला के मामले में तेजी से कदम नहीं उठाया।
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इस दस्तावेज़ में पश्चिम अफ्रीका में इबोला के फैलाव को रोकने के लिए मुस्तैदी से न काम करने का आरोप लगाया गया है।
इस दस्तावेज में कहा गया है कि एजेंसी की कार्यप्रणाली जानकारी के अभाव और असक्षम कर्मचारियों के कारण काफी धीमी थी।
जिनेवा में मौजूद बीबीसी संवाददाता का कहना है कि इस तरह के आरोप कोई नई बात नहीं हैं लेकिन ये दस्तावेज संस्था में सूचना के आदान प्रदान की कमी को जरूर प्रकाश में लाता है। वो भी ऐसी स्थिति में जब इबोला महामारी गांवों से निकलकर अब शहरों में फैल रही है।
इस बीच विश्व बैंक के प्रमुख जिम योंग किम का कहना है कि दुनिया इबोला वायरस निपटने में पिछड़ रही है क्योंकि वो इसका मुकाबला एक साथ नहीं कर रही है।
पश्चिम अफ्रीका में इस वायरस के आने के बाद खाने पीने की चीज़ो के दामों में नाटकीय तौर पर वृद्धि हुई है। संयुक्त राष्ट्र ने इबोला से सबसे प्रभावित देशों में से एक सियरा लिओन में खाद्य सामग्री बांटना शुरू कर दिया है।
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इस महामारी से 4500 लोगों की मौत हो चुकी है और लोगों के संक्रमित होने के मामलों में भी बढ़ोतरी हो रही है।