{"_id":"57f4105b4f1c1b8c32270cfc","slug":"uk-announces-crackdown-on-immigration-decision-to-hit-indians","type":"story","status":"publish","title_hn":"अब ब्रिटेन में भारतीयों को काम पाना होगा मुश्किल, लंदन ने बनाई नई वीजा नीति","category":{"title":"Europe","title_hn":"यूरोप","slug":"europe"}}
अब ब्रिटेन में भारतीयों को काम पाना होगा मुश्किल, लंदन ने बनाई नई वीजा नीति
एजेंसी/ लंदन
Updated Wed, 05 Oct 2016 01:56 AM IST
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ब्रिटेन ने काम और पढ़ाई के लिए आने वाले गैर यूरोपीय राष्ट्रों के प्रवासियों की संख्या में कटौती करने की योजना की घोषणा की है। इसके लिए कड़े कानूनी प्रावधान बनाने की तैयारी है। इससे ब्रिटिश कंपनियों के लिए भारत जैसे देशों के पेशेवर हायर करना मुश्किल हो जाएगा। नए कड़े आव्रजन कानून का सबसे ज्यादा असर भारत पर पड़ेगा। ब्रिटेन में काफी संख्या में भारत के लोग काम और शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। इसके अलावा ऐसे अप्रवासियों को किराए पर घर या संपत्ति देना अपराध माना जाएगा। इस बाबत संपत्ति के मालिक के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकेगी।
मंगलवार को ब्रिटेन की गृहमंत्री अंबर रुड ने बर्मिंघम में कंजर्वेटिव पार्टी के वार्षिक कांफ्रेंस में बताया कि उनको आव्रजन में कटौती करने के विकल्पों पर विचार करना होगा। उन्होंने कहा, ‘अगर हम सच में आव्रजन में कटौती करना चाहते हैं, तो इसके सभी स्रोतों पर विचार करना होगा। हालांकि रणनीतिक तौर पर यूरोपीय देशों के नागरिकों को इससे अलग रखा जाएगा।’
उन्होंने कहा कि हम काम और शिक्षा के लिए ब्रिटेन आने वाले विदेशियों के संबंध में विचार करेंगे। इसके तहत गैर यूरोपीय देश के लोगों को भर्ती करने से पहले कंपनियों की ओर से लिए जाने वाले टेस्ट को कठोर बनाया जा सकता है। इसका मकसद ब्रिटिश नागरिकों की नौकरी छीनने से बचाना है। हालांकि ब्रिटिश नागरिक से बचे पदों पर विदेशियों को रखा जाएगा।
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मंगलवार को ब्रिटेन की गृहमंत्री अंबर रुड ने बर्मिंघम में कंजर्वेटिव पार्टी के वार्षिक कांफ्रेंस में बताया कि उनको आव्रजन में कटौती करने के विकल्पों पर विचार करना होगा। उन्होंने कहा, ‘अगर हम सच में आव्रजन में कटौती करना चाहते हैं, तो इसके सभी स्रोतों पर विचार करना होगा। हालांकि रणनीतिक तौर पर यूरोपीय देशों के नागरिकों को इससे अलग रखा जाएगा।’
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उन्होंने कहा कि हम काम और शिक्षा के लिए ब्रिटेन आने वाले विदेशियों के संबंध में विचार करेंगे। इसके तहत गैर यूरोपीय देश के लोगों को भर्ती करने से पहले कंपनियों की ओर से लिए जाने वाले टेस्ट को कठोर बनाया जा सकता है। इसका मकसद ब्रिटिश नागरिकों की नौकरी छीनने से बचाना है। हालांकि ब्रिटिश नागरिक से बचे पदों पर विदेशियों को रखा जाएगा।
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