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भगोड़े विजय माल्या पर कसेगा शिकंजा, ब्रिटिश कोर्ट ने माने सीबीआई के सभी सबूत

Fri, 27 Apr 2018 07:27 PM IST
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला Updated Fri, 27 Apr 2018 07:27 PM IST
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Vijay Mallya extradition case London Westminster Court admits all evidence provided by CBI

फरार भारतीय शराब किंग विजय माल्या की परेशानियां बढ़ रही हैं। ब्रिटेन की कोर्ट ने माल्या के प्रत्यर्पण से जुड़े मामले में भारतीय केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई)की तरफ से जमा कराए गए बहुत सारे सबूतों को स्वीकार कर लिया है।

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सबूत स्वीकार किए जाने से माल्या को वापस ले जाने के लिए चल रहे भारतीय खेमे के प्रयासों को उत्साह मिला है और सफलता की उम्मीद बढ़ी है। अब इस मामले में अगली सुनवाई 11 जुलाई को होगी। 
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हालांकि विभिन्न बैंकों के करीब 9 हजार करोड़ रुपये के कर्ज का गबन करने और इस पैसे को मनी लांड्रिंग के जरिए दूसरी कंपनियों में ट्रांसफर करने के आरोप में वांछित चल रहे 62 वर्षीय माल्या की 6.5 लाख पाउंड की जमानत अगली सुनवाई तक बरकरार रखी गई है।
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अब अगले दो महीने तक वेस्टमिंस्टर मजिस्ट्रेट कोर्ट की जज एम्मा आर्बुथनॉट के पास दोनों पक्ष लिखित में अपने तर्क जमा कराएंगे। इन्हीं पर कोर्ट दोबारा बैठने पर मौखिक बहस सुनेगी। इसके बाद जज निर्णय देने की तारीख तय करेंगी।

माल्या ने दिया एक अन्य प्रत्यर्पण में रिहाई का मामला

Vijay Mallya extradition case London Westminster Court admits all evidence provided by CBI
माल्या के वकीलों ने भारतीय जेलों में हालात बेहद खराब होने का तर्क देते हुए इसके पक्ष में उसी जेल विशेषज्ञ की गवाही पेश की, जिसकी गवाही के आधार पर हाल ही में वेस्टमिंस्टर कोर्ट की ही एक अन्य जज रेबेका क्रेन ने एक भारतीय सट्टेबाज के प्रत्यर्पण पर रोक लगाकर उसे रिहा कर दिया था। उस निर्णय के खिलाफ कुछ ही दिन पहले भारत सरकार ने हाईकोर्ट में अपील की है।

हालांकि जज आर्बुथनाट के सामने सीबीआई अधिकारियों ने मुंबई की आर्थर रोड जेल की बैरक नंबर-12 में प्राकृतिक रोशनी और चिकित्सा सुविधा मौजूद होने की रिपोर्ट पेश की, जहां प्रत्यर्पण के बाद माल्या को रखा जाएगा।

जज के भारतीय तर्क को सही मानने से सीबीआई अधिकारियों मामले का निर्णय अब अपने पक्ष में मान रहे हैं। यदि मामले का निर्णय भारतीय पक्ष में आता है तो निर्णय की तिथि से दो महीने के अंदर यूनाइटेड किंगडम (ब्रिटेन) के गृह सचिव को माल्या का प्रत्यर्पण भारत के लिए कराना होगा।
 

हैंसी क्रोनए की मैच फिक्सिंग से जुड़ा था दूसरा प्रत्यर्पण

Vijay Mallya extradition case London Westminster Court admits all evidence provided by CBI
माल्या के वकीलों की तरफ से उदाहरण के तौर पर पेश किया गया प्रत्यर्पण मामला भारतीय मूल के ब्रिटिश नागरिक संजीव कुमार चावला का था, जो  वर्ष 2000 में पूर्व दक्षिण अफ्रीकी कप्तान हैंसी क्रोनए से जुड़े क्रिकेट मैच फिक्सिंग स्कैंडल के प्रमुख आरोपियों में से एक के तौर पर भारत में वांछित था, लेकिन कोर्ट में दिल्ली के तिहाड़ जेल में स्वास्थ्य के अनुकूल हालात नहीं होने की रिपोर्ट पेश करने पर प्रत्यर्पण पर रोक लगा दी थी।

इसी जेल में प्रत्यर्पण के बाद संजीव को रखा जाना था। कोर्ट में ये रिपोर्ट स्कॉटिश जेल सेवा के पूर्व स्वास्थ्य सेवा प्रमुख डॉ. एलन मिचेल की तरफ से पेश की गई थी, जो कैदियों पर अत्याचार की रोकथाम करने के लिए गठित यूरोपियन काउंसिल कमेटी के चुने गए सदस्य भी हैं।
 
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