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ट्रंप और किम की जुबानी जंग स्कूली बच्चों की लड़ाई जैसीः रूस
बीबीसी, हिंदी
Updated Sat, 23 Sep 2017 04:55 PM IST
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trump and kim
- फोटो : File Photo
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रूस के विदेश मंत्री ने कहा है कि डोनाल्ड ट्रंप और किम जोंग उन के बीच चल रही जुबानी जंग स्कूली बच्चों की लड़ाई जैसी है। सर्गेई लावरोफ ने कहा है कि दोनों 'गर्म दिमाग' नेताओं को शांत करने के लिए एक विराम की जरूरत है।
उन्होंने कहा, "शांत रहकर उत्तर कोरिया के परमाणु सैन्यकरण को देखना अस्वीकार्य है लेकिन साथ ही कोरियाई प्रायद्वीप में युद्ध छेड़ना भी अस्वीकार्य है।" लावरोफ ने कहा है कि मौजूदा संकट से राजनीतिक प्रक्रिया के जरिए निबटा जाना चाहिए जो की संयुक्त राष्ट्र की सुरक्षा परिषद की प्रक्रिया का अहम हिस्सा है।
उन्होंने कहा, "चीन के साथ मिलकर हम तार्किक रवैया अपनाएंगे न की भावुक रवैया जैसा कि जब स्कूली बच्चे लड़ना शुरू कर देते हैं तब उन्हें कोई नहीं रोक सकता है।"
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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उत्तर कोरिया के शासक किम जोंग उन के बीच तीखी बयानबाजी हुई है। दोनों नेताओं ने एक दूसरे पर हमला करते हुए एक दूसरे को 'सनकी' और 'पागल' कहा है।
किम जोंग-उन ने कहा है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की "हताशा" से उन्हें यकीन है कि उत्तर कोरिया द्वारा हथियारों को विकसित करना सही है।
उत्तर कोरिया की सरकारी मीडिया को दिए एक बयान में उत्तर कोरियाई शासक ने कहा कि ट्रंप को संयुक्त राष्ट्र में दिए अपने हाल के भाषण के परिणाम भुगतने होंगे। ट्रंप ने यह भी कहा कि अगर अमेरिका को अपनी रक्षा करनी है तो उसे उत्तर कोरिया को पूरी तरह नष्ट करना होगा।
ट्रंप ने संयुक्त राष्ट्र में दिए अपने भाषण में किम जोंग-उन को लेकर कहा था कि "रॉकेट मैन", "खुदकुशी के मिशन" पर है। हाल के दिनों में आक्रामक बयानों की बौछार के बीच उत्तर कोरिया और अमेरिका में खासा तनाव बना हुआ है।
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उन्होंने कहा, "शांत रहकर उत्तर कोरिया के परमाणु सैन्यकरण को देखना अस्वीकार्य है लेकिन साथ ही कोरियाई प्रायद्वीप में युद्ध छेड़ना भी अस्वीकार्य है।" लावरोफ ने कहा है कि मौजूदा संकट से राजनीतिक प्रक्रिया के जरिए निबटा जाना चाहिए जो की संयुक्त राष्ट्र की सुरक्षा परिषद की प्रक्रिया का अहम हिस्सा है।
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उन्होंने कहा, "चीन के साथ मिलकर हम तार्किक रवैया अपनाएंगे न की भावुक रवैया जैसा कि जब स्कूली बच्चे लड़ना शुरू कर देते हैं तब उन्हें कोई नहीं रोक सकता है।"
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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उत्तर कोरिया के शासक किम जोंग उन के बीच तीखी बयानबाजी हुई है। दोनों नेताओं ने एक दूसरे पर हमला करते हुए एक दूसरे को 'सनकी' और 'पागल' कहा है।
किम जोंग-उन ने कहा है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की "हताशा" से उन्हें यकीन है कि उत्तर कोरिया द्वारा हथियारों को विकसित करना सही है।
