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वॉयलिन जो डूबते टाईटेनिक पर बजता रहा

Sat, 16 Mar 2013 03:11 PM IST
बीबीसी हिंदी
बीबीसी हिंदी Updated Sat, 16 Mar 2013 03:11 PM IST
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violin played on sinking titanic

करीब सात साल तक तहक़ीकात करने के बाद नीलामीकर्ताओं ने उस वॉयलिन की पहचान कर ली है जो अपने ज़माने के मशहूर जहाज़ टाईटेनिक के बैंड लीडर द्वारा बजाया गया था।

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वॉलेस हार्टले और उनके ऑकेस्ट्रा ने टाईटेनिक पर इस वॉयलिन से संगीत की धुन छेड़ी थी।

यह जहाज साल 1912 में अपने गंतव्य तक पहुंचने से पहले ही डूब गया था। इस हादसे में 1,500 लोगों की मौत हो गई थी।

वर्ष 2006 में विल्टशायर में टाईटेनिक से जुड़े विशेष नीलामी घर, हेनरी एल्डरिज ऐंड सन से वॉयलिन के मालिक ने संपर्क साधा जो उसे बेचना चाहते थे।

नीलामी घर द्वारा मान्यता प्राप्त विशेषज्ञों ने इस बात की पुष्टि की है कि यह हार्टले का ही वॉयलिन था।

कैसे पता चला
नीलामीकर्ता ऐंड्रयू एल्डरिज ने कहा कि वो सात सालों तक इसके लिए सबूत जुटाने में लगे रहे और आख़िरकार उन्हें इस बात का भरोसा हो गया है कि वह वॉलेस हार्टले का ही वॉयलिन है।
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उन्होंने कहा, “जब हमने पहली बार वॉयलिन को देखा तो हमें अपने उत्साह पर थोड़ा नियंत्रण रखना पड़ा ताकि हम जांच-पड़ताल के बाद ही इस बेहतरीन हकीकत को साझा करें।”
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उनका कहना है, “वॉयलिन पर बने चांदी के फिश प्लेट और कई दूसरी चीजों की वजह से ही यह पहचान हो पाई कि यह वही वॉयलिन है जिसे टाईटेनिक पर बजाया गया था या यह महज़ एक भ्रम है।”

फॉरेंसिक जांच
इस वॉयलिन की जांच कई विशेषज्ञों से कराई गई जिनमें सरकारी फॉरेंसिक साइंस सर्विस के विशेषज्ञ भी शामिल हैं। इस जांच में यह पता चला कि समुद्र में डूबने की वजह से ही इस वॉयलिन पर जंग की परतें जमा हुई थीं।

इस शानदार जहाज के डूबने के करीब 10 दिनों के बाद वॉलेस हार्टले का शरीर मिला था। लेकिन उनके साथ मिले सामानों में वॉयलिन नहीं था।

हालांकि उस वक्त की कई अख़बारों की यह सुर्खी थी कि वॉलेस पूरे लिबास में थे और उनके शरीर में वह वॉयलिन अटका हुआ था।

इस वॉयलिन के समुद्र में डूबने से लेकर मृतकों के शरीर निकालने के काम में जुटे लोगों द्वारा इसे चुराए जाने से जुड़े कई किस्से हैं।

यह वॉयलिन ईस्ट योकशायर के ब्रिडलिंगटन में वॉलेस हार्टले की मंगेतर मारिया रॉबिंसन के पास वापस आया। उनकी डायरी में 19 जुलाई 1912 का एक टेलीग्राम की प्रति भी मिली।

कैसा चमत्कार
इसमें कहा गया, “मैं आप सबकी बेहद आभारी रहूंगी, अगर आप मेरी ओर से उन लोगों को धन्यवाद दे सकें जिन्होंने मेरे दिवंगत मंगेतर के वॉयलिन को मुझ तक पहुंचाने की कोशिश की।”


अमेरिका के फिलाडेल्फिया में रहने वाले 55 वर्षीय क्रेग सोपिन के पास टाईटेनिक से जुड़ी यादगार चीजों का दुनिया का सबसे बड़ा संग्रह है। उनका कहना है, “ज्यादातर लोगों का यही मानना था कि वह वॉयलिन गुम हो गया लेकिन कई बार कुछ चमत्कार होते हैं और यह वॉयलिन इसी की मिसाल है।”

ऐसा माना जाता है कि इस वॉयलिन की क़ीमत करोड़ों में होगी और यह लैंकाशायर के एक अज्ञात व्यक्ति की संपत्ति है।

इसे अप्रैल में बेलफास्ट सिटी हॉल में प्रदर्शनी में दिखाया जाएगा। लेकिन इसकी नीलामी की कोई तारीख अभी तय नहीं है।

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