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ऑस्ट्रेलियाई चुनावों की दस दिलचस्प बातें

Sat, 07 Sep 2013 09:03 AM IST
Updated Sat, 07 Sep 2013 09:03 AM IST
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ten interesting things about australian elections

ऑस्ट्रेलिया में शानिवार को आम चुनावों के लिए मतदान जारी हैं। इनमें लेबर पार्टी के वर्तमान प्रधानमंत्री केविन रड और विपक्षी दल लिबरल-नेशनल गठबंधन के नेता टोनी एबट के भाग्य का फैसला होगा।

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ऑस्ट्रेलिया के चुनावों में ऐसा क्या है जो इन चुनावों को कुछ खास बनाता है। यहां जिक्र है दस खास बातों का-

सबसे लंबा मतपत्र
इस बार के चुनावों में 50 से अधिक पार्टियां चुनाव मैदान में हैं जो पिछली बार 2010 के चुनावों की तुलना में दोगुनी हैं।

वहीं हाउस ऑफ रिप्रजेंटेटिव्स और सीनेट की 529 सीटों के लिए 1188 रिकॉर्ड उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं।

मजे की बात है कि करीब एक मीटर लंबे मतपत्र को देखने के लिए न्यू साउथ वेल्स, विक्टोरिया और क्वींसलैंड स्थित मतदान केंद्रों के लिए हजारों लेंसों का ऑर्डर दिया गया है।
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अजीबोगरीब पार्टियां
इन चुनावों में पार्टियों के कई अजीबो-गरीब नाम सामने आ रहे हैं। इन नामों की वजह से ही यह पार्टियां लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच रही हैं।

बुलेट ट्रेन फॉर ऑस्ट्रेलिया पार्टी- यह अपनी एकमात्र नीति वाली पार्टी है, जो हाई स्पीड ट्रेन नेटवर्क चाहती है। पार्टी का वादा है कि वह सबसे कम कष्ट देने वाली पार्टी होगी।
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विकीलीक्स पार्टी ऑस्ट्रेलिया- इस पार्टी का गठन विक्टोरिया की सीनेट सीट के लिए जुलियान असांजे को समर्थन देने के उद्देश्य से किया गया है।

पायरेट पार्टी ऑस्ट्रेलिया- इसके गठन का उद्देश्य कोई किले गाड़ना नहीं है, हां बौद्धिक संपदा मसलों से ज़रूर कोई लेना-देना है।

ऑस्ट्रेलियन सेक्स पार्टी- इस पार्टी के नाम को लेकर ऑस्ट्रिलयाई चुनाव आयोग को सोचना पड़ा कि कहीं यह नाम अश्लील तो नहीं है।

वोट की अनिवार्यता
कानून के तहत ऑस्ट्रेलिया के 18 वर्ष या इससे ऊपर आयु वाले हर व्यक्ति को मतदान करना अनिवार्य है।

यदि कोई व्यक्ति बिना किसी उचित वजह के ऐसा करने में असफल रहता है, तो उस पर जुर्माना लगाया जाता है।

जुर्माने का भुगतान न करने पर मामला अदालत ले जाया जाता है, दोषी पाए जाने पर 170 ऑस्ट्रेलियाई डॉलर का भुगतान करना होता है।

इसके साथ ही अदालती खर्चे का भी भुगतान करना होता है।

यहां चुनाव हमेशा शनिवार को कराने की परम्परा रही है।

ऐसा माना जाता है कि इस दिन अधिकांश लोग काम पर या चर्च नहीं जाते हैं।

दूर-दराज स्थित मतदान केंद्र
भले ही आप दुनिया के किसी कोने में, चाहे अंटार्किटका में क्यों न हों, मत न देने की कोई दलील नहीं चलती है।

तस्मानिया के अधिकारिक मतदान केंद्र के सबसे करीब 5500 किमी दूर स्थित होने के बावजूद अंटार्कटिका स्थित 50 से अधिक वैज्ञानिकों और कर्मचारियों को जहाज या मतदान अधिकारी के जरिए अपने मत भेजने होते हैं।


वे आगे फोन के ज़रिये इसकी जानकारी देते हैं।

घोषणाएं और लक्ष्य
चुनावों के प्रचार के दौरान देखा जा रहा है कि मीडिया का ध्यान कहीं न कहीं सेक्स अपील जैसी बातों से खींचा जा रहा है।

विपक्ष के नेता एबट ने तो अपनी एक उम्मीदवार की सेक्स अपील पर बधाई देते हुए मीडिया में तूफान तक खड़ा कर दिया।

वहीं प्रधानमंत्री रूड पर प्रमुख नेताओं की बहस के दौरान नोट्स का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया गया है।

जबकि उनका कहना है कि उन्होंने ऐसा इसलिए किया क्योंकि किसी ने उन्हें इस बारे में नहीं बताया। उन्होंने सही मंशा से ऐसा किया।

घटिया साक्षात्कार
चुनाव प्रचार के दौरान आव्रजन विरोधी वन नेशन पार्टी की 27 वर्षीय पोस्टर चाइल्ड स्टेफीनी बेनिस्टर का सेवन न्यूज टेलीविजन पर इस वर्ष के चुनावों का सबसे खराब साक्षात्कार देखने को मिला।

बेनिस्टर के अनुसार इस्लाम एक देश है और यहूदी जीसस क्राइस्ट के अनुयायी हैं।

आवाजाही संबंधी परेशानी
शनिवार को होने वाले इन चुनावों में मतदाताओं के सामने ऑस्ट्रेलिया से बाहर होना सबसे बड़ी परेशानी है।

मतदाता केंद्रों तक पहुंच पाना अपने आप में बड़ी समस्या है।

यहां सबसे बड़ा संसदीय चुनाव क्षेत्र पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया का डूरक ज़िला है, जो आकार में फ्रांस से करीब तीन गुना बड़ा है।

कैदियों का अधिकार
ऑस्ट्रेलियाई चुनाव आयोग के नियमों के अनुसार तीन साल से कम की सजा काट रहे कैदियों को संघीय चुनावों में हिस्सा लेने का पूरा अधिकार है।

लेकिन लंबी सजा पाने वाले कैदी वोट नहीं डाल सकते हैं।

मर्डोक की मीडिया घुसपैठ
ऑस्ट्रेलिया में रूपर्ट मर्डोक का मीडिया में खासा दखल रहा है और यह बात किसी से छुपी नहीं है कि वह इस सरकार को बदलने के पक्ष में हैं।

उनके दोनों दैनिक समाचार पत्र जमकर प्रधानमंत्री रड के खिलाफ प्रचार में जुटे हुए हैं।

सुरिक्षत सीटें
उत्तरी-पश्चिमी विक्टोरिया स्थित माली में चुनावी संघर्ष देखने की उम्मीद है।

पिछले 20 वर्षों में पहली बार यहां लिबरल और नेशनल्स के बीच आमने-सामने का मुकाबला है।

नतीजा चाहे कुछ भी हो, यह सीट हमेशा से एक सुरक्षित गठबंधन सीट रही है।

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