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कवर के साथ रंग बदलेगा ये स्मार्टफ़ोन
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क
Updated Wed, 22 May 2013 01:19 PM IST
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फ़िनलैंड की मोबाइल कंपनी नोकिया के पूर्व कर्मचारियों ने ‘योला’ नाम का स्मार्टफ़ोन विकसित किया है जो ‘सेलफ़िश’ नाम के नए ऑपरेटिंग सिस्टम पर काम करेगा।
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दरअसल नोकिया ने वर्ष 2011 में ‘मीगो’ नाम की परियोजना पर बीच में ही काम छोड़कर अपने फ़ोन के लिए माइक्रोसॉफ्ट के विंडोज़ ऑपरेटिंग सिस्टम को अपना लिया था। इसी के बाद नोकिया के पूर्व कर्मचारियों ने यॉला पर काम शुरू कर दिया।
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‘योला’ फ़ोन को साल के अंत में बाज़ार में उतारा जाएगा और इसे सिर्फ़ ऑनलाइन खरीदा जा सकेगा। ‘योला’ का आना ऐसे वक्त हो रहा है जब बाज़ार में पहले से ही कई ऑपरेटिंग सिस्टम मौजूद हैं।
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‘योला’ के प्रमुख और सह-निर्माता ऐंटी सार्नियो कहते हैं, “पिछले दो सालों से बाज़ार में कोई अच्छा मोबाइल फ़ोन नहीं आया है। इससे नई कंपनियों के लिए मौके बढ़े हैं।”
विशेषताएँ
फ़ोन में 4.5 इंच स्क्रीन और आठ मेगापिक्सल कैमरा है। ये फ़ोन 4-जी नेटवर्क पर काम कर सकता है।
‘योला’ फ़ोन में ‘द अदर हाफ़’ नाम की एक खासियत है। इसका मतलब ये कि फ़ोन के रंगीन कवर को मन मुताबिक बदला जा सकता है, और मज़ेदार बात ये कि कवर बदलने के साथ ही फ़ोन के सॉफ्टवेयर में भी बदलाव देखा जा सकेगा।
वर्ष 2011 में नोकिया छोड़ने के बाद सार्नियो ने अपने पूर्व साथियों के साथ मिलकर एक नई कंपनी बनाई और ‘मीगो’ पर काम करना शुरू किया, हालाँकि उन्होंने ‘मीगो’ का नाम बदलकर ‘सेलफ़िश’ रख दिया।
दरअसल नोकिया के भीतर ये सभी लोग ऐपल के आईओएस और गूगल ऐंड्रॉयड को टक्कर देने के लिए एक नए मोबाइल ऑपरेटिंग सिस्टम पर काम कर रहे थे।
नोकिया ने ‘मीगो’ सॉफ्टवेयर पर चलने वाले फ़ोन एन9-00 को बाज़ार में उतारा भी लेकिन सार्नियो के मुताबिक इसे बाज़ार में जिस तरह का समर्थन मिलना चाहिए था, वो नहीं मिला।
सोर्नियो कहते हैं कि अगर नोकिया चाहे तो वो अपने मोबाइल फ़ोन में ‘सेलफ़िश’ का इस्तेमाल कर सकता है।
वो कहते हैं, “हमारा रवैया बहुत खुला है। हम दूसरे स्मार्टफ़ोन उत्पादकों से भी आग्रह कर रहे हैं कि अगर वो चाहें तो इस ऑपरेटिंग सिस्टम का इस्तेमाल कर सकते हैं।”