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जिंदगी की जंग हारी 'मनचलों से लड़ने वाली'
Updated Mon, 01 Dec 2014 03:54 PM IST
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जर्मनी की राजधानी बर्लिन में लोगों ने 23 साल की उस छात्रा को श्रद्धांजलि दी है, जिसने अपनी जान दो किशोर लड़कियों को छेड़खानी से बचाने के लिए दी।
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लगभग 150 लोगों ने टुगसी अलबायर्क को याद किया। राष्ट्रपति योआखिम गाउक ने इस छात्रा को औरों के लिए आदर्श बताया है। जर्मन माडिया के मुताबिक 15 नवंबर को इस छात्रा ने फ्रैंकफर्ट के पास ऑफनबाख में एक रेस्टोरेंट के शौचालय से लड़कियों के चिल्लाने की आवाजें सुनीं।
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टुगसी ने देखा कि वहां कुछ लोग दो लड़कियों को परेशान कर रहे थे, उनसे छेड़छाड़ कर रहे थे। टुगसी अलबायर्क ने इन किशोरियों का उत्पीड़न कर रहे पुरूषों का विरोध किया।
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बाद में इनमें से एक आदमी ने कार पार्किंग में टुगसी अलबायर्क के सिर पर किसी चीज से हमला कर दिया। इस हमले के बाद वो अचेत हो गईं। डॉक्टरों ने उनके दिमाग को मृत घोषित कर दिया और कहा कि अब वो भी नहीं उठेंगी।
टुगसी अलबायर्क की 23वें जन्मदिन पर उनके माता पिता ने उन्हें जीवन रक्षक प्रणाली से हटाने का फैसला किया। शुक्रवार को जीवन रक्षक प्रणाली से हटाने के बाद इस छात्रा की मौत हो गई।
श्रद्धांजलि सभा का आयोजन करने वाली कैगला फरेट का कहना है, "इसकी जगह मैं या फिर मेरा परिवार कोई भी हो सकता था, क्योंकि इस तरह की घटना को अगर होते हुए कोई भी देखेगा तो उसमें हस्तक्षेप जरूर करेगा।"