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अमेरिका, ब्रिटेन ने गुपचुप तरीके से IS लड़ाकों को सीरिया से बाहर निकाला: रिपोर्ट
एजेंसी, लंदन
Updated Sun, 19 Nov 2017 03:44 AM IST
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सीरिया
- फोटो : FILE PHOTO
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अमेरिका और ब्रिटेन के सैन्य बलों ने एक समझौते का तहत पिछले महीने सीरिया के रक्का से गुपचुप तरीके से सैकड़ों आईएस लड़ाकों को बाहर निकाला। यह दावा बीबीसी कि रिपोर्ट में किया गया।
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बीबीसी की डॉक्यूमेंट्री ‘रक्का'ज डर्टी सीक्रेट’ के अनुसार, आतंकी समूह आईएसआईएस के लड़ाकों और उनके परिवार को अमेरिकी, ब्रिटिश और स्थानीय कुर्दिश बलों ने गोपनीय तरीके से राजधानी से बाहर निकाला। इसके बाद यहां अक्तूबर में बमबारी की गई। इसके बाद इन लड़ाकों को सीरिया से दूर इधर-उधर भाग जाने के लिए छोड़ दिया गया।
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आईएसआईएस में शामिल होने वाले विदेशी लड़ाकों जो सीरिया और ईराक से नहीं थे, को कथित रूप से बाहर निकाले जाने वाले काफिले में जगह दी गई। एक स्थानीय ड्राइवर ने बीबीसी को बताया, ‘यहां बड़ी संख्या में विदेशी हैं। ये लोग फ्रांस, अजरबैजान, पाकिस्तान, यमन, सऊदी, ट्यूनिशिया और मिस्र से हैं।’
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रिपोर्ट में यह बताया गया है कि किस तरह से काफिले में शामिल ट्रकों में 250 लड़ाके, 3500 परिवार वाले और हथियार व सामानों को बाहर निकाला गया। यह 12 अक्तूबर को स्थानीय अधिकारियों और पश्चिमी अधिकारियों की बैठक के बाद तय किया गया था।
काफिले में 150 से अधिक गाड़ियां
एक स्थानीय चालक ने बीबीसी के बताया कि यह काफिला छह से सात किलोमीटर तक लंबा था। इसमें करीब 50 ट्रक, 13 बसें और 100 से अधिक आईएसआईएस के अपने वाहन शामिल थे। काफिले में जा रहे लड़ाकों के चेहरे ढंके हुए थे और इनसे के कुछ बेधड़क वाहनों की छत पर भी बैठे थे। रिपोर्ट में कहा गया कि 10 ट्रकों में सिर्फ हथियार और गोला बारूद ही भरा था।
दुनिया से छुपाने की कोशिश
डॉक्यूमेंट्री बनाने वालों का कहना है कि बड़ी समस्या को दुनिया से छुपाने की कोशिश की गई। लेकिन बीबीसी ने दर्जनों लोगों से बातचीत की। इनमें काफिले में शामिल लोग, इन्हें देखने वाले और इस काम में मध्यस्थता करने वाले लोग भी शामिल हैं। कुर्दों के नेतृत्व वाले सीरियाई डेमोक्रेटिक फोर्स ने रक्का से मीडिया को हटा दिया ताकि आईएसआईएस लड़ाकों को यहां से बाहर निकाले जाने को टीवी पर प्रसारित न किया जा सके।
दुनिया से छुपाने की कोशिश
डॉक्यूमेंट्री बनाने वालों का कहना है कि बड़ी समस्या को दुनिया से छुपाने की कोशिश की गई। लेकिन बीबीसी ने दर्जनों लोगों से बातचीत की। इनमें काफिले में शामिल लोग, इन्हें देखने वाले और इस काम में मध्यस्थता करने वाले लोग भी शामिल हैं। कुर्दों के नेतृत्व वाले सीरियाई डेमोक्रेटिक फोर्स ने रक्का से मीडिया को हटा दिया ताकि आईएसआईएस लड़ाकों को यहां से बाहर निकाले जाने को टीवी पर प्रसारित न किया जा सके।