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सेक्स एजुकेशन देने वाले टीचरों की मुसीबत

Fri, 22 Apr 2016 03:33 PM IST
बीबीसी
बीबीसी Updated Fri, 22 Apr 2016 03:33 PM IST
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सेक्स शिक्षा देने वाले शिक्षकों पर 'ब्रेनवाशिंग' का आरोप लगना आम बात - फोटो : BBC

ब्रिटेन की टीचर यूनियन के हेड ने कहा है कि बच्चों को सेक्स शिक्षा देने वाले शिक्षकों पर 'ब्रेनवाशिंग' का आरोप लगना आम बात है। इनके नेता रसेल हॉबी ने कहा है कि सेक्स शिक्षा की कोई वैधानिक हैसियत नहीं है इसलिए शिक्षकों को विरोध का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार सेक्स शिक्षा को वैधानिक मान्यता देकर इस विवाद को ख़त्म करे। ब्रिटेन में सेक्स और संबंधों पर दी जाने वाली शिक्षा पर लंबे समय से विवाद रहा है। सरकारी अधिकारियों का कहना है कि वे यौन शिक्षा की गुणवत्ता को सुधारना चाहते हैं। शिक्षकों, सांसदों और मंत्रियों की लंबे समय से यह मांग रही है कि इस विषय की पढ़ाई को वैधानिक रूप दिया जाए।

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हाऊस ऑफ कॉमन कमिटी ने इसी साल शिक्षा सचिव निकी मोरगन को पत्र लिखकर उन पर दबाव बनाया है कि प्राइमरी और सेंकेडरी स्तर पर सेक्स शिक्षा को वैधानिक रूप दिया जाए। ब्रिटेन के समाज में कम उम्र के बच्चों में सेक्स को लेकर बढ़ती दिलचस्पी और इंटरनेट पर मौजूद पोर्नोग्राफ़ी को देखते हुए इसे और जरूरी माना जा रहा है। हॉबी कहते हैं कि हम यह नहीं कर रहे कि शिक्षक इस विषय को पढ़ा रहे हैं इसलिए इसे वैध बना दीजिए, लेकिन जो शिक्षक इसे पढ़ा रहे हैं उनकी सुरक्षा के लिए यह ज़रुरी है। 

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आरोप लगाए जाते हैं कि शिक्षक व्यक्तिगत एजेंडे को आगे बढ़ा रहे

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बच्चों को सेक्स शिक्षा देने वाले शिक्षकों पर 'ब्रेनवाशिंग' का आरोप लगना आम बात - फोटो : BBC

वरना यह आरोप लगाए जाते हैं कि शिक्षक व्यक्तिगत एजेंडे को आगे बढ़ा रहे हैं। वह कहते हैं कि हम बहुत मुश्किल स्थिति में फंस जाते हैं जब अभिभावक इससे सहमत नहीं होते और वे कहते हैं कि आप हमारे बच्चों का दिमाग ख़राब कर रहे हैं। जब यह होगा तो वे कह सकेंगे कि-ऐसा करना उनकी जिम्मेदारी है क्योंकि यह सरकार का नियम है और वह ऐसा इसलिए कर रहे हैं क्योंकि देश के हर स्कूल में ऐसा हो रहा है

वह कहते हैं सरकार इसे वैध नहीं बनाकर शिक्षकों को विवाद में डाल रही है। हॉबी ने इसका उदाहरण दिया कि यदि बच्चों को समलैंगिकता के विषय पर पढ़ाया जाता है तो अभिभावक इससे असहमत हो सकते हैं। यह ऐसे विवादस्पद विषय है जिस पर कोई समाज पूरी तरह सहमत नहीं हो सकता है। शिक्षकों को कई बार साहसिक होना पड़ता है। ऐसे में हमें उनके साथ होना चाहिए। उन्होंने कहा कि अभिभावक इस विषय से छात्रों को निकालना चाहते हैं, वह शिक्षकों के लिए एक चुनौती है। इसका एक उदाहरण देते हुए हॉबी ने बताया कि कुछ दिनों पहले एक बैठक में एक हेड शिक्षक को अभिभावकों ने एक कमरे में रोक दिया। बाद में पुलिस को इसमें दखल देना पड़ा।

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