उत्तर कोरिया की सरकारी मीडिया को दिए एक बयान में उत्तर कोरियाई शासक ने कहा कि ट्रंप को संयुक्त राष्ट्र में दिए अपने हाल के भाषण के परिणाम भुगतने होंगे। ट्रंप ने यह भी कहा कि अगर अमेरिका को अपनी रक्षा करनी है तो उसे उत्तर कोरिया को पूरी तरह नष्ट करना होगा।
ट्रंप ने संयुक्त राष्ट्र में दिए अपने भाषण में किम जोंग-उन को लेकर कहा था कि "रॉकेट मैन", "खुदकुशी के मिशन" पर है। हाल के दिनों में आक्रामक बयानों की बौछार के बीच उत्तर कोरिया और अमेरिका में खासा तनाव बना हुआ है।
हाइड्रोजन बम परीक्षण कर सकता है उत्तर कोरिया
North korea
उत्तर कोरिया लगातार बैलिस्टिक मिसाइल परीक्षण कर रहा है और अंतरराष्ट्रीय आलोचना के बावजूद इसने छठा परमाणु परीक्षण किया है। ट्रंप की टिप्पणियों की तुलना "कुत्ते के भौंकने" से करने वाले उत्तर कोरिया के विदेश मंत्री री योंग-हो ने चेतावनी दी है कि ट्रंप की धमकियों के जवाब में उत्तर कोरिया प्रशांत महासागर में हाइड्रोजन बम का परीक्षण कर सकता है।
दक्षिण कोरिया की न्यूज़ एजेंसी योनहैप ने योंग हो की चेतावनी पर लिखा कि यह प्रशांत महासागर में हाइड्रोजन बम का सबसे शक्तिशाली विस्फोट हो सकता है। हालांकि योंग ने कहा, "हमें नहीं पता कि क्या कार्रवाई की जा सकती है क्योंकि आदेश किम जोंग-उन ही देंगे।"
"जो रास्ता चुना उस पर अंत तक है चलना"
केसीएनए एजेंसी में आए किम के एक अंग्रेजी बयान के मुताबिक, "ट्रंप की टिप्पणी ने डराने या रोकने के बजाय मुझे यकीन दिला दिया है कि जो भी रास्ता मैंने चुना है वो सही है और इसी पर मुझे अंत तक चलना है।"
उन्होंने कहा, "अब जबकि ट्रंप ने पूरी दुनिया के सामने मेरे और मेरे देश का अस्तित्व नकारते हुए अपमान किया है। इतिहास के सबसे भयंकर युद्ध की घोषणा की तो ट्रंप को उनके भाषण का करारा जवाब देने के लिए उत्तर कोरिया अब तक की अपनी सबसे बड़ी कार्रवाई करेगा।"
अंत में उन्होंने कहा, "मानसिक रूप से विक्षिप्त आग से खेलने के शौकीन अमेरिकी बूढ़े को यकीनन वश में करूंगा।" विशेषज्ञों का मानना है कि यह पहली बार है जब उत्तर कोरिया के किसी नेता ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय को सीधा संबोधित किया हो।
दक्षिण कोरिया की न्यूज़ एजेंसी योनहैप ने योंग हो की चेतावनी पर लिखा कि यह प्रशांत महासागर में हाइड्रोजन बम का सबसे शक्तिशाली विस्फोट हो सकता है। हालांकि योंग ने कहा, "हमें नहीं पता कि क्या कार्रवाई की जा सकती है क्योंकि आदेश किम जोंग-उन ही देंगे।"
"जो रास्ता चुना उस पर अंत तक है चलना"
केसीएनए एजेंसी में आए किम के एक अंग्रेजी बयान के मुताबिक, "ट्रंप की टिप्पणी ने डराने या रोकने के बजाय मुझे यकीन दिला दिया है कि जो भी रास्ता मैंने चुना है वो सही है और इसी पर मुझे अंत तक चलना है।"
उन्होंने कहा, "अब जबकि ट्रंप ने पूरी दुनिया के सामने मेरे और मेरे देश का अस्तित्व नकारते हुए अपमान किया है। इतिहास के सबसे भयंकर युद्ध की घोषणा की तो ट्रंप को उनके भाषण का करारा जवाब देने के लिए उत्तर कोरिया अब तक की अपनी सबसे बड़ी कार्रवाई करेगा।"
अंत में उन्होंने कहा, "मानसिक रूप से विक्षिप्त आग से खेलने के शौकीन अमेरिकी बूढ़े को यकीनन वश में करूंगा।" विशेषज्ञों का मानना है कि यह पहली बार है जब उत्तर कोरिया के किसी नेता ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय को सीधा संबोधित किया हो।
japan criticizes north korea
- फोटो : File Photo
