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एक लबादा जो आग से रखे महफूज़

Mon, 20 May 2013 07:48 AM IST
Updated Mon, 20 May 2013 07:48 AM IST
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thermal invisibility cloak heat resistance

अनुसंधानकर्ताओं ने एक ऐसी लबादे सरीखी चीज़ का परीक्षण किया जो किसी वस्तु को आग से छुपाकर उसे सुरक्षित रख सकेगी।

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वैज्ञानिक इसे ‘थर्मल इनविजिबिलिटी क्लोक’ नाम से पुकार रहे हैं।

हालांकि ऐसा नहीं है कि इस तरह की कोई कोशिश पहली बार की गई है।

कुछ और भी प्रयास चल रहे हैं जैसे कि किसी वस्तु को रोशनी और यहां तक कि ध्वनि तरंगों से भी बचाकर कैसे रखा जा सकेगा।

लेकिन यह पहली बार हुआ है कि एक ऐसी डिवाइस बनाई गई है जो किसी वस्तु को ऊष्मा से भी बचा सकेगी।

इसका नमूना ‘फिज़ीकल रिव्यू लेटर्स’ में जारी किया गया है।

सैंद्धांतिक विचार

इस तकनीक का इस्तेमाल इलेक्ट्रॉनिक्स से जुड़ी चीजों में ताप के प्रबंधन में किया जाता है।

जारी किए गए नमूने का सैंद्धांतिक विचार साल 2012 में सबसे पहले फ्रांस के अनुसंधनकर्ताओं ने दिया था।

यह विचार अब हकीकत में बदल गया है।

ताम्बे और सिलिकॉन से बनी इस चीज को ‘पीडीएमएम’ का नाम दिया गया है।

इसके काम करने का तरीका भी कम रोचक नहीं है।

यह ऊष्मा की धारा को करीने से बनाई गई डिजाइन के तहत केंद्रीय हिस्से के इर्द गिर्द दो पदार्थों से बने घेरे में फैला दिया जाता है।

अध्ययन रिपोर्ट जर्मनी के कार्लश्रुहे इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नॉलॉजी के रॉबर्ट स्किट्टनी की अगुवाई वाले समूह ने लिखी थी।

ऊष्मा प्रबंधन

रॉबर्ट अपनी समूह की कोशिशों के नतीजे के बारे में बताते हैं, "अगर आप चारों तरफ बने घेरे पर गौर करते हैं तो आप ऊष्मा के अधिक प्रभाव वाले क्षेत्रों को देख सकते हैं लेकिन अगर आप केंद्र की तरफ बढ़ेगे तो निम्न असर वाली सतह आपको बार-बार रोक देगी।"

उन्होंने बीबीसी से कहा, “आप देख सकते हैं कि ऊष्मा के लिए उस वस्तु के केंद्र तक पहुंचने की तुलना में उसके चारों तरफ पहुंचना ज्यादा आसान होगा।”

रॉबर्ट ने बताया कि उनके काम से ऐसे उपकरण बनाए जाने की उम्मीदें बढ़ी है जिनमें ऊष्मा के प्रबंधन की जरूरत पड़ती है।

खासकर इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम, शीतक मशीनों या ऊर्जा संयंत्रों में इसका इस्तेमाल किया जा सकेगा।

यह नमूना ठीक वैसे ही काम करता है जैसा कि अनुसंधानकर्ताओं ने साल 2012 में बताया था।

रॉबर्ट ने कहा, “हम सभी इस बात को लेकर आश्चर्यचकित हैं कि सैंद्धांतिक विचार और प्रायोगिक नतीजों में आखिरकार मेल हो गया।”

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