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बलोचों का दमन रोके पाक या फिर झेले प्रतिबंध : यूरोपियन यूनियन

Fri, 23 Sep 2016 11:23 PM IST
एजेंसी/ जेनेवा
एजेंसी/ जेनेवा Updated Fri, 23 Sep 2016 11:23 PM IST
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Stop Baloch atrocities or face sanctions: European Union to Pakistan

पाकिस्तान अपने बलूचिस्तान प्रांत में मानवाधिकार हनन के मसले पर बुरी तरह से घिर गया है। इस मामले में भारत के खुलकर बलोचों का समर्थन करने के बाद यूरोपीय संघ ने पाकिस्तान को कड़ी फटकार लगाई है। उसने साफ कहा है कि पाकिस्तान बलोचों का दमन बंद करे या फिर प्रतिबंध झेलने के लिए तैयार रहे। यूरोपीय संसद के उपाध्यक्ष रीस्जार्ड जारनेकी ने कहा कि बलूचिस्तान में अगर पाकिस्तान मानवाधिकारों का हनन बंद नहीं करेगा तो यूरोपीय संघ उस पर आर्थिक और राजनीतिक प्रतिबंध लगा सकता है। उन्होंने कहा कि अगर हमारे साझेदार देश मानवाधिकार को स्वीकार नहीं करते हैं तो ऐसी स्थिति में उसके खिलाफ आर्थिक प्रतिबंध लगाने की मंजूरी हासिल की जा सकती है।

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जेनेवा में प्रदर्शनकारी बलोचों के दमन को लेकर पाकिस्तान के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने बलूचिस्तान में मारे गए अपने नेताओं को श्रद्धांजलि भी दी है। इन सभी घटनाओं पर करीबी नजर रखने वाले जारनेकी ने कहा कि यह समय बयानबाजी का नहीं बल्कि कार्रवाई करने का है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के साथ उनके द्विपक्षीय आर्थिक और राजनीतिक संबंध है। अगर पाकिस्तान बलूचिस्तान के प्रति अपनी नीति में बदलाव नहीं करता है तो हम पाक और वहां की सरकार के प्रति अपना नजरिया बदलने पर मजबूर हो जाएंगे। जारनेकी ने कहा कि पाकिस्तान दोहरा रवैया अपना रहा है। एक तरफ वह दुनिया को अपना साफ-सुथरा चेहरा दिखाता है तो दूसरी तरफ वह मानवाधिकार हनन में लिप्त है।
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उन्होंने कहा कि 28 सदस्यीय यूरोपीय संघ के सभी सदस्यों को बलोचों के प्रति पाकिस्तान के दमनकारी रवैये और नीतियों पर प्रतिक्रिया व्यक्त करनी चाहिए। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि पाकिस्तान की समस्या यह है कि वहां सेना का सरकार पर नियंत्रण है। व्यावहारिक रूप में इस्लामाबाद में बैठी सरकार का स्थिति पर कोई नियंत्रण नहीं है। अब समय आ गया है कि ऐसी स्थिति पर प्रतिक्रिया व्यक्त की जाए। बलूचिस्तान के लोगों के साथ हमें एकजुटता दिखानी होगी।

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अहम है ईयू के साथ पाक की साझेदारी

Stop Baloch atrocities or face sanctions: European Union to Pakistan

चीन के बाद यूरोपीय संघ पाकिस्तान का सबसे बड़ा आर्थिक साझेदार है। पाक के कुल अंतरराष्ट्रीय व्यापार में ईयू की हिस्सेदारी 13 फीसदी है। वहीं, पाक के कुल निर्यात में ईयू की हिस्सेदारी करीब 20 फीसदी है जो सबसे अधिक है।

पाकिस्तान ईयू को मुख्य रूप से कपड़ा, चमड़ा उत्पाद और मेडिकल उपकरणों का निर्यात करता है और बदले में ईयू से इंजीनियरिंग, केमिकल और दवा उत्पादों का आयात करता है। वर्ष 2001 से ही ईयू पाकिस्तान के साथ मजबूती से जुड़ा हुआ है।