किम के बयान की जापान सरकार ने तीखी आलोचना की है। मुख्य कैबिनेट सचिव योशिहिदे सुगा ने शुक्रवार को कहा, "उत्तर कोरिया का बयान और उसका व्यवहार इस क्षेत्र और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा है और ये बिल्कुल ही अस्वीकार्य है।"
उत्तर कोरिया ने पिछले महीने जापान की ओर दो बैलिस्टिक मिसाइलों का परीक्षण किया जिससे इस क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया।
गुरुवार को ट्रंप ने उत्तर कोरिया के खिलाफ प्रतिबंधों को और बढ़ाने के लिए एक नए आदेश पर हस्ताक्षर किए हैं। इसके तहत अमेरिका का राजकोष विभाग उन कंपनियों और वित्तीय संस्थानों को निशाना बनाएगा जो उत्तर कोरिया में बिजनेस कर रहे हैं।
उन्होंने कहा, "अपने परमाणु हथियारों और मिसाइल कार्यक्रमों के लिए बहुत लंबे समय तक उत्तर कोरिया को अंतरराष्ट्रीय आर्थिक व्यवस्था का दुरुपयोग करने की अनुमति दी गई।"
"सैन्य सनक" त्रासदी की ओर ले जाएगा
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने इस महीने की शुरुआत में उत्तर कोरिया पर नए प्रतिबंधों की मंजूरी दी थी जिसका उद्देश्य तीन सितंबर को किए गए छठे परमाणु परीक्षण के बाद वहां ईंधन और पैसे की तंगी लाना था।
न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा के एजेंडे में उत्तर कोरिया का मसला प्रमुख था, जहां कई देशों ने तनाव को कम करने पर जोर दिया। रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोफ ने चेताया कि परमाणु परीक्षण पर "सैन्य सनक" त्रासदी की ओर ले जाएगा, जबकि चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने कहा उत्तर कोरिया को "खतरनाक दिशा" में नहीं जाना चाहिए।
वांग ने गुरुवार को संयुक्त राष्ट्र में कहा कि कोरियाई प्रायद्वीप पर कोई नया परमाणु हथियार नहीं होना चाहिए, चाहे उत्तर कोरिया हो या दक्षिण कोरिया।
उत्तर कोरिया ने पिछले महीने जापान की ओर दो बैलिस्टिक मिसाइलों का परीक्षण किया जिससे इस क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया।
गुरुवार को ट्रंप ने उत्तर कोरिया के खिलाफ प्रतिबंधों को और बढ़ाने के लिए एक नए आदेश पर हस्ताक्षर किए हैं। इसके तहत अमेरिका का राजकोष विभाग उन कंपनियों और वित्तीय संस्थानों को निशाना बनाएगा जो उत्तर कोरिया में बिजनेस कर रहे हैं।
उन्होंने कहा, "अपने परमाणु हथियारों और मिसाइल कार्यक्रमों के लिए बहुत लंबे समय तक उत्तर कोरिया को अंतरराष्ट्रीय आर्थिक व्यवस्था का दुरुपयोग करने की अनुमति दी गई।"
"सैन्य सनक" त्रासदी की ओर ले जाएगा
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने इस महीने की शुरुआत में उत्तर कोरिया पर नए प्रतिबंधों की मंजूरी दी थी जिसका उद्देश्य तीन सितंबर को किए गए छठे परमाणु परीक्षण के बाद वहां ईंधन और पैसे की तंगी लाना था।
न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा के एजेंडे में उत्तर कोरिया का मसला प्रमुख था, जहां कई देशों ने तनाव को कम करने पर जोर दिया। रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोफ ने चेताया कि परमाणु परीक्षण पर "सैन्य सनक" त्रासदी की ओर ले जाएगा, जबकि चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने कहा उत्तर कोरिया को "खतरनाक दिशा" में नहीं जाना चाहिए।
वांग ने गुरुवार को संयुक्त राष्ट्र में कहा कि कोरियाई प्रायद्वीप पर कोई नया परमाणु हथियार नहीं होना चाहिए, चाहे उत्तर कोरिया हो या दक्षिण कोरिया।