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वीएस नायपॉल विवादित मगर महान लेखक, बाबरी विध्वंस को ठहराया था सही

Sun, 12 Aug 2018 06:32 PM IST
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला Updated Sun, 12 Aug 2018 06:32 PM IST
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VS Naipaul was disputed but the great writer, Babri had put the vandalism right

खुलकर लिखने और बोलने के पैरोकार नोबेल पुरस्कार विजेता लेखक वीएस नायपॉल ने बाबरी विध्वंस को लेकर एक बार विवादित बयान दिया था। उन्होंने कहा कि था 6 दिसंबर, 1992 को अयोध्या में बाबरी मस्जिद विध्वंस उचित था। उन्होंने कहा था कि बाबरी मस्जिद का निर्माण भारतीय संस्कृति पर हमला था, जिसे ढहाकर ठीक किया गया। उन्होंने यह विचार भी रखा कि जिस तरह स्पेन ने अपने राष्ट्रीय स्मारकों का पुनर्निर्माण कराया है, वैसा ही भारत में भी होना चाहिए।

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पिता से विरासत में मिला लेखन :

नायपॉल के पिता सीप्रसाद त्रिनिदाद गॉर्जियन में रिपोर्टर और फिक्शन लेखक थे। कहा जाता है कि वीएस नायपॉल के अंदर पढ़ने-लिखने का शौक पिता को देखकर ही आया। 
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उन्होंने दुनिया के अनेक देशों की कई यात्राएं कीं। कई पुस्तकें, यात्रा-वृत्तांत और निबंध लिखे। पिता के अलावा छोटे भाई शिव नायपॉल, भतीजे नील बिसुनदत, चचेरे भाई वी कपिलदेव सभी नामी लेखक रहे हैं।
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बता दें कि भारतीय मूल के नोबेल विजेता लेखक वीएस नायपॉल का रविवार को लंदन में निधन हो गया था। वे 85 साल के थे। उनके परिवार ने इसकी सूचना दी। उन्होंने लोगों के प्रवासन, ब्रिटिश साम्राज्य को उखाड़ फेंके जाने, निर्वासन की विडंबनाओं और विश्वास व अविश्वास के बीच संघर्ष पर दर्जनों उपन्यास व नॉनफिक्शन लिखे।

कई तरीकों से औपनिवेशिक दुनिया के विरोधाभासों को शामिल करने वाले नायपॉल का जन्म त्रिनिदाद में 1932 में हुआ था। उनके पूर्वज भारत से जाकर वहीं बस गए थे। छात्रवृत्ति पर वे अपनी शिक्षा पूरी करने ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय गए और फिर इंग्लैंड मेें ही बस गए। अपने जीवन में 30 से अधिक किताबें लिखने वालेे नायपॉल को 1991 में वहां ‘नाइटहुड’ की उपाधि दी गई थी। 

उनका निधन साहित्यजगत के लिए बड़ा नुकसान है : प्रधानमंत्री मोदी

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नायपॉल की पहली किताब ‘द मिस्टिक मैसर’ 1951 में आई थी। 2001 में मिले नोबेल पुरस्कार से पहले उनकी किताब ‘इन ए फ्री स्टेट’ के लिए 1971 में उन्हें ‘बुकर प्राइज’ भी मिला था। 2008 में टाइम पत्रिका ने 50 महान ब्रिटिश लेखकों की सूची में वीएस नायपॉल को सातवां स्थान दिया था।

नायपॉल ने पहली शादी पेट्रीसिया एन हेल से साल 1955 में की थी। 1996 में पेट्रीसिया का निधन के दो महीने बाद ही उन्होंने 20 साल छोटी एक तलाकशुदा पाकिस्तानी पत्रकार नादिरा खान्नुम अल्वी से शादी की थी। दोनों की मुलाकात लाहौर के अमेरिकी महावाणिज्य दूतावास में हुई थी। साल 2003 में उन्होंने नादिरा की बेटी को गोद ले लिया था जो कि उस समय 25 साल की थी।

यादगार

पत्नी नादिरा नायपॉल :
उन्होंने रचनात्मकता और उद्यम से भरी जिंदगी जी। आखिरी वक्त में वे सभी लोग, उनके साथ थे, जिन्हें वे प्यार करते थे।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी :
सर वीएस नॉयपाल कई विषयों जैसे इतिहास, संस्कृति, उपनिवेशवाद, राजनीति पर अपने लेखन के लिए याद किए जाएंगे। उनका निधन साहित्यजगत के लिए बड़ा नुकसान है।

ब्रिटिश भारतीय उपन्यासकार सलमान रुश्दी :
हम अपने जीवन, राजनीति के बारे में, साहित्य के बारे में असहमत थे और आज मैं एक बड़ा भाई खोने के चलते दुखी हूं।

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