फ्रांस: मैग्जीन पर आतंकी हमले की 10 खास बातें
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1.चार्ली एबेडो फ्रांस की प्रमुख सटायर (व्यंग्य) मैग्जीन है। जिसमें दुनियाभर के नेताओं और धर्मों पर व्यंगात्मक कार्टून बनाए जाते रहे हैं। इसके मैग्जीन को लगातार कई सालों से आतंकी संगठनों से धमकियां भी मिलती रही हैं।
2.पत्रिका पर स्थानीय समयानुसार सुबह साढ़े 11.30 बजे हमला हुआ। काले कपडे पहने दो नकाबपोश हमलावर क्लासनिकोव रायफल के साथ सीधे पत्रिका के दफ्तर में घुसे। जहां पत्रिका की एडटोरियल मीटिंग चल रही थी।
3.हमलावरों ने मीटिंग में बैठे पत्रकारों को नाम ले-लेकर निशाना बनाया। खासकर कार्टून बनाने वाले चार प्रमुख कार्टूनिस्टों को उनका नाम लेकर गोली मारी गई। हमले में तीन जाने-माने कार्टूनिस्टों की मौत हो गई। फ्रांस में इन कार्टूनिस्टों की तूती बोलती थी। मरने वाले कार्टूनिस्टों में स्टीफन कार्बोनियर, जॉर्ज वोलिंस्की और ज्यां काबू शामिल हैं। कार्बोनियर इस अखबार के संपादक भी थे।
फ्रेंच भाषा में बात कर रहे थे हमलावर
4.प्रत्यक्षदर्शी महिला पत्रकार कोको के अनुसार आतंकी फ्रेंच भाषा बोल रहे थे और खुद को अलकायदा से बता रहे थे। उन्होंने कार्टूनिस्टों को गोली मारने के बाद कहा कि उन्होंने पैगंबर मोहम्मद पर छापे गए कार्टून का बदला ले लिया है। महिला ने खुद डेस्क के नीचे छिपकर अपनी जान बचाई। महिला के अनुसार मात्र पांच मिनट में पूरी वारदात को अंजाम दिया गया।
5.हमलावरों ने पत्रिका के दफ्तर में घुसने से पहले बाहर सिक्योरिटी में तैनात पुलिसकर्मियों को गोली मारी। इस नजारे को आसपास के लोगों ने देखा तो उन्होंने तुरंत पत्रिका के स्टाफ को इसकी जानकारी दी। जिसके बाद पत्रिका के काफी लोग छत पर पहुंच गए।
6.छत पर मौजूद स्टाफ के लोगों ने अपने मोबाइल फोन से घटना की कई वीडियो बनाई। जिसमें आतंकियों की पूरी वारदात कैद हो गई।
7.कमाल की बात रही कि पूरी वारदात को अंजाम देने के बाद आतंकी इत्मीनान से फरार हो गए। पुलिस को उनके आने-जाने की कोई भनक नहीं लग सकी।
हाइजैक गाड़ी से दिया वारदात को अंजाम
8.हमलावर जिस काले रंग की गाड़ी से आए वो उन्होंने कुछ समय पहले हाइजैक की थी। वारदात के बाद भी हमलावर इसी से फरार हुए। इसके बाद उन्होंने यह कार पेरिस के नार्थ ईस्ट एंट्री प्वाइंट पर छोड़ दी।
9.पत्रिका में पूर्व में पैगंबर मोहम्मद का कार्टून छापा गया था। जिसके बाद फ्रांस के एक मुस्लिम संगठन ने उसके खिलाफ मुकदमा किया था। लेकिन फ्रांस की कोर्ट ने इस मुकदमे को खारिज कर दिया था।
10.हमले के बाद फ्रांस के राष्ट्रपति फ्रांसो ओलांद ने कहा कि देश पर आतंकी हमलों के कई प्रयासों को सुरक्षाकर्मियों ने विफल कर दिया था। आतंकियों की यह वारदात भी इसी कड़ी का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि हम इस हमले के आरोपियों को किसी भी हाल में और कहीं से भी ढूंढकर इसकी सजा देंगे।