वर्ष 2009 में हुई ईयू-पाकिस्तान समिट के बाद से दोनों पक्षों के बीच रिश्ते नई ऊंचाई पर पहुंच गए। वर्ष 2005 में पाकिस्तान में भयंकर भूकंप से हुई तबाही के बाद मानवीय और पुनर्निर्माण कार्यों के लिए ईयू ने पाक को 12 करोड़ डॉलर से अधिक की राशि दी थी। इतना ही नहीं ईयू पाकिस्तान को स्वास्थ्य, शिक्षा, पर्यावरण, अर्थव्यवस्था आदि के क्षेत्र में विकास के लिए करोड़ों डॉलर की सहायता देता आया है।

पीएम मोदी के उल्लेख से बलूचिस्तान बना अंतरराष्ट्रीय मसला

Stop Baloch atrocities or face sanctions: European Union to Pakistan

स्वतंत्रता दिवस पर भाषण में पीएम नरेंद्र मोदी ने बलूचिस्तान में मानवाधिकार हनन पर चिंता जताई थी। इसके बाद से दुनिया भर में बलोचों के प्रदर्शन और बलूचिस्तान में दमन के मुद्दे को तवज्जो मिलने लगी। अंतरराष्ट्रीय मंच पर पाकिस्तान के कश्मीर राग अलापने रहने के बीच यह मसला हर मंच पर उठने लगा। एक दिन पहले ही भारत ने संयुक्त राष्ट्र में इस मसले को पुरजोर तरीके से उठाया था।

तो क्या यह भारत की कूटनीतिक जीत है
उड़ी हमले के बाद से पाकिस्तान को अंतरराष्ट्रीय समुदाय में अलग-थलग कराने की रणनीति पर काम कर रहे भारत के लिए इसे एक मनोवैज्ञानिक विजय माना जा सकता है। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय कूटनीति के जानकारों के मुताबिक बलूचिस्तान के मसले से भारत की सबसे बड़ी चिंता सीमा पार आतंकवाद से कुछ लेना देना नहीं है।

इतना जरूर है कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय में बलूचिस्तान के एक मुद्दा बनने से पाकिस्तान का कश्मीर को लेकर किए जाने वाले दावे कमजोर पड़ेंगे। मानवाधिकार के मसले पर दुनिया के सामने उसकी सच्चाई सामने आएगी और वह हर मंच पर कश्मीर राग अलापने की बजाय रक्षात्मक रुख अपनाते हुए अपना बचाव करता दिख सकता है। इन सबसे भारत के आक्रामक रुख को और ताकत मिलेगी।

बुग्ती को शरण की खबर से पाक बौखलाया

Stop Baloch atrocities or face sanctions: European Union to Pakistan

बलोच नेता ब्रह्मदाग बुग्ती को भारत की ओर से शरण देने की रिपोर्ट पर पाकिस्तान बौखला गया है। पाक रक्षा मंत्री ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि इससे भारत आतंकवाद का आधिकारिक प्रायोजक साबित हो जाएगा। ख्वाजा आसिफ ने ट्वीट कर कहा, ‘भारत अगर बुग्ती को शरण देता है तो यह एक देश द्वारा एक आतंकवादी को शरण देने की बात होगी।

इसलिए भारत को आतंकवाद का आधिकारिक प्रायोजक माना जाएगा।’ आसिफ का यह बयान बुग्ती के भारत में राजनीतिक शरण के लिए अर्जी देने के बाद आया है।

बलोच नेता इस समय स्विट्जरलैंड में हैं और उन्होंने जेनेवा में भारतीय दूतावास में अर्जी देकर भारत में शरण की गुहार लगाई है। नई दिल्ली से भी उन्हें सकारात्मक संदेश मिलने की उम्मीद है।

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